
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 13, 2023 9:56 PM IST
Hair Fall In Younger Age: हेयर फॉल की समस्या अब किसी उम्र या किसी मौसम में ही होने वाली हेयर प्रॉब्लम नहीं रही। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि, जहां पहले ऐसा कहा जाता है कि बुढ़ापे में लोगों के सिर से बाल गायब हो जाते हैं वहीं, अब 35-40 वर्ष की उम्र के बहुत से लोगों के सिर पर बाल नही दिखायी देते या उन्हें देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि वे हेयर लॉस या हेयर फॉल की समस्या से पीड़ित हैं।
समय से पहले बालों का झड़ना एक ऐसी समस्या है जो तेजी से बढ़ रही है और शहरों में रहने वाले लोगों में यह समस्या काफी अधिक देखी जा रही है। हेयर फॉल की परेशानी से राहत पाने के लिए लोग आनन-फानन में बाजार में मिलने वाले केमिकल प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं या आसपास के लोगों द्वारा बताए गए घरेलू नुस्खे अपनाने लगते हैं। लेकिन, इन सबसे पहले यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि हेयर फॉल की समस्या के मूल कारण क्या हैं? (Causes Of Hair Fall In Younger Age In Hindi)
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हेयर फॉल की प्रॉब्लम आज यंगस्टर्स में काफी अधिक देखी जा रही है और ये समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों में लगभग समान ही है। इसके अलग-अलग कारण हो सकते हैं। आइए जानें हेयर फॉल के कारण क्या हैं और इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
स्किन और बॉडी की तरह ही बालों को भी हमारी डेली डाइट से ही पोषण प्राप्त होता है और जब बालों को जरूरतभर का पोषण नहीं मिल पाता तो वे कमजोर होने लगते हैं और हेयर फॉल जैसी समस्याएं होने लगती हैं। बालों को जब सही मात्रा में मिनरल्स, विटामिंस और प्रोटीन नहीं मिल पाता तो बाल टूटकर गिरने लगते हैं और इससे ड्राई हेयर और रफ हेयर की समस्या होने लगती है। डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. शिल्पा मित्तल (Dr. Shilpa Mittal, Practicing nutritionist and diet consultant) के अनुसार, विटामिन बी12, बायोटिन, विटामिन सी और विटामिन ए की कमी से हेयर फॉल की समस्या गम्भीर हो सकती है।
शरीर में बनने वाले अलग-अलग तरह के हार्मोन्स का स्तर भी कई तरह की प्रॉब्लम्स को बढ़ा देता है। इससे, बाल भी कमजोर हो सकते हैं और वे टूटकर गिरने लगते हैं। स्ट्रेस बढ़ाने वाले हार्मोन्स और थायरॉइड ग्लैंड से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण भी हेयर फॉल शुरू हो सकता है।
जैसा कि तनाव, एंग्जायटी, डर और डिप्रेशन जैसी मानसिक परेशानियां आज के समय में हर किसी के जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं और इनका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। पढ़ाई के साथ-साथ कॉम्पिटिशन में बने रहने, परिवार की ज़िम्मेदारियों, रिश्तों में तनाव और अन्य तरह की समस्याओं के बीच मानसिक स्तर पर यंगस्टर्स को बहुत अधिक दबाव महसूस होता है। ऐसे में यह तनाव उनके लिए हेयर फॉल समस्या को बढ़ाने का काम भी कर सकता है।
फैशनेबल दिखने के लिए लोग अपने बालों के साथ अलग-अलग तरह के प्रयोग करते हैं और कई तरह के स्टाइलिंग प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल भी करते हैं। नतीजन बालों का टेक्स्चर खराब हो सकता है, उन्हें नुकसान पहुंच सकता है और इससे हेयर फॉल तेजी से बढ़ सकता है।कर्लिंग और पर्मिंग से लेकर स्ट्रेटनिंग और हेयर कलरिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रॉडक्ट्स में कई तरह के केमिकल्स होते हैं जो बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इनकी वजह से बालों या झड़ना या गंजेपन का खतरा भी बढ़ने लगता है।
इनके अलावा कई बार कुछ दवाइयों के सेवन से साइड-इफेक्ट्स होने पर हेयर फॉल की समस्या गम्भीर हो सकती है।जबकि पारिवारिक मेडिकल हिस्ट्री या अनुवांशिकी और प्रदूषण जैसे कारणों से भी बहुत से लोगों को समय से पहले ही बालों के झड़ने की समस्या से गुजरना पड़ सकता है।