... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 7:25 PM IST
Read this in English.
अनुवादक – Usman Khan
मैं 28 वर्षीय व्यक्ति हूं और काफी दिनों से मेरे बाल लगातार झड़ रहे हैं। मैं इस संबंध में जब डॉक्टर से मिला, तो उन्होंने बताया कि मुझे बताया कि मुझे मेल पैटर्न बॉल्ड्सनेस (male pattern baldness) यानि पुरुषों में गंजापन की समस्या है। ये क्या होता है और इसके क्या कारण हैं? पढ़ें- सिर में कहीं कहीं पर गंजापन है, क्या करूं?
इस सवाल का जवाब रिचफील के फाउंडर डॉक्टर अपूर्व शाह दे रहे हैं।
एंड्रोजेनिक एलोपेसिया या पुरुषों में गंजापन एक अपरिवर्तनीय प्रगतिशील विकार है। इसके कोई प्रकार नहीं हैं लेकिन बाल झड़ने के कई चरण होते हैं। बाल सिर के मुकुट क्षेत्र (crown area) के आसपास गिरने शुरू होते हैं और फाइनल स्टेज तक आते-आते सिर के किनारों के आसपास केवल एक धारी रह जाती है और बाकी खोपड़ी गंजी हो जाती है। ये सात चरणों में होता है, जैसा कि आप नीचे फोटो में देख सकते हैं।
हालांकि इन चरणों से गंजेपन का पता लगाना मुश्किल है क्योंकि अब इस स्थिति ज्यादा गंभीर होती जा रही है। अब हेयर लाइन का गठन एम और यू सेप में भी होने लगा है। आजकल आपने देखा होगा कि मुकुट के सामने पूरी खोपड़ी प्रभावित होने लगी है और यहां बालों का घनत्व भी कम हो रहा है। पुरुषों में गंजापन युवा अवस्था खासकर 20 की उम्र में शुरू हो जाता और धीरे-धीरे ये प्रक्रिया तीस की उम्र तक बढ़ती रहती है।
ये हैं कारण
इसका मुख्य कारण मेल हार्मोन डीटीएच (DHT) और आनुवंशिक कमजोरी है। इसके अलावा तनावपूर्ण जीवन शैली भी इसका एक मुख्य कारण है। इसमें खराब खानपान, कम सोना और कैरियर को लेकर चिंता करना शामिल है।
इससे बचने का तरीका
इससे बचने के लिए उचित उपचार और बेहतर जीवन शैली अपनाना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए एंटी-मेल हार्मोन या डीटीएच ब्लॉकर्स भी उपलब्ध हैं। ये फिनेपेसिया (finepecia), प्रोपेसिया (propecia) और फिनेस्टरराइड (finasteride) की तरह फरमाक्लोजिकल फॉर्म में उपलब्ध हैं।
डीटीएच ब्लॉकर्स का उद्देश्य पतले होने की प्रक्रिया की गति को धीमा करना होता है ताकि बाल लंबे समय तक बने रहें। अच्छा खानपान, पर्याप्त नींद लेना और योग करना आदि से भी इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
चित्र स्रोत - Shutterstock