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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 7:28 PM IST
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अनुवादक – Usman Khan
बाथ टब में झाग से भरे पानी में लूफा से बदन को रगड़कर नहाने का मजा भला किसे नहीं आता है। कई लोग बैक या आर्म्स पर हुए ब्रेकआउट्स को साफ करने के लिए भी लूफा रगड़ लेते हैं। मशहूर डर्मटालजिस्ट डॉक्टर सेजल शाह के अनुसार, अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो आपको सावधान होने की ज़रुरत है। पढ़ें- हिप्स पर दाने और मुंहासे? दूर करने के 3 तरीके
अगर आप शरीर से मैल छुटाने के लिए स्पंजी स्क्रबर का इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसा करने से बैक्टीरिया फैलने में आसानी हो सकती है। यहां तक कि आपको कुकुम्बर या प्लास्टिक से बने लूफा का भी उपयोग नहीं करना चाहिए। दरअसल लूफ शरीर से डेड स्किन सेल्स को निकालता है लेकिन जब आप उसे अगले इस्तेमाल के लिए बाथरूम में रख देते हैं, तो संभव है कि उससे बैक्टीरिया फ़ैल सकता है। जिससे पिंपल्स अधिक बदतर हो सकते हैं और नए ब्रेकआउट्स हो सकते हैं। इसके साथ लूफा की रगड़ लगने से आपकी स्किन में जलन, सूजन और रेडनेस पैदा हो सकती है।
सुझाव- बैक्टीरिया से बचने के लिए आप अपने लूफा को सूखा रखने की कोशिश करें। इसके लिए उसे बाथरूम की खिड़की पर रखें और थोड़ी देर के लिए खिड़की व दरवाजा खुला रखें, ताकि स्क्रबर ड्राई हो सके। सबसे बड़ी बात, ब्रेकआउट होने पर इसके इस्तेमाल से बचें। अगर आप पिंपल्स आदि से परेशान हैं, तो अपको अच्छी क्वालिटी वाले लूफा का ही यूज करना चाहिए।
स्टीम बाथ हो सकता है फायदेमंद
स्टीम बाथ लेना पिंपल्स के इलाज के लिए बेहतर साबित हो सकता है। दरअसल इससे शरीर के छिद्र खुलते हैं और अच्छी तरह साफ़ हो जाते हैं। इसके अलावा स्टीम से बर्थ सर्कुलेशन बढ़ता है। हालांकि स्टीम लेने के बाद पसीना दूर करने के लिए आपको तुरंत स्नान कर लेना चाहिए।
चित्र स्रोत - Shutterstock