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Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:58 AM IST
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अनुवादक – Shabnam Khan
बहुत सी महिलाएं सोचती हैं कि पिंपल या मुंहासे शरीर के अंदर टॉक्सिन बढ़ने से होते हैं, और इन्हें फेशियल या डीटॉक्स से ठीक किया जा सकता है तो आप गलत हैं। मुंबई के फॉर्टिस हॉस्पिटल की कंसल्टेंट डर्माचोलॉजिस्ट डॉक्टर स्मृति मासवा सिंह कहती हैं कि ये एक गलतफहमी है कि मुंहासे टॉक्सिन की वजह से होते हैं। खून साफ करने या डीटॉक्सीफिकेशन प्रोसेस से मुंहासे ठीक नहीं किये जा सकते।
मुंहासे हार्मोन में आने वाले बदलाव से होते हैं जो आमतौर पर 11-15 साल की उम्र में होते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि बड़ी उम्र के लोगों को मुंहासे नहीं होते। कई बार 30 या 40 साल के लोगों को पहली बार मुंहासे होते हैं। ऐसा शरीर में उस उम्र में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण होता है। ये अंडाशय में हार्मोन के बदलाव के कारण हो सकता है। इस कारण की वजह से जब मुंहासे होते हैं तो वो समस्या बहुत बड़ी भी हो सकती है। खासतौर पर किशोरावस्था या प्यूबर्टी के दौरान। लोगों को लगता है कि थायरॉयड प्रॉब्लम या तनाव की वजह से मुंहासे या पिंपल होते हैं, लेकिन ये सही नहीं हैं। हां, तनाव से ये समस्या बढ़ जरूर सकती है।
मुंहासे के समस्या हर किसी को अलग तरह से होती है, जिनकी स्किन नॉर्मल और ड्राई है उन्हें ये कम होती है जबकि ऑयली स्किन वालों को मुंहासों की समस्या ज्यादा होती है। मुंहासों का मुख्य कारण हार्मोन ही है तो इससे छुटकारा पाने के लिए डीटॉक्स ट्रीटमेंट या फेशियल करवाने का क्या फायदा? ये तो पैसों की बर्बादी है। डॉक्टर स्मृति मुंहासों के इलाज के लिए डीटॉक्सीफिकेशन की सलाह नहीं देती।
इसके अलावा भी मुंहासों के कुछ कारण हो सकते हैं। जैसे कि कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट का ज्यादा इस्तेमाल, खासतौर पर ऐसे प्रॉडक्ट जो ऑयल ग्लैंड पोर बंद कर देते हों। कुछ दवाएं जिनमें कॉर्टिकोस्टेरॉइड, एंड्रोजीन और लिथियम होता है उनसे मुंहासे हो सकते हैं। इसलिए अगर आपको मुंहासे हुए हैं तो पहले किसी डर्मेटोलोजिस्ट से संपर्क करें, और मुंहासे का सही कारण जानें।
चित्र स्रोत - Youtube- Garnier India