जानिये कैसे आपकी त्‍वचा पर निखार लाता है ये सुंदर फूल

क्या आप अपनी त्वचा में निखार और बालों में चमक लाना चाहते हैं?

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Written By: Editorial Team | Updated : January 4, 2017 7:15 PM IST

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अनुवादक – Usman Khan

कैमोमाइल (Chamomile) को आसान भाषा में बबूने का फूल भी कहा जाता है। इस कमाल के फूल का तेल किसी जादुई चिकित्‍सीय औषधी से कम नहीं है। सदियों से इस तेल का इस्‍तेमाल बुखार, कोल्ड, अनिद्रा जैसी समस्‍याओं के इलाज के लिए किया जाता रहा है। इस फूल के तेल के और क्‍या-क्‍या स्‍वास्‍थ्‍य लाभ हैं, आइए जानते हैं: पढ़ें- जानिये आपको कैसे हेल्दी रखती है कैमोमाइल चाय

1) स्‍किन एलर्जी से बचाने में सहायक

एक्जिमा (Eczema), मुंहासे और डर्मटाइटिस (dermatitis) स्किन एलर्जी से जुड़ी कॉमन प्रॉब्‍लम्‍स हैं। आप इन समस्‍याओं से कैमोमाइल तेल से काफी हद तक छुटकारा पा सकते हैं। इस तेल में एजुलीन (azulene) नाम का यौगिक पाया जाता है, जो एलर्जी में आराम पहुंचाता है। इस तेल को स्किन पर लगाने से एलर्जी खत्‍म होती है और आराम मिलता है। इसके लिए इसका इस्‍तेमाल ऐसे करें:

  • एक कप में उबला पानी लें और उसमें कैमोमाइल तेल की कुछ बूंद मिला लें।
  • इसके ठंडा होने पर इसे किसी साफ स्‍प्रे बोतल में डाल दें।
  • इस मिश्रण को कॉटन की सहायता से प्रभावित हिस्‍से पर लगाएं।
  • 15 मिनट बाद हिस्‍से को धो लें।
  • इसके अलावा तेल को नहाने के पानी में मिलाकर भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

2) रंगरूप निखारने में सहायक

कैमोमाइल का इस्‍तेमाल प्राचीन काल से त्‍वचा में निखार के लिए किया जाता रहा है। इससे त्‍वचा पर अनचाहे निशान हटाने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इससे रंगरूप निखारने में सहायता मिलती है। इस मामले में इसका इस्‍तेमाल ऐसे करें:

  • कैमोमाइल तेल को जैतून और बादाम के तेल के साथ मिलाकर स्किन पर लगाएं।
  • कुछ समय बाद त्‍वचा को पानी से धो लें।

3) बालों को बनाए स्‍वस्‍थ और चमकदार

कैमोमाइन का तेल सिर में लगाने से डैन्‍ड्रफ दूर करने में मदद मिलती है और सिर का सूखापन खत्‍म होता है। इस तेल में हेयर लाइटनिंग तत्‍व होते हैं। डार्क शेड्स हेयर वाले लोग सुनहरे बाल पाने के लिए इसका इस्‍तेमाल कर सकते हैं। बालों में चमक लाने के लिए इस तेल का नियमित रूप से उपयोग करना चाहिए। इस मामले में इसका इस्‍तेमाल ऐसे करें:

  • शैम्‍पू में कैमोमाइल तेल की कुछ बूंदे मिलाकर अपने सिर पर लगाएं।
  • दूसरा तरीका ये है कि बालों को शैम्‍पू से धोने के बाद इस तेल को सिर पर लगाएं।

4) चोट के निशान और घाव भरने के लिए

रीजेनरेटिंग गुणों के होने के चलते ये तेल चिकित्‍सा सुविधा में मदद करता है। इस तेल को सर्जरी के घाव पर लगाने से आराम मिलता है और निशान दूर होते हैं। इस मामले में इस तेल का इस्‍तेमाल ठीक वैसे करें, जैसे ऊपर एलर्जी के मामले में बताया गया है।

चित्र स्रोत - Shutterstock

संदर्भ: 1. Dohil MA. Natural ingredients in atopic dermatitis and other inflammatory skin disease. J Drugs Dermatol. 2013 Sep;12(9 Suppl):s128-32. PubMed PMID: 24002161. 2.Pazyar N, Yaghoobi R, Rafiee E, Mehrabian A, Feily A. Skin wound healing andphytomedicine: a review. Skin Pharmacol Physiol. 2014;27(6):303-10. doi:10.1159/000357477. Epub 2014 Jun 27. PubMed PMID: 24993834.


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