... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Editorial Team | Updated : January 5, 2017 8:59 AM IST
सर्जिकल लिफ्ट ढीली त्वचा के लिए उपलब्ध इकलौती ट्रीटमेंट नहीं है। थ्रेड लिफ्ट्स तकनीक भी चेहरे, गालों और गले की झुल चुकी त्वचा के इलाज़ का नया तरीका है। इसलिए अगर आप फेसलिफ़्ट कराने की सोच रही हैं लेकिन आपको ऑपरेशन नहीं कराना तो थ्रेड लिफ्ट आपके लिए एक अच्छा पर्याय है। डॉ. त्रासीज़ क्लिनिक एंड ला पाइल में कंसल्टेंट डर्मटालजिस्ट डॉ. शेफाली त्रासी नेरूरकर (एमडी स्किन) ने थ्रेड लिफ्ट्स के बारे में विस्तार से बताया। ताकि आपको मिल सके सही जानकारी।
थ्रेड लिफ्ट्स क्या है?
थ्रेड लिफ्ट्स एक संवेदनशील नॉन-सर्जिकल प्रक्रिया है जो आपके चेहरे की ढीली हुई त्वचा को टाइट करने का काम करता है। जो आपको जवान दिखने में मदद करता है। फीदर इसे लिफ़्ट सर्ज़री के नाम से भी जाना जाता है। इस सर्जरी में धागों की मदद से त्वचा को भौहों, गालों, चेहरे और गले की झुलती हुई त्वचा को हल्के से खींचा जाता है। इस सर्ज़री में त्वचा पर कोई निशान नहीं रहता।
थ्रेड लिफ्ट्स कैसे किया जाता है?
थ्रेड लिफ्ट्स में चोट को लगाए जानेवाले टांकों के दौरान इस्तेमाल होनेवाले धागों की तरह के धागों का इस्तेमाल किया जाता है। थ्रेड लिफ्टस की शुरुआत से पहले त्वचा पर निशान बनाए जाते हैं। जहां से थ्रेड लिफ्ट्स की शुरुआत करनी है और जहां ख़त्म करना है और आगे बढ़ने की दिशा को मार्कर की मदद से उकेरा जाता है। मार्किंग के अनुसार डर्मटालोजिस्ट धागों को त्वचा में डालता है। इन धागों को सीरिंज की मदद से त्वचा में उतारा जाता है जो ढीली हो चुकी त्वचा को कसने के साथ उसे आकर्षक भी बनाता है। यह एक सस्पेंशन केवल की तरह काम करता है जो सहारा देने का काम करता है। धागों के साथ नये कोलेजन बनते हैं जो त्वचा को कसने का काम करते हैं और ट्रीटमेंट लेने वाली व्यक्ति को मनचाहे ढ़ंग से स्किन लिफ्ट मिलती है।
इन धागों में polydioxanone (PDO) नामक एक मटेरिअल होता है जो एक घुलनशील टांका है और थ्रेड लिफ्ट के लिए उपयोग के लिहाज से बहुत ही सुरक्षित हैं। क्योंकि इसका बहुत सी सर्ज़री और मेडिकल कार्यों के लिए इस्तेमाल होता है। यही नहीं एक मटेरिअल के तौर पर भी इससे कभी साइड-इफेक्ट नहीं हुए।
इस प्रक्रिया में कितना समय लगता है?
थ्रेड लिफ़्टस में सर्ज़िकल लिफ़्ट्स की तरह एनेस्थिसिया, अस्पताल में भर्ती होने या रिकवरी के लिए बहुत देर तक इंतज़ार नहीं करना पड़ता। यह प्रक्रिया कुछ घंटों में पूरी हो जाती है और ट्रीटमेंट करानेवाला व्यक्ति उसी दिन घर जा सकता है। यही नहीं इसका असर तुरंत दिखता है जो अगले 2 महीनों तक लगातार बेहतर होने लगता है।
यह गाल, चेहरे, होठों, नाक और हाथों पर कैसे काम करता है?
थ्रेड लिफ़्ट्स की प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार के घुलनशील धागों का इस्तेमाल करके त्वचा को कसने का काम करता है। यह प्रक्रिया भौंहों के बाहर के हिस्से, जबड़ों को कम दिखाते हुए गालों, आंखों के आसपास की त्वचा, मुंह और नाक के आसपास की त्वचा को कसने का काम करता है। यह डबल चिन को कम करने, गले की त्वचा में सिकुड़न हटाने और प्रेगनेंसी के बाद पेट की त्वचा को कसने का काम करता है।
थ्रेड लिफ़्ट किसे करानी चाहिए?
अगर आपको आपके चेहरे और गले की त्वचा लटकती हुई दिखे तो आप यह ट्रीटमेंट ले सकते हैं। साथ ही 30 साल से 60 साल की उम्र के ऐसे लोग जिनकी त्वचा अच्छी है उन्हें थ्रेड लिफ्ट करानी चाहिए ।
इसका असर कितने समय तक रहता है?
सर्ज़िकल लिफ़्ट के उलट थ्रेड लिफ़्ट नॉन सर्ज़िकल है और इसलिए इसके फायदे 18 महीने से 5 सालों तक रह सकता है। हालांकि यह ट्रीटमेंट करानेवाले व्यक्ति की उम्र, इस्तेमाल किए जा रहे धागों की संख्या और ट्रीटमेंट के बाद के रखरखाव पर आधारित होता है।
इसके साइड-इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?
कुछ मामलों में प्रक्रिया के बाद घाव और निशान बन जाते हैं। हालांकि अगर किसी अनुभवी डर्मटालजिस्ट से यह ट्रीटमेंट करायी जाती है तो इसके साइड-इफेक्ट बहुत कम होते हैं। इसीलिए बहुत ज़रूरी हो जाता है कि आप किसी अनुभवी और योग्य डर्मटालजिस्ट से ट्रीटमेंट कराएं। कुछ लोगों को सूजन, थकान और त्वचा फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
थ्रेड लिफ़्ट की प्रक्रिया का खर्चा कितना होता है?
थ्रेड लिफ़्ट की प्रक्रिया का खर्चा इसमें इस्तेमाल होनेवाले धागों और फे लिफ़्टिंग कराए जानेवाले शरीर के हिस्से के आधार पर तय होता है। औसतन थ्रेड लिफ़्ट में प्रति थ्रेड रु. 1500/- से रु. 6000/- तक खर्च होता है।
Read this in English.
अनुवादक -Sadhna Tiwari
चित्र स्रोत- Dr Shefali Trasi Nerurkar