रेट्रोफिट वडोदरा में अभ्यंगम स्नान का अनुभव

केरली आयुर्वेद के वडोदरा सेंटर में मसाज कराने से मुझे मिली ताज़गी और आत्मिक सूकून।

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Written By: Editorial Team | Published : February 23, 2017 3:24 PM IST

पिछली बार या यूं कहें कि कई महीनों पहले मैंने स्वीडिश मसाज कराया और उससे मुझे बहुत आराम मिला। मै तक़रीबन एक महीने से फिल्ड पर काम कर रही हूं और मेरे शरीर को अब थोड़े आराम की ज़रूरत पड़ने लगी। तो इसीलिए मैंने एक बार फिर मसाज कराने की सोची लेकिन इस बार पारम्परिक भारतीय तरीके से। मसाज कराने के लिए मैं पहुंच गयी वड़ोदरा के रेट्रोफिट सेंटर। यह संस्था केरली आयुर्वेद के साथ मिलकर लोगों को सही तरीके से आयुर्वेदिक मसाज के ज़रिए उन्हें लाभ पहुंचाने की कोशिश करता है।

ऐसी रही शुरुआत...

मैंने अभ्यंगम मसाज कराने का फैसला किया जो केरल में मसाज की एक महत्वपूर्ण और मशहूर प्रक्रिया है। केरली आयुर्वेद से कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पश्मीन अंसारी और रेट्रोफिट, वडोदरा की प्रमुख और योगा एक्सपर्ट मीता ने अभ्यंगम मसाज की तरह विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक मसाज और सेहत के लिहाज से उनके फायदों के बारे में मुझे समझाया। साथ ही उन्होंने बताया कि किस तरह बहुत फायदेमंद होने के बावजूद भारत में इन्हें वैसी लोकप्रियता नहीं मिली जिसके ये हक़दार है। मसाज से पहले पीने के लिए मुझे ताज़ा निम्बू पानी दिया गया। मुझसे कहा गया कि अगर मैंने भारी-भरकम भोजन किया है तो मुझे दो घंटे इंतज़ार करना चाहिए।

कैसा रहा अनुभव!

मुझे मसाज रूम ले जाया गया और मेरा परिचय अनु से कराया गया जो मेरी मसाज करने वाली थी। अनु ने वड़ोदरा ब्रांच से जुड़ने से पहले केरली आयुर्वेद सेंटर में लगभग साढ़े 3 साल तक प्रशिक्षण लिया था। मैंने देश के विभिन्न हिस्सों में कई आयुर्वदिक मसाज सेंटर्स में मसाज करायी है। लेकिन उन सभी की तुलना में यहां जो मसाज रूम था वो अधिक व्यवस्थित और आकर्षक तरीके से तैयार किया गया था। जो किसी महंगे स्पा रूम जैसा प्रतीत हो रहा था। लकड़ी के फर्निचर, बेहतरीन रोशनी और सुगंधों की मदद से यहां जो माहौल तैयार किया गया था वह मुझे बहुत पसंद आया।

सिर और गर्दन की मालिश के साथ थेरेपी की शुरुआत की गयी। नैचुरल तरीके से घर में तैयार किए गए तेल से मेरी मालिश की गयी। यह गर्म तेल बहुत राहतभरा महसूस हो रहा था। मेरी थेरपिस्ट मेरे निर्देशानुसार मसाज में प्रेशर बढ़ा और कम कर रही थी। मुझे बहुत रिलैक्सिंग महसूस हो रहा था और मसाज के बाद उस रात मैं बच्चों की तरह आराम और बेफिक्री के साथ खूब सोयी।

मसाज के बाद मुझे एक बॉडी स्क्रब दिया गया जो विभिन्न प्रकार की दालों को मिलकर बनाया गया था। यह खुरदरा होने के बावजूद मेरी स्किन के लिए अच्छा था जिससे त्वचा पर मौजूद सारा चिपचिपापन आसानी से साफ़ हो गया। इससे मेरी त्वचा में खुजली या रुखेपन जैसी कोई समस्या भी महसूस नहीं हुई। इसी तरह मुझे एक हर्बल शैम्पू भी दिया गया जिसमें कोई खुशबू नहीं थी, लेकिन उससे मेरे बाल अच्छी तरह साफ हो गए।

अभ्यंगम स्नान के फायदे

अगर आप चाहें तो गर्म तेल से मालिश रोज़ाना भी करवा सकते हैं। इससे शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। मसाज से आपका पूरा शरीर और मन ताज़ा हो जाते हैं। अभ्यंग मसाज को आपके शरीर के प्रकृति दोष को शांत करने के लिहाज से भी मददगार माना जाता है, विशेषकर वात दोष के लिए तो यह बेहतरीन है। इससे त्वचा का टेक्स्चर भी अच्छा होता है। मसाज के समय त्वचा तेल को सोख लेती है और आपके जोड़ों में लुब्रिकेशन बढ़ता है। यही नहीं नियमित मसाज कराने से मांशपेशियां टोन अप होती हैं और आपका स्टैमिना भी बढ़ता है।

अंत में मैं यही कहूंगी...

मसाज के बाद मैं इलायची वाली हर्बल चाय का कप हाथ में लिए थेरेपी रूम से बाहर आयी। मैं एकदम तरोताज़ा और रिलैक्स्ड महसूस कर रही थी। मैंने चाय की चुस्कियां लेते हुए डॉ. अंसारी से बातें की और अभ्यंगम मसाज के बारे में और जानने की कोशिश की। उन्होंने जो एक खास बात बतायी कि एक लड़की होने की वजह से अभ्यंगम मेरे लिए खास तरीके से फायदेमंद है। जी हां, डॉ. पश्मीन अंसारी के अनुसार हमारे स्ट्रेस हार्मोन्स हमारे हिप्स के आसपास मौजूद होते हैं और इसीलिए शरीर के निचले हिस्से में मसाज से महिलाओं को अधिक आराम महसूस होता है।

मैंने केरली आयुर्वेद सेंटर के रेट्रोफिट में दोबारा जाने का मूड बना लिया है और मैं अगली बार किसी और प्रकार का मसाज कराऊंगी, और हां, जल्द ही एक फिर अभ्यंगम मसाज कराऊंगी। अगर आपने कभी अभ्यंगम मसाज कराया है तो आप समझ सकते हैं मैं इसके प्रति इतना उत्साहित क्यों हूं और अगर आपने पहले कभी अभ्यंगम मसाज नहीं कराया तो मैं एक बार इसे ट्राई करने की सलाह ज़रूर दूंगी। वैसे आपकी प्लानिंग के लिए बता दूं कि रेट्रोफिट, वडोदरा 90-मिनट की मसाज के लिए मुझे केवल रु.1500 खर्च करने पड़े, जो कि इस फायदेमंद मसाज के लिए मुझे बिल्कुल ज़्यादा नहीं लगे।

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अनुवादक-Sadhna Tiwari

चित्रस्रोत- Shutterstock

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