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आपका चेहरा जैसे आपके दिल की बात बताती है उसी तरह आपके सेहत के संकेत भी देते हैं। रूखी त्वचा, फटे होंठ और झुर्रियाँ जैसी छोटी-मोटी समस्या घरेलू उपायों से ठीक की जा सकती हैं, मगर कभी-कभी यह समस्या किसी बड़ी बीमारी का संकेत भी होती है। इसलिए हर समय इन छोटे संकेतों को बढ़ते उम्र का नाम देकर नजरअंदाज़ न करें, तुरन्त किसी त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। अप्रतीम गोयल, क्यूटिस स्किन स्टूडियो, मुम्बई ने बताया है कि कैसे एक आहार विशेषज्ञ इन संकेतों के द्वारा हेल्थ स्टेट्स के बारे में पता लगाते हैं।
वैसे तो चेहरे पर झुर्रियों का आना किसी को भी अच्छा नहीं लगता है लेकिन उम्र के लक्षणों को रोका नहीं जा सकता। लेकिन हर समय यही कारण नहीं होता है, महिलाओं में असमय झुर्रियों का आना आस्टिओपरोसिस के प्रथम लक्षण होते हैं। क्रोनोस लॉंगजिविटी रिसर्च इंस्च्युट इन फोनिक्स के अध्ययन के अनुसार समय से पहले जिन महिलाओं को मेनोपोज़ हो जाता है उनका बोन डेन्सिटी कमजोर और असमय झुर्रियों की समस्या होती है। विटामिन डी का अत्यधिक और कम होना असमय झुर्रियों के कारण होता है।
चेहरे पर अवांछित बाल-
चेहरे पर अवांछित बाल किस महिला को अच्छा लगता है, लेकिन इसके अलावा भी एक बात सोचने वाली यह है कि पॉलिसिस्टिक ऑवरी सिंड्रोमके भी लक्षण हो सकते हैं। इसके लिए लड़कियों को इनफर्टिलिटी, अनियमित मासिक धर्म जैसी समस्याएं होती है। इसलिए अवांछित बालों को साफ करने के लिए वैक्सिंग, थ्रेडिंग करने ब्यूटीपार्लर जाने से पहले इसके पीछे छुपे कारण की पहले जाँच करें।
अत्यधिक रूखी त्वचा-
मौसम के बदलाव के कारण कभी-कभी त्वचा रूखी हो जाती है और देखरेख के बाद वह ठीक हो जाती है। लेकिन जब आप यह देखें कि स्किन को हाइड्रेड करने, सही खाना खाने, मॉश्चराइज़ करने के बावजूद पूरा शरीर रूखा ही रह जा रहा है तो वह डाइबीटिज़ के प्रथम लक्षण है। जब आपके पैर और हाथ की त्वचा ज्यादा रूखी नजर आ रही है तो इसका मतलब है कि यह हृदय के बीमारी के लक्षण है। कभी-कभी ऑक्सिजन की कमी का कारण भी त्वचा रूखी हो जाती है जो सराइअसिस के लक्षण होते हैं।
रैशेज़ या चेहरे पर लाल आभा-
डर जाने से, थक जाने से, या शर्मिंदगी महसूस होने से चेहरे पर लाली छा सकती है मगर जब ठोढ़ी और नाम पर लाल रैशेज़ नजर आते हैं तब एसएलइ (Systemic Lupus Erythematosus) के यह लक्षण होते हैं। चेहरे पर मुहांसे जैसे ब्रेकआउट्स रोसिया जो रक्त कोशिका के बढ़ने के कारण होता है। यहाँ तक कि यह एच.आई.वी इन्फेक्शन के प्रथम संकेत के लक्षण भी हो सकते है।
यह आम तौर पर मौसमी सर्दी-खांसी के कारण भी होते है। या विटामिन सी, दवाई से एलर्जी, थॉयराइड आदि के कमी के कारण नमी की कमी हो जाती है। लेकिन इसके साथ जब आपकी आंखे, मुँह, रूखी त्वचा और जोड़ो में दर्द हो रहा हो तो यह लक्षण इम्यून सिस्टेम के डिसऑडर के लक्षण होते है।
गर्दन पर पिग्मेन्टेशन-
यदि सनबर्न के उपचार और सक्रबिंग के बाद गर्दन का पिग्मेन्टेशन नहीं जा रहा है तो यह डाइबीटिज, एलर्जी के लक्षण भी हो सकते है। यहाँ तक कि रैशेज़ सराइअसिस के लक्षण भी हो सकते हैं।
मस्सा-
वैसे तो मस्सों से किसी नुकसान की संभावना नहीं होती है सिर्फ यह बढ़ता रहता है। लेकिन मस्से का रंग और आकार आम मस्से से अलग हो तो स्किन कैंसर मेलानोमा के लक्षण होते हैं। लीवर प्रॉब्लम के कारण भी यह होता है।
शरीर में जल की अधिकता के कारण इडिमा रोग होता है जो किडनी के सही तरह से कम न करने या रक्त के सही तरह से पंप न करने के कारण चेहरा सूज जाता है।
इसलिए अब जब भी आपको अपने चेहरे पर यह लक्षण नजर आए तो घरेलू उपचार करने के जगह पर तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें।
मूल स्रोत- 8 things your face says about your health
अनुवादक : Mousumi Dutta
चित्र स्रोत : Shutterstock images
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