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आयुर्वेद में हर समस्या का प्राकृतिक उपचार है। बात चाहे बीमारियों की हो, जीवनशैली की हो, हेयर केयर की हो या स्किन केयर की। आयुर्वेद के पास हर समस्या का इलाज है। अब बात सिर्फ स्किन की करें तो, आयुर्वेद में स्किन केयर का मतलब है स्किन डिटॉक्स करना और ब्लड सर्कुलेशन को सही रखना। ऐसे में आयुर्वेद में कुछ स्किन केयर परंपरा रही है जिसे अपनाने से आपकी स्किन हेल्दी रह सकती है। खास बात यह है कि ये हर प्रकार की स्किन के लिए फायदेमंद हैं। तो, आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार है।
देसी घी आयुर्वेद का हिस्सा रहा है। देसी घीस्किन के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है। इसके हेल्दी फैट्स स्किन की टोनिंग और बनावट को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसलिए सुबह उठ कर अपनी स्किन की मालिश करें। ये मालिश का प्रयास दोषों को शांत करता है, चमक बढ़ाता है, हाइड्रेट करता है, पोषण करता है, डिटॉक्सीफाई करता है और त्वचा को फिर से जीवंत करता है।
स्किन क्लींजिंग हर स्किन केयर रूटीन का हिस्सा रहा है। एक जार में बेसन जो कि एक सौम्य प्राकृतिक एक्सफोलिएंट है और दूध मिलाकर उबटन बना लें। अब इसका पतला सा पेस्ट बनाएं और गीली त्वचा पर हल्के से स्क्रब करें। धोकर सुखा लें। इस तरह पूरी स्किन की सफाई करें। ये स्किन क्लींजिंग का तरीका बहुत ही शानदार है। तो, आयुर्वेद का स्किन क्लींजिंग का यह तरीका अपनाएं।
क्लींजिंग के बाद स्किन को पोषण और मॉइस्चराइज करने के लिए आप नारियल तेल की 10 बूंदों के साथ 1 औंस बादाम का तेल मिलाकर एक तेल बनाएं। ये ड्राई स्किन यानी कि वात वाली स्किन के लिए कारगर तरीके से काम कर सकता है। इसके अलावा आप संवेदनशील पित्त वाली त्वचा के लिए चमेली या चंदन का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही आप लैवेंडर ऑयल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
आयुर्वेद का मानना है कि त्वचा को स्वस्थ रखने का आसान तरीका है कि आप अपनी स्किन को अंदर से स्वस्थ रखें। ये खून मांसपेशियों और पाचन तंत्रपर निर्भर करता है। इसके लिए आयुर्वेद के आहार सिद्धांतों का पालन करें। नियमित रूप से भोजन करें। ढेर सारा पानी पिएं। इसके बाद आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इससे स्किन हाइड्रेट रहती है और त्वचा नमीयुक्त और कोमल बनी रहती है।
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ सप्ताह में कम से कम पांच बार योग करने का सुझाव देते हैं जब तक कि रीढ़ और बाजुओं के नीचे पसीना न आ जाए। व्यायाम पसीने को बढ़ावा देता है जो विषाक्त पदार्थों के शरीर से छुटकारा दिलाता है और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। यह स्किन में कोलेजन और इलास्टिन को बढ़ावा देता है। तो, आयुर्वेद में इन तमाम चीजों को करें और स्किन को हेल्दी रखें।