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Written By: Editorial Team | Updated : December 12, 2017 12:38 PM IST
अगर आप वेगन हैं, तो आपको कोई भी सामान लेने से पहले फूड लेबल को अच्छी अरह पढ़ लेना चाहिए। आपके लिए यही नियम ब्यूटी प्रोडक्ट के मममले में भी लागू होता है। अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि वेगन का ब्यूटी प्रोडक्ट्स से क्या लेना-देना तो आपको बता दें कि सिर्फ खाने की चीजों में एनिमल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल होता है बल्कि कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी इनका इस्तेमाल होता है। कॉस्मेटोलोजिस्ट डॉक्टर नंदिता दास के अनुसार,आप जो लिपस्टिक लगाती हैं, उसमें भी इस तरह के तत्व हो सकते है।
1) कोलेजन (Collagen)
यह एक नैचुरल प्रोटीन है जो स्किन को कोमल रखता है। कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किए जाने वाले अधिकतर कोलेजन एनिमल के टिश्यू से पैदा होते हैं। बेशक प्लांट बेस्ड कोलेजन भी मिलते हैं लेकिन लेबल को देखकर अंतर बताना मुश्किल है।
2) टैलो (Tallow)
यह बीफ फैट से बना होता है जो साबुन और लिपस्टिक में मिलाया जाता है। इसलिए सोडियम टोंगोट, टॉल्क एसिड, टॉल्को एमाइन और टॉल्को एमाइड आदि का लेबल चेक कर लें।
3) कोचिनियल डाई (Cochineal dye)
कोचिनियल डाई को कारमिन के रूप में भी जाना जाता है जो लिपस्टिक में पाए जाने वाला एक सामान्य घटक है। यह कैक्टस पर रहने वाले छोटे कीड़ों से बना है। इसका रेड कलर की लिपस्टिक यूज किया जाता है। कई आपको इससे एलर्जी हो सकती है।
4) लैलोलिन (Lanolin)
यह भेड़ से प्राप्त होता है। इसका इस्तेमाल लिपस्टिक और मॉश्चराइजर में किया जाता है। इससे आपको एलर्जी और रिएक्शन का खतरा हो सकता है। इसलिए आपको सामान लेने से पहले इसका लेबल देख लेना चाहिए।
इस बात का रखें ध्यान
अगर आप वेगन हैं, तो आपको वेगन लिपस्टिक ही लेनी चाहिए। इससे आपको अपने लिप्स को हानिकारक केमिकल्स से बचाने में मदद मिलती है और आपके लिप्स को एक नैचुरल ब्यूटी मिलती है।
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अनुवादक – Usman Khan
चित्र स्रोत - Shutterstock