मुहांसें या पिम्पल ऐसी परेशानी है जो अब केवल टीनएज तक सीमित नहीं है। प्रदूषण, हार्मोन्स, ख़राब डायट या लाइफस्टाइल से जुड़े अन्य कारणों की वजह से यह अब हर उम्र के लोगों को परेशान कर रही है। क्या आपको पता है तनाव और गर्भावस्था में पिम्पल्स की समस्या बढ़ सकती है। तो वहीं पीरियड्स के आसपास भी आपको शरीर के अलग-अलग हिस्सों में पिम्पल्स उभरते हुए दिखायी पड़ सकते हैं। क्या आपकी पिम्पल्स की समस्या भी काफी गंभीर है और बार-बार आपको पिम्पल्स होते रहते हैं। यहां हम लिख रहे हैं कुछ टिप्स जिनका ध्यान उन लोगों को ज़रूर रखना चाहिए जिन्हें बार-बार पिम्पल्स होेते हैं-
अगर आपको अपने हाथ से चेहरे को छूते रहने की आदत है तो हो सकता है कि आपको बार-बार एक ही जगह पर एक्ने और पिम्पल हो सकते हैं। बार-बार छूने से त्वचा पर गंदगी और तेल रोमछिद्रो में जमा होने लगता है और परिणाम पिम्पल के रुप में दिखायी देने लगते हैं।
बाइल या पित्त का असंतुलन भी एक वजह हो सकती है बार-बार होनेवाले पिम्पल की। इसीलिए अगर आपको चेहरे पर पिम्पल्स दिखायी दें तो उन्हें फोड़ने या नोचने से बचें। पिम्पल के ठीक होने का इंतज़ार करें या किसी डॉक्टर, स्किन एक्सपर्ट या डर्मटॉलजिस्ट से इस बारे में बात करें।
फोड़ों को दबाने या नोंचने का काम करेंगे तो यह पूरी तरह से बाहर नहीं आएगा और हो सकता है कि त्वचा की सूजन और बढ़ जाए और पिम्पल के रुप में यह बाहर दिखायी देने लगे। रोमछिद्रों को दबाने से उनके दोबारा ब्लॉक होने का खतरा पैदा होता है। इसे रोकने के लिए सैलिसिलिक एसिड ट्रीटमेंट करा सकते हैं। जिसकी मदद से अतिरिक्त चिपचिपापन हटा कर आपके स्किन पोर्स साफ रखे जा सकते हैं। इसी तरह बेंजोईल पेरोक्साइड वाले किसी उत्पाद के इस्तेमाल से त्वचा में छुपे बैक्टेरिया को साफ किया जा सकता है।
ढेर सारा पानी पीएं और खुद को हाइड्रेट रखें।
प्रदूषण वाली जगहों पर जाएं, तो स्किन को कवर करना ना भूलें।
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