ऑफिस में अपनाएं सही पोस्चर, पीठ और कमर दर्द से रहेगी दूरी

पीठ में दर्द गलत तरीके से बैठने के कारण विकसित होता है, जिससे रीढ़ की हड्डी बुरी तरह से प्रभावित हो जाती है। इससे पीठ दर्द की समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : October 30, 2019 1:49 PM IST

आजकल ऑफिस वर्क कल्चर ऐसा हो गया है, जिसमें लगातार 8-9 घंटे तक बैठकर (sitting posture) आपको काम करना होता है। इसका नतीजा, पीठ, कमर और गर्दन में दर्द (Backache)। कुछ लोगों में पीठ दर्द की समस्या लंबे समय तक परेशान करता रहता है। पीठ में दर्द गलत तरीके से बैठने के कारण विकसित होता है, जिससे रीढ़ की हड्डी बुरी तरह से प्रभावित हो जाती है। सारा दिन कुर्सी पर बैठे रहने से रीढ़ गंभीर रूप से प्रभावित होती है, जिससे पीठ दर्द की समस्याएं (Backache) उत्पन्न हो जाती हैं।

पीठ दर्द के कारण (Causes of Backache)

मैक्स हॉस्पिटल (साकेत, नई दिल्ली) के वरिष्ठ सलाहकार और स्पाइन सर्जन डॉ. कपिल जैन का कहना है कि यह दर्द पीठ के निचले हिस्से (Back pain problem), बीच में और पीठ के ऊपरी भाग में हो सकता है। दर्द चाहे किसी भी उम्र में शुरू हो, इसे जीवन का हिस्सा समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। इस दर्द से बचने के कई उपाय हैं। पीठ दर्द का सबसे आम कारण मैकेनिकल लो बैक पेन और कटिस्नायुशूल है। मैकेनिकल पीठ दर्द में व्यक्ति को जांघ, नितंब और पीठ के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव होता है, जबकि कटिस्नायुशूल में दर्द केवल एक विशेष क्षेत्र तक ही सीमित होने की बजाय एक या दोनों पैरों में होता है।

कमर और पीठ दर्द से पाना है छुटकारा तो खाएं ये सुपरफूड्स

कब मिलें डॉक्टर से

पीठ के निचले भाग में दर्द वाले लगभग 95% रोगियों को लक्षणों के पहले महीने के दौरान किसी विशेष निदान परीक्षण की आवश्यकता नहीं होती है। कुछ ऐसे संकेत हैं, जो गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं, जिसके लिए व्यक्ति को तुरंत न्यूरोसर्जन से परामर्श करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति उम्र के अनुसार (20 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक आयु) पीठ के दर्द का अनुभव करता है, आराम के साथ दर्द कम नहीं होता है, बिना कारण वजन कम होना और मूत्र या आंत की समस्या हो, तो उसे तत्काल परीक्षण की आवश्यकता है।

शुरुआत में इलाज से दूर हो सकती है पीठ दर्द 

डॉ. कपिल जैन का कहना है कि यह निराशाजनक बात है कि दर्द के मूल कारण और इसे ठीक करने के उपायों के बारे में सोचने की बजाय लोग इसे जीवन का सामान्य हिस्सा मानकर स्वीकार कर लेते हैं। पीठ या गर्दन के दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रारंभिक इलाज से कुछ ही समय में पीठ या गर्दन दर्द को ठीक किया जा सकता है। शुरुआती निदान और सही उपचार की मदद से सर्जरी के जोखिम से बचा जा सकता है।

लगातार बैठकर काम करना दिल के लिए ठीक नहीं, वर्कप्लेस पर अपनाएं ये हेल्दी हैबिट्स

फॉलो करें एक्टिव लाइफस्टाइल

एक सक्रिय जीवनशैली के साथ संतुलित आहार के सेवन और बैठने, चलने और झुकने के दौरान सतर्कता से रीढ़ की हड्डी संबंधी इन समस्याओं में से अधिकांश को रोका जा सकता है। प्रारंभिक मूल्यांकन का प्रमुख लक्ष्य सामान्य स्पाइनल डिसऑर्डर को गंभीर और जरूरी समस्याओं जैसे कि स्पाइनल इंफेक्शन या स्पाइनल ट्यूमर के बीच अंतर पहचानना है। पीठ के निचले हिस्से का दर्द इसके सटीक कारण पर निर्भर करता है। उदाहरण, गंभीर मोच के लिए न्यूनतम उपचार की आवश्यकता होती है, दूसरी तरफ डिस्क के खिसकने, पीठ के निचले हिस्से की रीढ़ के संकुचित होने और स्पॉन्डिलोलिस्थीसिस आदि में सर्जरी की आवश्यकता होती है। पीठ के निचले हिस्से में दर्द वाले केवल 5% मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। आज के आधुनिक युग में पीठ के लिए सर्जरी बेहद सुरक्षित विकल्प है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source