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World Heart Day 2021: दिल को स्वस्थ रखने में मददगार है आयुर्वेद, जानें कुछ आयुर्वेदिक उपचार

World Heart Day 2021: आयुर्वेद के अनुसार, अधपचा भोजन शरीर में जहरीले अम्ल का निर्माण करता है, जो कि हृदय संबंधित बीमारियों का कारण बनता है। अपने हृदय की तंदुरुस्ती के लिए सुपाच्य, नियमित और संतुलित भोजन करें।

World Heart Day 2021: दिल को स्वस्थ रखने में मददगार है आयुर्वेद, जानें कुछ आयुर्वेदिक उपचार
दिल के लिए उपवास इसलिए भी फायदेमंद है क्योंकि इससे कोलेस्ट्रॉल कम होता है जो हार्ट संबंधी परेशानियों का प्रमुख कारण है।

Written by Anshumala |Updated : September 28, 2021 7:14 AM IST

World Heart Day 2021 in Hindi: दुनिया भर में 29 सितंबर को 'विश्व हृदय दिवस' (World Heart Day 2021) मनाया जाता है। हृदय हमारे जीवन का आधार है और हमें इसका पूरा ख्याल रखना चाहिए। हृदय स्वस्थ रहे, इस पर आज विज्ञान भी बल दे रहा है। मानव शरीर की सभी प्रमुख रक्त वाहिनियां (Blood vessel) मनुष्य के हृदय से पूरे शरीर में रक्त का संचार करती हैं। शरीर में प्राणों के संचार की प्रक्रिया भी हृदय से शुरू होकर हृदय पर ही आकर खत्म होती है। World Heart Day 2021 हर वर्ष इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि लोग इसके बारे में जरूरी जानकारी रखकर अपातकाल की स्थिति से बच सकें।

आज "विश्व हृदय दिवस 2021'' पर जीवा आयुर्वेद के डायरेक्टर डॉ. प्रताप चौहान कहते हैं कि आयुर्वेद में हृदय को शरीर के तीन महत्वपूर्ण अंगों में से एक माना गया है। हृदय कई प्रकार के जीव द्रव्यों का निर्माता भी है और विभिन्न द्रव्यों जैसे धातु, तंतु, ऊर्जा, अपशिष्ट और प्राणवायु (जीवन वायु) के शरीर में संचरण और संचलन के लिए जिम्मेदार हैं।

आयुर्वेद के अनुसार रखें दिल का ख्याल (Ayurvedic tips for healthy heart)

  1. आयुर्वेद के अनुसार, अधपचा भोजन शरीर में जहरीले अम्ल का निर्माण करता है, जो कि हृदय संबंधित बीमारियों का कारण बनता है। अपने हृदय की तंदुरुस्ती के लिए सुपाच्य, नियमित और संतुलित भोजन करें।
  2.  भूख से ज्यादा और तेजी में खाने से बचें। नाश्ते और डिनर में हल्के भोजन को शामिल करें। दोपहर के भोजन में संतुलित और पूर्ण आहार लें। दूध से बने उत्पादों, तले, ठंडे और अम्लीय खाद्य पदार्थों को कम मात्रा में लें। मैदे से बने उत्पादों और खाद्य पदार्थों में रासायनिक और योजक से बचा जाना चाहिए। पशुओं का मांस विशेष रूप से लाल मांस भोजन के लिए उचित नहीं है, क्योंकि इसे पचाने में पेट को अधिक समय लगता है, जिससे पेट में बहुत सारे विषाक्त पदार्थ पैदा होते हैं।

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3. मौसमी फल और ताजी सब्जियां, आधी या पूरी तरह से पकाई गई सब्जियां, चपाती, सलाद, स्प्राउट्स, सब्जी का सूप, छाछ, पनीर, उचित मात्रा में ताजे दूध, घी और मक्खन को आदर्श भोजन की सूची बनाते हैं। भोजन में कुछ मीठा खाना चाहते हैं, तो शक्कर के स्थान पर शहद और गुड़ ले सकते हैं।

4. हृदय के लिए आंवला बहुत ही लाभकारी औषधि है। यह फल, सूखे और पिसे किसी भी रूप में लिया जा सकता है।

5. हृदय रोगों का एक सामान्य कारण मानसिक तनाव होता है, जिसे योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से कम किया जा सकता है। ध्यान वैज्ञानिक रूप से हृदय रोगों की रोकथाम में सक्षम पाया गया है।

6. हफ्ते में एक बार तेल से या बिना तेल के सिर की मालिश फायदेमंद (Ayurvedic tips for healthy heart) होती है। सप्ताह में एक बार शरीर की मालिश भी अच्छा विकल्प है।

7. चाय, कॉफी, शराब और धूम्रपान, हृदय और पाचनशक्ति को कमजोर कर देते हैं। इसे छोड़ देना चाहिए।

8. एक तांबे के बर्तन में रात भर रखा हुआ बासी पानी हृदय को मजबूती प्रदान करता है।

9. अर्जुन के पेड़ की छाल को पाउडर के रूप में या चाय के रूप में उबाल कर पिया जा सकता है। अर्जुन एक पेड़ है, वैज्ञानिक रूप से हृदय रोगों को रोकने और ठीक करने वाली जड़ी बूटी के रूप में सिद्ध किया गया है।

10. रुद्राक्ष का हृदय पर लाभकारी प्रभाव होता है। इसे माला के रूप में गले में पहना जा सकता है। रुद्राक्ष को पानी में भिगोकर सुबह-सुबह पानी लेना चाहिए।

11. मोटापा, हृदय रोगों का सामान्य कारण है। आपको इसे शारीरिक व्यायाम और आहार नियंत्रण से कम करना होगा।

(इसे भी पढ़ें- वर्ल्ड हार्ट डे 2018: दिल को स्वस्थ रखना है, तो आजमाएं ये 5 स्मार्ट उपाय)

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