स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ने से रोकती हैं ये 5 जड़ी-बूटियों, बिना दवा के कम होने लगेगा तनाव

हॉर्मोन्स असंतुलन के कारण होने वाली खतरनाक बीमारियों से खुद को बचाने के लिए आप जड़ी बूटियों का सहारा ले सकते हैं।

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Written By: Swati | Published : April 15, 2024 10:00 AM IST

Cortisol Hormones: कई बार गलत खान-पान की वजह से हार्मोनल लेवल में उतार-चढ़ाव की समस्या पैदा हो जाती है। जिसके कारण हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ता है। हार्मोन हमारे शरीर के लिए वो आवश्यक तत्व माने जाते हैं, जो शरीर की कार्यप्रणाली को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। अगर हमारे शरीर में इन हार्मोन्स की मात्रा बढ़ती या घटती है, तो इससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इन्हीं हार्मोनों में से एक है कोर्टिसोल हॉर्मोन्स, जिसे स्ट्रेस हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है। ये ऐसे हार्मोन हैं, जिनके कम और अधिक होने पर शरीर को कई तरह के नुकसान पहुंच सकते हैं। इससे पहले की यह बीमारी आपको जकड़ ले आप समय रहते इसका इलाज कर सकते हैं। बता दें हॉर्मोन्स असंतुलन के कारण होने वाली खतरनाक बीमारियों से खुद को बचाने के लिए आप जड़ी बूटियों का सहारा ले सकते हैं। आयुर्वद में कुछ ऐसी जड़ी बूटियां हैं, जो हार्मोन्स के स्तर को बेलेन्स रखने में मददगार साबित हो सकती हैं। आइए जानते हैं, उन जड़ी बूटियों के बारे में।

अश्वगंधा

यह जड़ी बूटी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है। आयुर्वेद के अनुसार इस जड़ी बूटी के सेवन से शरीर को कई बीमारियों के संक्रमण से खुद को बचाया जा सकता है। इसमें एडेप्टोजेनिक नामक कम्पाउंड पाया जाता है, जो मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। यदि आपका भी हॉर्मोन स्तर बिगड़ा हुआ है, तो आप इसका सेवन कर सकते हैं। यह हॉर्मोन्स को बेलेंस करने के साथ - साथ मानसिक तनाव को भी कम करने में मदद कर सकता है।

तुलसी

तुसली एक मेडिशनल प्लांट है। जिसका नियमित सेवन कर आप खुद को कई गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं। तुसली के अनगिनत फायदों की वजह से आयुर्वेद में इसे क्वीन ऑफ हर्ब्स के नाम से जाना जाता है। तुलसी में पाए जाने वाले एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण मानसिक स्वास्थ को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। यदि आपको अधिक तनाव या कमजोरी महसूस होती है, तो आप तुलसी का सेवन कर सकते हैं। तुलसी के नियमित सेवन से कोर्टिसोल हॉर्मोन स्तर को बेलेंस रख सकते हैं।

कैमोमाइल

आयुर्वेद में बताया गया है कि कैमोमाइल में एंटीऑक्सीडेंटस प्रॉपर्टीज अधिक मात्रा में पाई जाती हैं। यदि आप रोजाना कैमोमाइल टी का सेवन करते हैं, तो आप मानसिक तनाव से छुटकारा पा सकते हैं। कैमोमाइल स्ट्रेस हॉर्मोन्स के स्तर को बनाये रखने में मदद करते हैं।

ब्राह्मी

इसके नियमित सेवन से कोर्टिसोल हॉर्मोन को नियंत्रित किया जा सकता है। यह तनाव को कम करने और मेन्टल हेल्थ को इम्प्रूव करने के लिए बहुत कारगर होती है। कोर्टिसोल के स्तर को संतुलित रखने के लिए आप रोजाना ब्राह्मी की पत्तियों को चबा सकते हैं। इस जड़ी बूटी की मदद से आप इसके स्तर को संतुलन में रख सकते हैं।

कोर्टिसोल हॉर्मोन नियंत्रित करने के लिए

अगर आपको हॉर्मोन से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या है, तो इसके लिए आप निम्न बातों को भी फॉलो कर सकते हैं।

  • पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स खाएं।
  • खाने में कैफीन और चीनी की मात्रा कम करें।
  • फाइबर से भरपूर आहार चुनें।
  • फलों और हरी सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करें।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार चुनें।

Disclaimer: इन जड़ी-बूटियों की मदद से आप हार्मोन के बिगड़े स्तर को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। लेकिन किसी भी तरह के हर्ब का सेवन करने से पहले यदि आप किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेते हैं तो यह अच्छा होगा और आप किसी भी तरह के साइड इफेक्ट से बच सकते हैं।

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