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तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं वायरल संक्रमण के खतरे? बारिश के मौसम के लिए अपनी इम्यूनिटी को कैसे करें तैयार

बारिश के मौसम की उमस और गिरते तापमान के कारण वायरल संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। बदलते मौसम में खुद को स्वस्थ रखने के लिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इस लेख में आयुर्वेद एक्सपर्ट्स से इस बारे में कुछ खास टिप्स लेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 13, 2026 5:41 PM IST

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Medically Verified By: Dr Partap Chauhan

हर कोई मानसून का इंतजार कर रहा है, ताकि गर्मियों से थोड़ी राहत मिल सके। लेकिन यह भी सच है कि मानसून के मौसम के लिए शरीर को तैयार करना भी बहुत जरूरी होता है। जानें-माने आयुर्वेदाचार्य और लेखक डॉ. प्रताप चौहान के अनुसार बारिश का मौसम अपने साथ हरियाली, ठंडी फुहारें और सुकून लेकर आता है, लेकिन यही मौसम कई तरह के वायरल संक्रमण का कारण भी बन जाता है। इस दौरान मौसम में लगातार बदलाव, बढ़ी हुई नमी और दूषित पानी के कारण सर्दी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और पेट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ने लगती हैं। ऐसे समय में केवल बीमारी होने के बाद उपचार कराना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पहले से ही शरीर को इतना मजबूत बनाना जरूरी है कि वह संक्रमणों का सामना कर सके। आयुर्वेद इसी सोच पर आधारित है।

बारिश के दिनों का पाचन क्रिया पर असर

आयुर्वेद के अनुसार बारिश के मौसम में हमारी पाचन क्रिया कमजोर पड़ने लग जाती है। यही कारण है कि इन दिनों में भोजन ठीक से नहीं पच पाता, तो उसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है और रोगों का खतरा बढ़ने लगता है। इसलिए आयुर्वेद सलाह देता है कि इस मौसम में हमेशा हल्का, ताजा और घर का बना भोजन ही खाना चाहिए।

इन दिनों में पाचन क्रिया कई बार ठीक से काम नहीं कर पाती है और इसलिए बहुत अधिक तला-भुना, बासी या लंबे समय तक रखा हुआ भोजन खाना ठीक से पच नहीं पाता है, जिसेस फूड पॉइजनिंग व अन्य प्रकार के संक्रमण होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। भोजन हमेशा समय पर और आवश्यकता के अनुसार ही करना चाहिए, क्योंकि जरूरत से ज्यादा खाना भी पाचन पर असर डाल सकता है।

इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग कैसे बनाकर रखें

पाचन क्रिया धीमी पड़ने के साथ-साथ बारिश के मौसम में अन्य कई तरह के इन्फेक्श आदि होने का खतरा भी बढ़ जाता है और इसलिए इम्यूनिटी का सही से काम करना बेहद जरूरी होता है। डॉ. प्रताप चौहान के अनुसार कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आपको अपनी इम्यूनिटी को हेल्दी रखने में काफी मदद मिल सकती है -

  • सुबह गुनगुने पानी से दिन की शुरुआत करें
  • भोजन में हल्दी, अदरक, तुलसी और काली मिर्च जैसी प्राकृतिक चीजें मिलाएं
  • हेल्दी और घर का बना खाना खाएं बाहर की चीजें से परहेज करें
  • नियमित रूप से योग, प्राणायाम, ध्यान (मेडिटेशन) और व्यायाम करें

मौसम के अनुसार घर पर काढ़ा स्वास्थ्यवर्धक काढ़े बनाकर पीना भी काफी लाभदायक हो सकता है, लेकिन

इसका सेवन संतुलित मात्रा में और किसी योग्य आयुर्वेदाचार्य की सलाह से ही करना चाहिए। किसी भी चीज का अधिक सेवन लाभ के बजाय हानि भी पहुंचा सकता है।

स्वच्छता का खासतौर पर ध्यान रखें

सिर्फ अच्छा खाने से काम नहीं चलेगा बल्कि आपको स्वच्छ भी खाना पड़ेगा, इसलिए अगर आपको स्वस्थ रहना है तो हेल्दी खाने के साथ-साथ स्वच्छ खाना भी उतना ही जरूरी है। खासतौर पर बारिश के दिनों में स्वच्छता का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। बाहर से घर लौटने पर हाथ-पैर अच्छी तरह धोना, गीले कपड़े तुरंत बदल लेना और स्वच्छ पानी पीना संक्रमण से बचाव में मदद करता है। बाहर का खुला या अस्वच्छ भोजन खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह कई बार पेट से जुड़ी समस्याओं की वजह बन जाता है।

खानपान के साथ-साथ संतुलित जीवनशैली भी जरूरी

आयुर्वेद जितना स्वस्थ खानपान को जरूरी मानता है, उसके लिए उतना ही जरूरी एक संतुलित जीवनशैली भी होती है। इसलिए पर्याप्त नींद, नियमित योग, प्राणायाम और हल्की शारीरिक गतिविधि शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है। साथ ही मन को शांत रखना भी जरूरी है, क्योंकि तनाव का असर शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता पर पड़ता है। अगर मानसून के दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान दिया जाए तो काफी हद तक वायरल संक्रमण के मामलों को कम किया जा सकता है। फिर भी यदि तेज बुखार, लगातार खांसी या कोई गंभीर परेशानी हो, तो बिना देर किए चिकित्सक से सलाह लेना सबसे उचित कदम है। स्वस्थ रहने के लिए सावधानी और संतुलित दिनचर्या ही सबसे बड़ा सहारा है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल मानसून में होने वाली वायरल इन्फेक्शन से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी देना है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।