Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
जब इंसान को किसी भी तरह की चोट लगती है तो वह दुखी होता है और आंसू बहाता है। हालांकि आंसू आंख में होने वाली समस्याओं का संकेत भी है। आंखों से निकलने वाले आंसू आंखों को शुष्क होने से बचाते हैं और उसे साफ करने के साथ बैक्टीरिया फ्री बनाने में मदद करते हैं। आंसू आंख की अश्रु नलिका उसे निकलने वाला एक ऐसा तरल पदार्थ है जो जल और नमक से मिलकर बना होता है, यही वजह है कि कई बार जब आंसू बहते-बहते आपके होठों पर आ जाते हैं तो उसका स्वाद खारा लगता है।
खैर, यहां हम आपको आंसू क्या होते हैं और आंसू क्यों बहते हैं के बारे में नहीं बता रहे हैं। यहां हम आपको आंसू के उस फैक्ट के बारे में बता रहे हैं जो आयुर्वेद के द्वारा कहा गया है। दरअसल आयुर्वेद के अनुसार जब आपको रोना आए तो आंसुओं को बह जाने देना चाहिए उसके लिए रुको रोकना नहीं चाहिए क्योंकि ऐसा करने से शरीर पर उसका दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है।
View this post on Instagram
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर एसपी श्रीजीत कहते हैं कि, आयुर्वेद शास्त्र के अनुसार आंखों से निकलने वाले आंसू का कभी भी अवरोध नहीं करना चाहिए क्योंकि रोने की जो प्रवृत्ति है उसको जब हम रोते हैं तो सर दर्द नाक की बीमारी आंख की बीमारी और हृदय रोग होने दे संभावना बढ़ जाती हैं।
तो आप कभी भी सुख हो या दुख में जब भी रोने का मन करें या आंसू आए तो उसे रोकने के बजाय उसे बहने दिया जाना चाहिए ताकि आप एक्सपर्ट द्वारा बताई गई इन समस्याओं से खुद को बचा सकें।