
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma
white museli health benefits (AI benefits)
आज के समय में भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल, अधिक स्ट्रेस में रहने और खानपान पर ध्यान न देने जैसे कई कारणों से ज्यादातर लोग थकान और कमजोरी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान रहते हैं। यह समस्या हर समय बनी रहती है और कई बार तो भरपूर आराम करने के बाद भी थकान रहती है। ऐसे में बैलेंस डाइट के साथ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां भी शरीर को पोषण देने के लिए मददगार हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है सफेद मूसली, जिसमें बहुत से औषधीय गुण होते हैं। ऐसे में आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा से जानें इससे सफेद मूसली के कुछ खास फायदों के बारे मे जानेंगे
आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक सफेद मूसली में बहुत से औषधीय गुण होते हैं। इसका सेवन करने से शरीर के कार्यों को बेहतर करने और कमजोरी की समस्या से राहत देने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों को अक्सर कमजोरी रहती है, उनके लिए सफेद मूसली काफी अच्छा विकल्प हो सकता है।
सफेद मूसली मौजूद खास पोषक तत्व शरीर को स्थायी ऊर्जा प्रदान करते हैं, जो लंबे समय तक चलती है। ऐसा नहीं है कि जैसे आपने चाय का कप पी लिए और आपको 15-20 मिनट के लिए एनर्जी मिल गई। सफेद मूसली का सेवन करने से शरीर में लगातार ऊर्जा बनी रहती है और आप दिनभर बिना थकान महसूस किए एक्टिव रह सकते हैं व अपनी दिनचर्या के काम अच्छे से कर पाते हैं।
बॉडी फंक्शन्स को बेहतर बनाने में भी सफेद मूसली काफी अच्छा काम करती है। अगर आप नियमित रूप से सफेद मूसली का सेवन करते हैं, तो इससे शरीर के अंदरूनी कार्य बेहतर होने लगती है, साथ ही शरीर में स्टैमिना बना रहता है और आप दिनभर एनर्जेटिक महसूस करते हैं।
सफेद मूसली के प्रमुख फायदों में यह भी एक है, क्योंकि इसका सेवन करने से मसल रिकवरी भी इंप्रूव होने लगती है। सफेद मूसली में मौजूद खास पोषक तत्व, मांसपेशियों को रिकवरी और स्वास्थ्य सुधार में मदद करते हैं। इसलिए एथलीट व जो लोग जिम जाते हैं, उनके लिए सफेद मूसली काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
कमजोरी को दूर करने के लिए अक्सर लोगों को पोषण से भरपूर फूड्स को डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। वहीं, सफेद मूसली में भी बहुत से पोषक तत्व होते हैं। ऐसे में इसका सेवन करने से शरीर में कुछ हद तक पोषण की कमी को दूर करने में मदद मिल सकती है। इसका नियमित सेवन करना शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता रहता है।
लंबे समय तक स्ट्रेस में रहने पर लोगों के शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है। ऐसे में सफेद मूसली का सेवन करना फायदेमंद होता है। सफेद मूसली में अच्छी मात्रा में एडाप्टोजेनिक के गुण होते हैं, जिससे कोर्टिसोल के स्तर और स्ट्रेस को कम करने में मदद मिलती है। वर्क प्रेशर या किसी अन्य कारण से होने वाले तनाव से परेशान लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है।
कई बार शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके कारण भी व्यक्ति को शरीर में थकान और कमजोरी की समस्याओं का ऐसे में सफेद मूसली का सेवन करने से शरीर में कमजोरी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए महिलाओं के लिए भी सफेद मूसली बेहद फायदेमंद रहती है।
शरीर को इंफेक्शन व अन्य रोगों से बचाए रखने के लिए सफेद मूसली बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और ऐसे में अगर इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाए तो कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। सफेद मूसली में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसका सेवन करने से शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद मिलती है, जिससे स्वास्थ्य दुरुस्त रहता है और शरीर की कमजोरी दूर होती है।
सफेद मूसली के पाउडर को गुनगुने दूध में मिलाकर सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले पिया जा सकता है। आप चाहें तो इसमें शहद मिलाकर सकते हैं। इसको चूर्ण या हेल्थ सप्लीमेंट के रूप में भी लिया जा सकता है, लेकिन ध्यान रहे, डॉक्टर की सलाह के साथ ही इसका सेवन करना चाहिए। सफेद मूसली का सेवन करने की सलाह डॉक्टर उम्र और जरूरत के अनुसार देते हैं। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
सफेद मूसली का सेवन एक सीमित सीमा में ही करना जरूरी होता है, अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से स्वास्थ्य से जुड़े कई नुकसान हो सकते हैं। इसके साथ-साथ आपको कुछ अन्य बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है जैसे -
साथ ही इस बात का ध्यान भी रखें कि सफेद मूसली किसी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और इसलिए अगर आपको लंबे समय से कमजोरी, थकान या अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या हो रही है तो डॉक्टर से जांच कराएं और समय पर उस समस्या का इलाज करें। इसके अलावा, प्रेगनेंसी, ब्रेस्टफीडिंग, दवाइयों का सेवन करने या किसी मेडिकल कंडीशन में सफेद मूसली का सेवन करने से बचें।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य आयुर्वेद के अनुसार मूसली के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताना है और इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।