
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : February 12, 2026 6:06 PM IST
Medically Verified By: Dr Shrey Sharma
Pitta Kaise Kam Kare: Foods for Balance Pitta Dosha: आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर तीन दोषों से मिलकर बना होता है। इसमें पित्त दोष एक है। पित्त दोष "अग्नि" और "जल" दो तत्वों से मिलकर बना होता है। पित्त शरीर में बनने वाले हार्मोन और एंजाइम को नियंत्रित करता है। शरीर के तापमान और पाचक अग्नि जैसी चीजें भी पित्त द्वारा ही नियंत्रित होती हैं। अगर पित्त संतुलित अवस्था में होता है, तो इसका मतलब है कि आपका शरीर सही तरह से खाने को पचा रहा है। लेकिन, अगर पित्त असंतुलित हो जाता है तो इस स्थिति में कई रोग विकसित हो सकते हैं। इसकी वजह से आपको गर्मी, चिड़चिड़ापन और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बढ़ा हुआ पित्त त्वचा रोगों का कारण भी बनता है। इसलिए आपको पित्त को संतुलन में रखना बहुत जरूरी है। आइए, रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं पित्त को शांत रखने के लिए वाले ठंडी चीजों के बारे में-
आयुर्वेद के अनुसार नारियल का पानी पित्त रोगियों के लिए बेहद अच्छा होता है। यह पित्त को शांत करता है और खाने को पचाने में मदद करता है। इसमें पोटैशियम और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। नारियल पानी पीने से पेट को ठंडक मिलती है और पित्त से जुड़े रोग दूर होते हैं। कई बार पंचकर्म उपचार में भी नारियल पानी को शामिल किया जाता है।
छाछ की तासीर भी ठंडी होती है। पित्त को संतुलन में रखने के लिए आप छाछ का सेवन कर सकते हैं। छाछ पाचन को बेहतर बनाता है और टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है। छाछ पीने से मल त्याग आसान होता है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है और पित्त को शांत करता है। छाछ में काला नमक और पुदीने की पत्तियां जरूर मिलाएं। इससे पाचन-तंत्र में सुधारहोता है। आप चाहें तो सादा छाछ भी पी सकते हैं।
पित्त बढ़ने पर आप पुदीने का पानी पी सकते हैं। इसके लिए आप पानी लें और इसमें पुदीने की पत्तियों को रस मिलाएं। आप इसमें नींबू का रस और काला नमक मिलाकर पी सकते हैं। इस पानी को पीने से पेट को शांति मिलती है और पित्त भी कम होता है। पुदीने का पानी पीने से पाचन-तंत्र को मजबूती मिलती है। यह गर्मी से होने वाली मुंह की समस्याओं को ठीक करता है। आप चाहें तो पुदीने की चाय भी पी सकते हैं। यह शरीर से विषैले तत्वों को निकाले में मदद करता है।
पित्त दोष को शांत करने के लिए आप तरबूज का सेवन कर सकते हैं। तरबूज की तासीर ठंडी होती है, इसलिए पित्त कम करने के लिए तरबूज खाया जा सकता है। तरबूज में इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर के लिए जरूरी होते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए जरूरी होते हैं। तरबूज में 90 फीसदी पानी होता है। तरबूज खाने से शरीर हाइड्रेटेड भी रहता है। आप तरबूज का जूस या स्मूदी बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा, तरबूज को फल के तौर पर भी खाया जा सकता है।
आयुर्वेद में खीरे को ठंडा बताया गया है। इसमें पानी की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है। इसलिए गर्मियों में इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है। खीरा खाने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ भी आसानी से बाहर निकल जाते हैं। आप खीरे का जूस बनाकर पी सकते हैं या खीरे को सलाद के रूप में खा सकते हैं। आप अपनी रोज की डाइट में खीरा जरूर शामिल करें। इसका जूस पीने से लिवर और किडनी की सेहत में भी सुधार होता है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।