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Written By: Atul Modi | Published : January 25, 2023 2:40 PM IST
What is Mud Therapy In Hindi
मड थेरेपी या मिट्टी चिकित्सा का इतिहास (History of Mud Therapy) बहुत ही पुराना है। भारत के ऋषि-मुनियों ने मिट्टी का प्रत्यक्ष उपयोग कर इसके महत्व को समझा और शरीर व मन को स्वस्थ रखने के लिए अलग-अलग तरीकों से मिट्टी का उपयोग किए जाने की कला का विकास किया। इस चिकित्सा पद्धति में अलग-अलग मिट्टी का प्रयोग करके रोगों का उपचार किया जाता है। आइए जानते हैं मिट्टी चिकित्सा (Mitti Chikitsa) क्या है और इसके फायदे क्या-क्या हैं।
मिट्टी चिकित्सा या मड थेरेपी प्राकृतिक चिकित्सा के अंतर्गत (Mud Therapy in Naturopathy) आने वाली एक ऐसी विधि जिसमें शरीर एवं मन के अलग-अलग विकारों को दूर करने के लिए मिट्टी का विभिन्न तरीकों से प्रयोग किया जाता है। यह भारत की बहुत ही प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। जिसके माध्यम से आज भी नेचुरोपैथी के डॉक्टर रोगों का उपचार करते हैं। मिट्टी चिकित्सा शरीर को शीतलता प्रदान करती है, दुर्गंध दूर करने और शरीर को डिटॉक्स करने के साथ ही वातावरण को शुद्ध और स्वच्छ रखने की क्षमता है।
मिट्टी चिकित्सा पद्धति में प्रयोग की जाने वाली मिट्टी बहुत ही खास होती हैं यह मिट्टी साफ-सुथरी और जमीन से 3-4 फीट नीचे की होनी चाहिए। यह मिट्टी कंकड़ रहित होनी चाहिए ताकि अच्छी तरह से इसका पेस्ट बनाया जा सके। पेस्ट बनाने से पहले मिट्टी को सुखाया जाता है, उसके बाद लेप के लिए पेस्ट तैयार किया जाता है।
मिट्टी चिकित्सा मुख्यतः दो प्रकार की होती है:
यह प्राकृतिक चिकित्सा का एक खास उपचार है जिसमें पेट और माथे पर मिट्टी की पट्टी का प्रयोग किया जाता है जरूरत पड़ने पर शरीर के अन्य हिस्सों में भी मिट्टी की पट्टी का प्रयोग कर सकते हैं।
मिट्टी आसमान के लिए किसी बड़े बर्तन में मिट्टी को लेकर मिट्टी का लेप तैयार किया जाता है। इस लेप को पूरे शरीर में सिर से लेकर पांव तक मिट्टी का लेप किया जाता है। इस प्रक्रिया में एक्सपर्ट रोग और रोग की प्रकृति के अनुसार लेप लगाते हैं। इन उपचार पद्धतियों को खुद से करने से बचना चाहिए। हमेशा एक्सपर्ट की देखरेख में करें।
मिट्टी चिकित्सा प्राकृतिक चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण अंग है या शरीर को शीतलता प्रदान करने के साथ शरीर के दूषित पदार्थों को अवशोषित कर शरीर से बाहर निकाल देती है। यह कई रोगों जैसे- कब्ज, तनाव, सिरदर्द, अनिद्रा, हाई ब्लड प्रेशर और चर्म रोगों आदि के उपचार में सफलतापूर्वक इसका प्रयोग किया जाता है। सिर दर्द और उच्च रक्तचाप आदमी पेट के साथ-साथ माथे पर भी मिट्टी की पट्टी रखने से उसका लाभ मिलता है। मिट्टी चिकित्सा पद्धति का प्रयोग किसी भी मौसम में किया जा सकता है।
(नोट: यह जानकारी केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद, आयुष मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली से प्राप्त की गई है।)
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