शरीर में पित्त बढ़ने का क्या मतलब है? जानें पित्त दोष किन बीमारियों का बनता है कारण

Pitta Dosha:पित्त बढ़ने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं। यह त्वचा रोग और पेट से जुड़े रोगों का कारण बन सकता है।

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Written By: Anju Rawat | Published : February 4, 2026 2:28 PM IST

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Medically Verified By: Dr Shrey Sharma

Pitta Dosha: आयुर्वेद के अनुसार, पित्त बढ़ने का मतलब है शरीर में गर्मी बढ़ना। पाचन शक्ति और मेटाबॉलिज्म का संतुलन बिगड़ जाना। आपको बता दें कि पित्त का मुख्य काम भोजन को पचाना होता है। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है और त्वचा की चमक को बनाए रखने का काम करता है। लेकिन, जब शरीर में जरूरत से ज्यादा पित्त बढ़ जाता है तो इसकी वजह से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होनी शुरू हो जाती हैं। बढ़ा हुआ पित्त शरीर में जलन, एसिडिटी और फोड़े-फुंसियों का कारण बन सकता है। इसकी वजह से मूड स्विंग्स और चिंड़चिड़ापन भी हो सकता है। आइए, रामहंस चेरिटेबल, हॉस्पिटल सिरसा के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं पित्त बढ़ने से कौन-कौन सी दिक्कतें होती हैं?

1. पेट में पित्त बढ़ना

पेट में पित्त बढ़ने पर एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पेट में पित्त बढ़ने से पेट और सीने में जलन हो सकती है। दरअसल, पेट के पित्त यानी पाचन पित्त को प्रधान माना गया है। जब पेट का पित्त बढ़ता है, तो इससे शरीर के सभी पित्तों पर असर पड़ता है। जब पेट में पित्त ज्यादा बढ़ जाता है, तो इससे अल्सर और ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में आपको पेट से जुड़ी कई अन्य दिक्कतें भी महसूस हो सकती हैं।

2. ब्लड सर्कुलेशन में पित्त बढ़ना

आपको बता दें कि ब्लड सर्कुलेशन में भी पित्त बढ़ सकता है। जब ब्लड सर्कुलेशन में पित्त बढ़ता है, तो इससे नाक से खून निकलने की समस्या हो सकती है। यह बवासीर का कारण बन सकता है। ब्लड सर्कुलेशन में पित्त बढ़ने से पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग हो सकती है। आपके हाथ-पैर गर्म रहेंगे और आपको गर्माहट महसूस होगी।

3. मस्तिष्क में पित्त बढ़ना

मस्तिष्क में पित्त बढ़ने से व्यक्ति के स्वभाव में गुस्सा दिख सकता है। मस्तिष्क में पित्त बढ़ने की वजह से व्यक्ति गुस्सले हो जाता है और हर वक्त लड़ाई-झगड़े पर उतारू रहता है। यह तनाव को भी बढ़ा सकता है।

4. सीने में पित्त बढ़ना

सीने में पित्त बढ़ने से फेफड़ों से जुड़ी समस्या हो सकती है। इसकी वजह से फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। सीने में पित्त बढ़ने से बलगम ज्यादा निकल सकता है। सीने में पित्त बढ़ने से हरा और पीला बगलम निकलता है।

5. लिवर में पित्त बढ़ना

लिवर में पित्त बढ़ने से त्वचा रोग हो सकते हैं। अगर आपको त्वचा पर दाने या फोड़े-फुंसियां दिख रही हैं, तो यह लिवर में पित्त बढ़ने का संकेत हो सकता है।

पित्त को संतुलित रखने के लिए क्या करें?

  • मसालेदार खाना खाने से बचें।
  • पित्त को संतुलित रखने के लिए ठंडी चीजों का सेवन करें।
  • अपनी डाइट में जौ और गेहूं के आटे की रोटियां शामिल करें।
  • ठंडी तासीर की चीजें जैसे- नारियल पानी, खीरा, तरबूज, पुदीना, धनिया और सौंफ आदि का सेवन करें।
  • नमकीन और तले हुए चीजों से परहेज करें।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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