ये 10 मामूली सी गलतियां कर सकती हैं यूरिक एसिड बढ़ाने का काम,आयुर्वेद की मदद से यूं करें यूरिक एसिड को कंट्रोल

पढ़ें यहां कि,यूरिक एसिड की समस्या से राहत के लिए लाइफस्टाइल में किस तरह के बदलाव करने की सलाह आयुर्वेद में दी जाती है। 

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 11, 2022 9:46 PM IST

Uric Acid Ayurvedic Treatments: शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना कई बीमारियों का कारण बन सकता है। बीते कुछ समय से दुनियाभर में यूरिक एसिड के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है और इसकी वजह जंक फूड खाने की आदत, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, घंटों बैठे रहने की आदत,कम पानी पीने की आदत और कसरत ना करने जैसी कई स्थितियां हैं। इन कारकों के चलते शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है और इससे जोड़ों में दर्द, गाउट और मांसपेशियां कमजोर होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। (Side effects of high level Uric Acid)

घरेलू नुस्खों और आयुर्वेद की मदद से यूरिक एसिड को कम करने के कई तरीके (Uric Acid Ayurvedic Treatments) हैं जिन्हें लोग अपनी सुविधा के अनुसार आज़माते हैं। लेकिन, एक्सपर्ट्स के अनुसार यूरिक एसिड की समस्या से निजात पाने के लिए अपनी लाइफस्टाइल और खान-पान में कई बदलाव करने पड़ते हैं। डॉ. दीक्षा भवसार (Dr Dixa Bhavsar) ने यूरिक एसिड की इसी समस्या के बारे में कुछ टिप्स सुझायीं और साथ ही बताया कि यूरिक एसिड की समस्या से राहत के लिए लाइफस्टाइल में किस तरह के बदलाव करने की सलाह आयुर्वेद में दी जाती है।  पढ़ें यह सारी जानकारियां विस्तार से। (Uric Acid Ayurvedic Treatments In Hindi.)

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण क्या हैं? (Causes of High uric acid)

  • लो मेटाबॉलिज्म (Low metabolism)
  • कमजोर गट हेल्थ (poor gut health)
  • कसरत और फिजिकल एक्टिविटी की कमी
  • प्रोटीन का अधिक मात्रा में सेवन और लो-फैट फूड का सेवन
  • रात में बहुत भारी भोजन खाना (Heavy dinners)
  • रात के भोजन और सोने का समय निश्चित ना होना
  • कम पानी पीना (Less intake of water)
  • लीवर कमजोर होना
  • बहुत अधिक मात्रा में मांसाहारी भोजन खाना

यूरिक एसिड बढ़ने से रोकने के उपाय क्या हैं? (Lifestyle to control  uric acid)

शरीर में हाई यूरिक एसिड लेवल को नियंत्रित करने के लिए लाइफस्टाइल में किस तरह के बदलाव करने चाहिए।

  • रोजाना कम से कम 45 मिनट तक एक्सरसाइज करनी चाहिए।
  • दिनभर में 2-3 लीटर पानी पीएं।
  • डिनर में राजमा, मटर, चने जैसी बींस और दालों का सेवन डिनर में ना करें।
  • सूर्यास्त के बाद जल्द से जल्द भोजन करें।
  • विटामिन सी वाले खट्टे फलों का सेवन अधिक मात्रा में करें। इसके लिए आंवला, जामुन और संतरे जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं।
  • शरीर की मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने के उपाय करें।
  • स्ट्रेस को बढ़ने से रोकें और उसे अच्छी तरह मैनेज करना सीखें।
  • हर दिन गहरी और 8 घंटे की नींद सोएं।