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Eye Care Tips In Monsoon: मानसून अपने साथ सुकून और बारिश की फुहारें तो लेकर आता है, लेकिन इस मौसम में कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। बारिश के मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार और फूड पॉइजनिंग जैसी कई समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, इस मौसम में आंखों से जुड़ी समस्याएं होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में आँखों की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। आयुर्वेद के अनुसार, बारिश के मौसम में वात और पित्त के बढ़ने से आँखों में दो दोष उत्पन्न होते हैं। हालांकि, नेत्र तर्पण, आहार में बदलाव और उचित जीवनशैली जैसे उपचारों सहित आयुर्वेदिक नेत्र देखभाल दिशानिर्देशों का पालन करके आप आँखों को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकते हैं। आज इस लेख में श्री जी नेत्र आरोग्यम की निदेशक और संस्थापक डॉ नेहा मेट्री से जानते हैं मानसून में आंखों की देखभाल करने के आयुर्वेदिक उपाय -
डॉ नेहा मेट्री के अनुसार, आंखें ज्यादातर पित्त दोष द्वारा नियंत्रित होती हैं, विशेष रूप से अलोचका पित्त जो दृश्य धारणा को नियंत्रित करता है। वर्षा ऋतु के दौरान:
इस उपचार में आटे से बने जलाशय में औषधीय घी (जैसे त्रिफलादि घृत या महात्रिफला घृत) को आँखों पर एकत्रित किया जाता है। यह बिगड़े हुए वात और पित्त के कारण होने वाली सूखापन और जलन से राहत देता है। साथ ही, यह आँखों के ऊतकों को मजबूत और पोषित करता है और दृष्टि में सुधार करता है। कंप्यूटर थकान या ड्राई आई सिंड्रोम वाले लोगों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है।
हर्बल कोलियरियम (विशेष रूप से सौवीरंजना का दैनिक उपयोग या रसंजना साप्ताहिक) का उपयोग आंखों को साफ और मजबूत करने का काम करता है। यह आंखों में अतिरिक्त कफ और पित्त का प्रतिकार करता है।
रात में अणु तेल या षडबिंदु तेल से पैरों का रोजाना अभिषेक करने से वात शांत होता है और आंखों सहित संवेदी अंगों को पोषण मिलता है।
सोते समय पैरों पर घी या औषधीय तेल की मालिश करने से चिंता शांत होती है और आंखें स्वस्थ रहती हैं, क्योंकि आयुर्वेद शरीर रचना विज्ञान में आंखों का पैरों से गहरा संबंध है।
आंखों को ठंडे या कमरे के तापमान वाले पानी से धोना (खाने के बाद नहीं) जलन और जलन से राहत देता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।