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Air Pollution: इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है वायु प्रदूषण, इन 11 आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खों से कीजिये अपने शरीर में जमा पॉल्यूशन को साफ

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों की एयर क्वालिटी बहुत ही ज्यादा खराब स्थिति में बनी हुई है। दिल्ली एनसीआर का AQI का स्तर 500 के पार हो गया है। ऐसे में लोगों को प्रदूषण से बचने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपाय डॉ चंचल शर्मा आयुर्वेदिक विशेषज्ञ के द्वारा सुझाए गये हैं। इन्हें अपनाकर आप कुछ राहत की सांस ले सकते हैं।

Air Pollution: इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है वायु प्रदूषण, इन 11 आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खों से कीजिये अपने शरीर में जमा पॉल्यूशन को साफ

Written by Atul Modi |Updated : November 19, 2021 11:38 AM IST

आज भारत में वायु प्रदूषण की हालत ऐसी है कि दिल्ली के किसी भी कोने में सांस लेने लायक वायु उपलब्ध नही है। दिल्ली आसपास के समेत तीन राज्यों के लोग जहरीले हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। क्योंकि दिल्ली एनसीआर की हवा में प्रदूषण पूरे भारत में सबसे ज्यादा है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण हृदय एवं श्वास रोगी की संख्या में तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। बीमार पड़ने वाले लोगों में सबसे ज्यादा बच्चे एवं बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें इस प्रदूषण के कारण हॉस्पिटल जाना पड़ा है।

प्रदूषण के आंकडों पर अगर नजर डालें तो एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दूनिया में 90 लाख लोगों की जान हर साल इस बढ़ते प्रदूषण के कारण ही जाती है। इसमें से 25 लाख भारतीय हैं। मरने वाले भारतीयों में 60 प्रतिशत दिल के मरीज होते हैं। प्रदूषण से जुड़े विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रदूषण में मौजूद 2.5 पार्टिकल हृदय की धमनियों में सूजन का बड़ा कारण बनते हैं। यह पार्टिकल इतने छोटे होते हैं कि यह शरीर में घुसकर ब्लड स्ट्रीम के अंदर चले जाते हैं, और हार्ट की धमनियों में सूजन पैदा करते हैं, और खून के थक्के भी जमा देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदूषण के कारण युवाओं में हार्ट की बीमारी सबसे ज्यादा इसी कारण से बढ़ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण प्रदूषण ही है। प्रदूषण का असर महिला एवं फर्टिलिटी पर भी पड़ता है। जिससे इनफर्टिलिटी के मरीज अधिक संख्या में देखने को मिल रहे हैं।

आशा आयुर्वेद केंद्र की आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा इस बढ़ते प्रदूषण को देशव्यापी संकट बताती हैं। यह मानव जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है, क्योंकि चिकित्सा के क्षेत्र में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) ने प्रदूषण की वजह से मरने वाले लोगों के आंकड़े जारी किए थे। वर्ष 2019 में प्रदूषण की वजह से भारत में 16 लाख लोगों की मृत्यु प्रदूषण की वजह से हुई थी। इनमें 16 लाख लोगों में से 9.80 लाख लोग PM 2.5 के कारण अपनी जान गंवा बैठे थे। अर्थात हवा में घूले धूल के कण अधिक स्तर पर होने की वजह से मारे गये। 6.10 लाख लोगों की मौत इनडोर पॉल्यूशन (घर की अंदर की हवा में मौजूद धूल कण) की वजह से हुई। हमारे देश भारत में प्रतिदिन 4383 लोगों की मौत का जिम्मेदार यह प्रदूषण ही है। यानि की हर घंटे 282 लोग प्रदूषण से मारे जाते हैं। भारत में होने वाली पूरी मौतों में से 18% मौते केवल प्रदूषण की वजह से होती है। जोकि एक बहुत ज्यादा खतरनाक स्थिति है।

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प्रदूषण से निजात पाने के आयुर्वेदिक घरेलु उपाय -

आयुर्वेद के पास ऐसे बहुत सारे उपाय है जिससे आप प्रदूषण को रोकने में सफल हो सकते हैं:

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  1. आयुर्वेद के नस्य कर्म अनुसार प्रदूषण से बचने के लिए घर से बाहर जाते समय। तिल, सरसो का तेल या फिर गाय से शुद्ध देशी घी को हल्का गुनगुना करके।
  2. ठंडा होने पर रुसी या फिर किसी डिप की सहायता से नांक में डालें। इससे इलर्जी पैदा करने वाले धूल के कारण फेफड़ो तक नही पहुंच पाते है।
  3. कोशिश कीजिये कि शरीर के अधिकांश हिस्सों को कपड़ों से ढ़क लें, और जो हिस्सा खुला हो वहां पर सरसों का तेल लगा लें। ऐसा करने से प्रदूषण के कण आपके शरीर तक नहीं पहुंच पाएंगे। इससे आप सुरक्षित रहेंगे।
  4. यदि आपको हाइ ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो सुबह-शाम घर के बाहर घूमने जानें से बचें।
  5. डीप-फ्राइड फूड्स को जितना हो सके खाने से बचें। ताजे फल एवं सब्जियों का सेवन करें। अधिक तेल एवं मसालेदार खाने से जितना हो सके बचें।
  6. मैदे से बनी चीजें को बिल्कुल भी शरीर में प्रवेश न होनें दें।
  7. ऐसे खाद्य पदार्थों को भी नही खाना चाहिए जिसको बचाने में शरीर को अधिक समय लगता है। क्योंकि ऐसे में आपकी इम्युनिटी कमजोर हो सकती है।
  8. अपनी डाइट में दूध, घी, दही, दलिया, मिक्स आटे की रोटी, चावल, मूंगदाली की खिचड़ी, हरे साग, मूंग दाल की सूप, तोरी, सीताफल, टिंडे, मूली टमाटर इत्यादि को प्राथमिकता दें। ये सभी खाद्य पदार्थ शरीर में आसानी से पच जाती है और इम्यूनिटी को मजबूत करती है।
  9. मुनक्का और बादाम प्रदूषण से लड़ने में आपकी मदद कर सकते हैं। इनको दूध में उबाल कर रात में लिया जा सकता है।
  10. फेफड़ो की मजबूती एवं सफाई के लिए हर्बल टी का प्रयोग करें। हर्बल चाय में आप अदरक, दालचीन, गुड़, तुलसी के पत्ते, काली मिर्च, इलायची, सौफ, अजवाइन आप डाल सकते हैं।
  11. योग एवं प्राणायाम जरुर करें ताकि हमारा इम्युन सिस्टम मजबूत बना रहे। हफ्ते में एक बार जलनेति क्रिया जरूर करें। इससे श्वसननली अच्छी रहती है और हवा का संचार तेजी के साथ होता है।

(Inputs By: Dr. Chanchal Sharma, Ayurvedic Expert-Aasha Ayurveda Centre, New Delhi)

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