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आज भारत में वायु प्रदूषण की हालत ऐसी है कि दिल्ली के किसी भी कोने में सांस लेने लायक वायु उपलब्ध नही है। दिल्ली आसपास के समेत तीन राज्यों के लोग जहरीले हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। क्योंकि दिल्ली एनसीआर की हवा में प्रदूषण पूरे भारत में सबसे ज्यादा है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण हृदय एवं श्वास रोगी की संख्या में तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। बीमार पड़ने वाले लोगों में सबसे ज्यादा बच्चे एवं बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें इस प्रदूषण के कारण हॉस्पिटल जाना पड़ा है।
प्रदूषण के आंकडों पर अगर नजर डालें तो एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दूनिया में 90 लाख लोगों की जान हर साल इस बढ़ते प्रदूषण के कारण ही जाती है। इसमें से 25 लाख भारतीय हैं। मरने वाले भारतीयों में 60 प्रतिशत दिल के मरीज होते हैं। प्रदूषण से जुड़े विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रदूषण में मौजूद 2.5 पार्टिकल हृदय की धमनियों में सूजन का बड़ा कारण बनते हैं। यह पार्टिकल इतने छोटे होते हैं कि यह शरीर में घुसकर ब्लड स्ट्रीम के अंदर चले जाते हैं, और हार्ट की धमनियों में सूजन पैदा करते हैं, और खून के थक्के भी जमा देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में प्रदूषण के कारण युवाओं में हार्ट की बीमारी सबसे ज्यादा इसी कारण से बढ़ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण प्रदूषण ही है। प्रदूषण का असर महिला एवं फर्टिलिटी पर भी पड़ता है। जिससे इनफर्टिलिटी के मरीज अधिक संख्या में देखने को मिल रहे हैं।
आशा आयुर्वेद केंद्र की आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा इस बढ़ते प्रदूषण को देशव्यापी संकट बताती हैं। यह मानव जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो सकता है, क्योंकि चिकित्सा के क्षेत्र में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) ने प्रदूषण की वजह से मरने वाले लोगों के आंकड़े जारी किए थे। वर्ष 2019 में प्रदूषण की वजह से भारत में 16 लाख लोगों की मृत्यु प्रदूषण की वजह से हुई थी। इनमें 16 लाख लोगों में से 9.80 लाख लोग PM 2.5 के कारण अपनी जान गंवा बैठे थे। अर्थात हवा में घूले धूल के कण अधिक स्तर पर होने की वजह से मारे गये। 6.10 लाख लोगों की मौत इनडोर पॉल्यूशन (घर की अंदर की हवा में मौजूद धूल कण) की वजह से हुई। हमारे देश भारत में प्रतिदिन 4383 लोगों की मौत का जिम्मेदार यह प्रदूषण ही है। यानि की हर घंटे 282 लोग प्रदूषण से मारे जाते हैं। भारत में होने वाली पूरी मौतों में से 18% मौते केवल प्रदूषण की वजह से होती है। जोकि एक बहुत ज्यादा खतरनाक स्थिति है।
आयुर्वेद के पास ऐसे बहुत सारे उपाय है जिससे आप प्रदूषण को रोकने में सफल हो सकते हैं:
(Inputs By: Dr. Chanchal Sharma, Ayurvedic Expert-Aasha Ayurveda Centre, New Delhi)