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Written By: Atul Modi | Updated : July 9, 2021 6:00 PM IST
प्रीडायबिटीज (Prediabetes) आधुनिक समय की गतिहीन जीवन शैली का एक खतरा है। यदि इस पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो व्यक्ति डायबिटीज के शिकार हो सकते हैं। प्रीडायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपका ब्लड शुगर लेवल सामान्य से अधिक होता है, लेकिन इतना अधिक नहीं होता कि इसे टाइप 2 डायबिटीज के रूप में वर्गीकृत किया जा सके।
लेकिन अच्छी खबर यह है कि अगर आयुर्वेद की मानें तो स्वस्थ जीवनशैली में कुछ सामान्य बदलाव के साथ, जैसे स्वस्थ भोजन खाना, अपनी दैनिक दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना और स्वस्थ वजन बनाए रखना आपको अपने ब्लड शुगर लेवल को फिर से सामान्य करने में मदद मिल सकती है। अगर आप भी प्रीडायबिटीज के जोखिम को लेकर चिंतित हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं क्योंकि हम यहां आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से आपके लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव लेकर आये हैं, जिससे आपको प्रीडायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही एक प्रीडायबिटीक को किस तरह की डाइट को फॉलो करना चाहिए। इससे पहले कि हम आगे बढें आइए जानते हैं कुछ ऐसे फूड्स जो आपके डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. श्याम वीएल (Dr. Shyam VL) बीएएमएस, एमडी, एमफिल बताते हैं, जहां आयुर्वेदिक डाइट को फॉलो करने से आपको डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है वहीं कुछ अस्वस्थ्यकर फूड्स का सेवन आपके जोखिम को बढ़ाने का काम कर सकता है। ऐसे में आपको इन खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए जैसे- दूध, मिठाई, आइसक्रीम, फल चीनी, केक, पेस्ट्री, मीठे बिस्कुट, चॉकलेट, शीतल पेय, गाढ़ा दूध, क्रीम, गुड़, दही आदि।
डॉ. श्याम के मुताबिक, हमें सबसे पहले अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की आवश्यकता है। प्रीडायबिटिक को लंबे समय तक टीवी के आगे बैठने, गतिहीन जीवनशैली से बचने और दिन के समय सोने से परहेज करना चाहिए। अत्यधिक मिठाइयां, जंक फ़ूड, तैलीय भोजन कम करें और अधिक सब्जियां खाएं।
डॉ. श्याम के अनुसार प्रीडायबिटिक डाइट में दालचीनी, एलोवेरा, आंवला, ग्रीन टी, मेथी, नीम और हल्दी को शामिल करना बेहद कारगर साबित हो सकता है। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स और कम ग्लाइसेमिक लोड वाली सब्जियों और फलों का सेवन बढ़ाएं। कम वसा वाले डेयरी उत्पादों और बीन्स का सेवन करें। अधिक बार साबुत अनाज चुनें। वसायुक्त लाल मांस (Fatty Red Meat) या प्रसंस्कृत मांस (Processed Meat) के बजाय कुक्कुट (Poultry), और दुबला मांस (Lean Meat) का विकल्प चुनें।
प्रीडायबिटीज के प्रबंधन में हल्दी और आंवला का संयोजन बेहद कारगर है। हल्दी कोशिकाओं के बीच इंसुलिन प्रतिरोध को रोकने में मदद करती है। यह कोशिकाओं में ग्लूकोज के लिए एक चैनल ओपनर के रूप में कार्य करता है। वहीं आंवला मधुमेह रोगी में मोतियाबिंद और रेटिनोपैथी को रोकने में सक्षम है।
मेथी के बीज भी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और हल्के टाइप 2 डायबिटीज वाले रोगियों में इंसुलिन प्रतिरोध को कम करते हैं।