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अवसाद और एंग्जाइटी को तुरंत कंट्रोल करते हैं ये 4 आयुर्वेदिक तरीके, तन-मन रहता है एकदम स्वस्थ

मानसिक रोग होने पर अंग्रेजी दवाओं के सेवन से पहले घरेलू नुस्खों और आयुर्वेदिक उपचारों को अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। आज हम आपको अवसाद से निपटने के लिए 4 ऐसे आयर्वुेदिक तरीके बता रहे हैं जो काफी असरदार हैं।

अवसाद और एंग्जाइटी को तुरंत कंट्रोल करते हैं ये 4 आयुर्वेदिक तरीके, तन-मन रहता है एकदम स्वस्थ

Written by Rashmi Upadhyay |Updated : December 14, 2020 2:01 PM IST

वर्तमान समय में अवसाद, एंग्जाइटी और अन्य मानसिक रोग होना बहुत आम हो गया है। नैशनल लैबोरेटरी ऑफ मेडिसिन (एनसीबीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के चलते लोगों में मानसिक बीमारियों का ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा है। मानसिक रोग होने पर अंग्रेजी दवाओं के सेवन से पहले घरेलू नुस्खों और आयुर्वेदिक उपचारों को अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। आज हम आपको अवसाद से निपटने के लिए 4 ऐसे आयर्वुेदिक तरीके बता रहे हैं जो काफी असरदार हैं।

डिप्रेशन के कुछ सामान्य लक्षण

किसी भी कार्य के लिए अपने आप को अपराधी मानना

थकावट और ऊर्जा में कमी, छोटे-छोटे कार्यों को करने में अधिक मेहनत लगना

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छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना, बेचैनी

सामान्य कार्यों में भी रूचि न होना या खुशी न मिलना

उदासी, अशांति, खालीपन या निराशा की भावना

नींद न आना या बहुत अधिक नींद आना

भूख और वजन में कमी होना या भूख या वजन का बढ़ना

चिंता, उत्तेजना या बेचैनी

सोचने, बोलने या कोई भी काम करने में समय लगना

अवसाद के लिए 4 आयुर्वेदिक उपचार

मालिश करें

जी हां, सही सुन रहे हैं आप! डिप्रेशन या एंग्जाइटी की स्थिति में मालिश करने से काफी लाभ मिलता है। जब शरीर की मालिश होती है तो मांसपेशियों को काफी आराम मिलता है। जिसके चलते शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी दुरुस्त होता है। बाला, अश्वगंधा और चंदन जैसे विभिन्न हर्बल तेलों से मालिश करने से शरीर के अंदर अच्छे हॉर्मोन्स जैसे कि सेरोटोनिन और डोपामाइन का उत्पादन बढ़ता है। जिससे तन मन अच्छा रहता है और नींद की कमी भी दूर होती है।

नियमित योगा करें

नियमित रूप से योगा करना शरीर के लिए कई मायनों में फायदेमंद होता है। योग अवसाद को दूर करने के लिए बेहतर और आसान उपचार है। एक शोध में पाया गया है कि जो लोग प्राणायाम और योगासन नियमित रूप से करते हैं, वह अवसाद और निराशा की भावना के लिए कम संवेदनशील होते हैं। सुबह की सैर पर जाएं और फिर लाभ देखें।

दूध और हल्दी

हल्दी मौसमी अवसाद पर प्रभावी ढंग से उपचार करने में मदद करती है। यदि आपको मौसम में परिवर्तन के साथ उदास लगता है, तो गर्म दूध में चीनी और कुछ हल्दी डाल कर ले सकते हैं। इस उपचार का सकारात्मक प्रभाव महसूस करने के लिए इस मिश्रण को कम से कम एक सप्ताह तक लें।

पूरी नींद लें

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स्वस्थ नींद संबंधी आदतें भी डिप्रेशन को दूर करने में प्रभावी है। रोजाना सोने और जल्दी उठने के समय को निर्धारित करें। याद रखें, नींद हमारे लिए आवश्यक है लेकिन अधिक नींद नहीं। रात को 10 बजे से पहले सोएं और सुबह 6 बजे सूर्य उदय से पहले उठें।