शरीर में कफ बढ़ने के क्या लक्षण हैं? जानें कफ दोष को संतुलित  करने के उपाय

Symptoms Of Kapha Imbalance: हमारे शरीर में वात, पित्त और कफ तीन तरह के दोष पाए जाते हैं। शरीर में कफ दोष का असंतुलन कई तरह के रोगों का कारण बन सकता है। आइए, जानते हैं शरीर में कफ बढ़ने के लक्षण और इसे संतुलित करने के घरेलू उपायों के बारे में -

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Written By: priya mishra | Published : April 22, 2024 8:31 AM IST

Symptoms Of Kapha Imbalance: आयुर्वेद के अनुसार, हमारा शरीर वात, पित्त और कफ से मिलकर बना है। इन्हें आयुर्वेद में त्रिदोष कहा जाता है। यदि किसी व्यक्ति को स्वस्थ रहना है, तो उसे अपने इन त्रिदोषों को संतुलित रखने की जरूरत होती है। साथ ही, यदि आपके शरीर में तीनों में से कोई एक दोष असंतुलित हो जाता है, तो इसके कारण आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, आयुर्वेद के अनुसार कफ का असंतुलन होने पर हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके चलते हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है और शरीर में लगातार थकान और सुस्ती रहती है। इसके अलावा, शरीर में कफ के बढ़ने पर हमारा वजन भी तेजी से बढ़ने लगता है। आज इस लेख में आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ रितु चड्ढा से जानते हैं शरीर में कफ बढ़ने के लक्षण और इसे संतुलित करने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में -

शरीर में कफ बढ़ने के लक्षण

  • कफ बढ़ने पर हर समय थकान और नींद जैसा महसूस होता है।
  • यदि शरीर में कफ बढ़ जाए, तो आपके शरीर से बहुत अधिक पसीने के साथ-साथ चिपचिपा पदार्थ भी निकलता है।
  • कफ बढ़ने का असर आपको अपने मस्तिष्क पर भी देखने को मिलेगा, जिसके कारण आप बेचैनी, निराशा, और गुस्सा जैसे लक्षण देख सकते हैं।
  • कफ बढ़ने पर आपके शरीर का वजन बिना किसी कारण के बढ़ना शुरु हो जाता है।
  • कफ बढ़ने पर आपको अपनी त्वचा में पीलापन महसूस हो सकता है।

शरीर में कफ दोष को संतुलित करने के उपाय - Home Remedies To Balance Kapha Naturally

शहद का सेवन

आयुर्वेद के अनुसार, शहद को सुपरफूड की श्रेणी में शामिल किया गया है। यदि आप शरीर में कफ दोष को संतुलित रखना चाहते हैं, तो आपको रोजाना शहद का सेवन करना चाहिए। वहीं, यदि आपको कुछ साल पुराना शहद मिल जाए, तो यह कफ को संतुलित करने के लिए रामबाण साबित हो सकता है।

व्यायाम

हेल्दी जीवन के लिए खाने-पीने के अलावा व्यायाम भी काफी जरूरी है। कफ को शरीर में संतुलित रखने के लिए आपको अपनी रोजाना व्यायाम करना बहुत आवश्यक है। यदि आप रोजाना धनुरासन, भुजंगासन, उष्ट्रासन और सूर्य नमस्कार जैसे योगाभ्यासों को करते हैं, तो इससे आपका कफ का स्तर तेजी से सामान्य हो सकता है।

त्रिफला का सेवन

हरड़, बहेड़ा और आंवला को बराबर मात्रा में मिलाकर तैयार किया गया चूर्ण त्रिफला कहलाता है। आयुर्वेद में त्रिफला को त्रिदोष नाशक कहा गया है। यदि आप कफ के असंतुलन से परेशान हैं, तो आपको रोजाना त्रिफला का सेवन सुबह खाली पेट 2 चम्मच गर्म पानी के साथ करना चाहिए।

बैलेंस डाइट लें

जरूरत से ज्यादा खाना भी हमारे त्रिदोष को असंतुलित करने का एक बड़ा कारण बन जाता है। अगर आप कफ के असंतुलन से परेशान हैं, तो आपको अपनी डाइट को लेकर काफी सावधान रहने की जरूरत है। कफ प्रकृति वाले व्यक्ति को बहुत कम मात्रा में आहार लेना चाहिए। वहीं, आयुर्वेद की मानें तो उपवास करना भी कफ को संतुलित रखने में काफी मदद कर सकता है। इसके लिए आप सप्ताह में एक दिन का उपवास जरूर कर सकते हैं।

Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।

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