शायद मैं कभी मां नहीं बन पाउंगी, आप दूसरी शादी कर लो, फिर 13 साल बाद जगी उम्मीद की किरण

शादी के सालों बाद भी मां न बन पाना किसी भी महिला के लिए किसी सदमें से कम नहीं है। हम आपके लिए ऐसी ही एक महिला की सच्ची कहानी लेकर आए हैं, जिसने 13 सालों तक इंतजार किया और फिर आयुर्वेद ने उसका जीवन बदला।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : June 1, 2026 5:08 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma

यह बात सोचकर भी कितना डर लगता है कि आपकी शादी को कई साल हो चुके हैं और फिर भी आप मान नहीं बन पा रही हैं। एक महिला के लिए यह मानसिक और भावनात्मक दर्द बन जाता है, जब रिश्तेदार और पड़ोसी बार-बार पूछते हैं "अच्छी खबर कब दोगी?" ऐसे में उस महिला के मन पर क्या बीत रही होगी? बच्चे की खिलखिलाहट सुनने के लिए वह महिला कितनी तरह रही होगी हम इमेजिन भी नहीं कर सकते। आज हम ऐसी ही एक रियल लाइफ स्टोरी के बारे में बात करेंगे कि कैसे बिहार की पुष्पा ने 13 साल तक मां बनने की कोशिश की और आखिर में कैसे आयुर्वेद ने उसका पूरी जीवन बदल दिया। यह सिर्फ एक सच्ची कहानी नहीं है बल्कि खुद महिला और उनका ट्रीटमेंट करने वाले हेल्थ एक्सपर्ट्स द्वारा बताई गई वह सीख है कि कभी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। चलिए मिलते हैं पुष्पा से।

बिहार की रहने वाली पुष्पा की कहानी

हर महिला की तरह पुष्पा ने भी शादी के बाद मां बनने का सपना देखा था और शादी के बाद वह अपने पति के साथ खुशी-खुशी अपना जीवन बिता रही थी। शादी के बाद शुरुआती कुछ सालों तक उसे ज्यादा डर नहीं लगा, लेकिन जैसे-जैसे साल बीतते गए पुष्पा का मां न बनने का डर एक मानसिक सदमा बन गया, क्योंकि उसको लगने लगा कि शायद उनकी इनफर्टिलिटी का इलाज नहीं है।

जांच कराई तो पता चला ट्यूबल ब्लॉकेज

ऐसा नहीं है कि पुष्पा ने 13 साल तक बस इंतजार किया, बल्कि जांच कराई तो पता चला कि ट्यूबल ब्लॉकेज है यानी ऐसी हेल्थकंडीशन जिसमें एक या दोनों फैलोपियन ट्यूब थोड़ी बहुत ब्लॉक हो जाती है या फिर पूरी तरह से बंद हो जाती है। ये नलियां महत्वपूर्ण इसलि होती हैं, क्योंकि इसी नली से होते हुए शुक्राणु अंडे से जाकर मिलती हैं और वहां से निषेचित भ्रूण से शुरुआत होती है और गर्भधारण शुरु होता है। फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज महिलाओं में इनफर्टिलिटी का एक बड़ा कारण बन चुकी है।

इतने सालों से अपनी इनफर्टिलिटी की समस्या का इलाज न मिल पाने के कारण मैं अंदर ही अंदर टूट चुकी थी और मुझे लगने लगा था कि शायह मैं अपने पति के लिए एक पत्नी के तौर पर सही नहीं हूं, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह बच्चे को जन्म नहीं दे सकती थी। भारी मन से मैने अपने पति से यह भी गुजारिश की कि वे पिता बनने के लिए किसी दूसरी महिला से शादी कर लें। लेकिन मेरे पति इन मुश्किल समय में मेरे साथ खड़े रहे और मुझे हर वह चीज दी जिसकी मुझे जरूरत थी, भले ही उन्हें यह लगता था कि उसे कभी बच्चा नहीं होगा।पुष्पा (बिहार)

आशा आयुर्वेदा से मिली नई उम्मीद की किरण

हर जगह से नाकामयाबी मिलने के बाद पुष्पा अंदर ही अंदर पूरी तरह से टूट चुकी थी और उसका “कभी मां न बन पान” का डर अब धीरे-धीरे यकीन में बदलने लगा था। उबर से रिश्तेदार और पड़ोसियों से मिलने वाले तानों ने जीवन को नर्क बना दिया था। लेकिन पुष्पा भी हार मानने को तैयार नहीं थी और उसने आशा आयुर्वेदा जाकर फर्टिलिटी स्पेशलिस्टस से सलाह ली।

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डॉ. चंचल शर्मा को सही और सटीक इलाज से पुष्पा को वह चीज मिल पाई जो उसे महंगे से महंगा इलाज भी नहीं दे पा रहा था। पुष्पा की खोई ही उम्मीद की किरण फिर से चमकने लगी और अब पुष्पा अपनी गर्भावस्था के 5वें महीने में है और अपनी यह यात्रा हमारे साथ साझा कर रही है।

आयुर्वेद ने जीवन बदल दिया

डॉ. चंचल शर्मा ने बताया कि जब हम उसके चेहरे पर फिर से एक प्यारी सी मुस्कान खिलती हुई देखते हैं, तो हमारी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता। अब वह वह पुष्पा नहीं रही जो आंखों में आंसू और दिल में गहरी निराशा लिए, खुद पर जरा भी भरोसा न करते हुए हमारे पास आई थी। अब वह पूरी तरह से आश्वस्त और आशावादी है कि वह भी स्वाभाविक रूप से गर्भधारण कर सकती है। यह सब आयुर्वेद की मदद से और 'आशा आयुर्वेद' में हमारे फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के विशेषज्ञों के सटीक मार्गदर्शन से हुए।

यह सिर्फ पुष्पा की ही कहानी नहीं है, बल्कि उसके जैसी 50 हजार से भी ज्यादा महिलाओं की कहानी है, जिन्होंने हमारी विशेष आयुर्वेदिक थेरेपी और आयुर्वेद के क्षेत्र में 15+ वर्षों के बेहतरीन अनुभव की मदद से स्वाभाविक रूप से गर्भधारण किया।

यह बच्चा मेरी सास के लिए एक वरदान है

पुष्पा ने यह भी बताया कि उसकी सास जो इस सफर में उसकी सबसे करीबी साथी थीं, अब इस बच्चे को देखने के लिए जीवित नहीं हैं। लेकिन वह इतनी भाग्यशाली थीं कि उन्हें यह खुशखबरी मिल गई थी कि उनकी बहू आखिरकार गर्भधारण कर पाई और वह भी स्वाभाविक रूप से।

डिसक्लेमर: यह लेख संबंधित व्यक्ति की सहमति लेकर लिखा गया है और इसमें दी गई जानकारी का उद्देशय सिर्फ आयुर्वेद में इनफर्टिलिटी जैसी समस्याओं के इलाज के बारे में बताना है। इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी का दावा या पुष्टि thehealthsite.com नहीं करता है।

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