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Written By: Kishori Mishra | Published : August 23, 2020 1:50 PM IST
रोग प्रतिरोधक बढ़ाने वाली चीजें कहीं बन जाए ना बीमारी का कारण, चिकित्सकों से जरूर लें सलाह
Coronavirus and Ayurveda : कोरोनावायरस से बचने के लिए लोग इम्यूनिटी बूस्ट करने के कई तरह के उपाय अपना रहे हैं, लेकिन आपको बता दें कि यह उपाय कई तरह के बीमारियों का कारण बन रही है। मसाला, काढ़ा, जिंक, विटामिंस इत्यादि के ओवरडोज की वजह से अल्सर, पेट दर्द और फ्लू जैसी तमाम शिकायतें होने लगती हैं। इसलिए डॉक्टरी परामर्श से ही इन उपायों को अपनाएं, वरना आप कई तरह की परेशानियों के शिकार (Coronavirus and Ayurveda) हो सकती हैं।
इस महामारी का प्रकोप जब से शुरू हुआ है, तब से लोगों द्वारा इससे बचने के उपाय अपनाएं जा रहे हैं। आजकल कई लोग काढ़ा, गिलोय, मसाला, विटामिन-सी, जिंक इत्यादि का सेवन बहुत ही अधिक कर रहे हैं। इनकी सही मात्रा की जानकारी न होने की वजह से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली इन चीजों का सेवन लोग बेहिसाब मात्रा में कर रहे हैं। अदरक, दालचीनी, लौंग जैसे मसाले तासीर को गर्म करते हैं। इनके अधिक इस्तेमाल से छाले, पेट की परेशानियां, कब्ज, हार्ट, बवासीर जैसी तमाम समस्याएं (Coronavirus and Ayurveda) बढ़ रही हैं।
हमारे शरीर को जिंक और विटामिन-सी की बहुत ही अधिक आवश्यकता होती है। जिंक स्वाद परखने, डीएनए निर्माण, चोट लगने पर जल्द सूखने के साथ-साथ इम्यून पावर को बढ़ाने का कार्य करता है। हालांकि, इसके अधिक सेवन से शरीर को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। जिंक का ओवरडोज लेने से उल्टी होना, मिचली आना, पेट दर्द, डायरिया के साथ ही फ्लू जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। इतना ही नहीं जिंक के अधिक सेवन से शरीर में कॉपर तत्व की कमी होने लगती है, जो स्वस्थ शरीर के लिए बहुत ही जरूरी है। इसी तरह विटामिन-सी की अधिक मात्रा लेने से पेट में दर्द, डायरिया, पथरी, दांतों पर कैल्शियम की परत जमने के साथ ही कब्ज की शिकायत होने लगती है। चिकित्सक के परामर्श पर जरूरत के अनुसार ही इनका सेवन करें।
इम्यून सिस्टम को बेहतर करने के लिए कोरोनाकाल में आयुर्वेदिक काढ़ा और औषधी वरदान के समना कार्य करता है, लेकिन सही मात्रा में इन औषधी का सेवन करना बहुत ही जरूरी है। औषधियों के इस्तेमाल का अगर सही ज्ञान ना हो, तो यह शरीर को फायदे पहुंचाने की जगह नुकसान पहुंचा सकता है। आयुर्वेदिक औषधी का इस्तेमाल करने से पहले वैद्य से इसकी सलाह जरूर लें।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए हल्दी वाला दूध हमारे लिए बहुत ही लाभकारी है। लेकिन दूध में हल्दी मिलाते टाइम इसकी मात्रा का ख्याल रखें। विशेषज्ञों के अनुसार, एक गिलास दूध में सिर्फ हल्दी की मात्रा सिर्फ 3 ग्राम होनी चाहिए। दूध को हमेशा लोहे की कड़ाही में उबालें।
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