
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma
मेनोपॉज में होने वाली परेशानी को कम करने में शतावरी काफी हद तक फायदेमंद होता है।
पीरियड्स हम महिलाओं के जीवन का अहम हिस्सा है, लेकिन उम्र का एक पड़ाव ऐसा भी आता है, जब पीरियड्स हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं। महिलाओं के जीवन में आने वाले इस पड़ाव को मेडिकल भाषा में मेनोपॉज कहा जाता है। आमतौर पर यह 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होता है। मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन का एक नेचुरल सर्कल ही है। दिल्ली की आशा आयुर्वेदा की आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिसकी वजह से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं सामने आती हैं।
इस दौरान कुछ महिलाओं को दिन में कई बार हॉट फ्लैश (अचानक तेज गर्मी लगना), रात में पसीना आना, नींद न आना, मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, थकान, जोड़ों में दर्द, योनि में सूखापन और हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को होने वाली परेशानियों को कम करने में शतावरी आपकी मदद कर सकता है। आयुर्वेद में शतावरी को महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद आयुर्वेदिक जड़ी- बूटी माना गया है। आइए आगे जानते हैं मेनोपॉज में शतावरी कैसे फायदेमंद है और इसका सेवन कैसे करना चाहिए?
शतावरी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। (File photo)
Journal of Pharmaceutical Research International की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी बताती है कि शतावरी एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है, जिसका वैज्ञानिक नाम Asparagus racemosus है। आयुर्वेद में इसे महिलाओं की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है। शतावरी का इस्तेमाल महिलाओं की हार्मोन हेल्थ, फर्टिलिटी रेट और स्तनपान के दौरान होने वाली शारीरिक कमजोरी को ठीक करने के लिए किया जाता है। शतावरी में मुख्य रूप से एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर करते हैं।
उनमें हॉट फ्लैश और रात में पसीना आने की समस्या बाकी महिलाओं की तुलना में ज्यादा होती है।
मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव आते हैं।
डॉक्टर का कहना है कि मेनोपॉज के दौरान या मेनोपॉज के बाद महिलाएं कई तरीकों से शतावरी का सेवन कर सकती हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः
कुछ लोग इसका काढ़ा भी बनाकर पीते हैं, लेकिन इसकी मात्रा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही होनी चाहिए।
डॉ. चचंल शर्मा कहती हैं कि शतावरी आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसे महिलाओं के लिए लंबे समय से इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन मेनोपॉज के बाद हर महिला के शरीर की जरूरत अलग होती है। इसलिए मेनोपॉज के बाद शतावरी का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।