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मेनोपॉज की परेशानी को कम कर सकता है शतावरी, हेल्थ एक्सपर्ट बता रहे हैं इसके सेवन का तरीका

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को हार्मोन से जुड़ी कई तरह की परेशानियां होती हैं। इन परेशानियों को कम करने में शतावरी आपकी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं डॉक्टर से इसके बारे में-

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : July 7, 2026 3:36 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma

पीरियड्स हम महिलाओं के जीवन का अहम हिस्सा है, लेकिन उम्र का एक पड़ाव ऐसा भी आता है, जब पीरियड्स हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं। महिलाओं के जीवन में आने वाले इस पड़ाव को मेडिकल भाषा में मेनोपॉज कहा जाता है। आमतौर पर यह 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होता है। मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन का एक नेचुरल सर्कल ही है। दिल्ली की आशा आयुर्वेदा की आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिसकी वजह से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याएं सामने आती हैं।

इस दौरान कुछ महिलाओं को दिन में कई बार हॉट फ्लैश (अचानक तेज गर्मी लगना), रात में पसीना आना, नींद न आना, मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, थकान, जोड़ों में दर्द, योनि में सूखापन और हड्डियों की कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को होने वाली परेशानियों को कम करने में शतावरी आपकी मदद कर सकता है। आयुर्वेद में शतावरी को महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद आयुर्वेदिक जड़ी- बूटी माना गया है। आइए आगे जानते हैं मेनोपॉज में शतावरी कैसे फायदेमंद है और इसका सेवन कैसे करना चाहिए?

शतावरी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। (File photo)

क्या है शतावरी?

Journal of Pharmaceutical Research International  की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी बताती है कि शतावरी एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है, जिसका वैज्ञानिक नाम Asparagus racemosus है। आयुर्वेद में इसे महिलाओं की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है। शतावरी का इस्तेमाल महिलाओं की हार्मोन हेल्थ, फर्टिलिटी रेट और स्तनपान के दौरान होने वाली शारीरिक कमजोरी को ठीक करने के लिए किया जाता है। शतावरी में मुख्य रूप से एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर करते हैं।

मेनोपॉज में शतावरी कैसे मदद कर सकती है?

  1. डॉ. चचंल शर्मा बताती हैं कि मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है। ऐसे में महिलाएं शतावरी का सेवन करें तो इससे एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर थोड़ा बढ़ सकता है। इससे महिलाओं को होने वाली शारीरिक थकान में कमी आ सकती है।
  2. CBC की रिसर्च बताती है कि मेनोपॉज से पहले और मेनोपॉज के दौरान जो महिलाएं नियमित रूप से शतावरी का सेवन करती हैं

    उनमें हॉट फ्लैश और रात में पसीना आने की समस्या बाकी महिलाओं की तुलना में ज्यादा होती है।

  3. मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलावों की वजहों से महिलाओं के मूड में बदलाव होता है। इससे चिड़चिड़ापन, गुस्सा आना, चिंता और मानसिक तनाव की समस्या देखी जाती है। इन परेशानियों को कम करने में भी शतावरी मददगार होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एडाप्टोजेनिक गुण मानसिक तनाव कम करते हैं।
  4. Journal of Obstetrics and Gynaecology Research की स्टडी बताती है कि मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में कई बार नींद की परेशानी भी देखी जाती है। नींद से जुड़ी परेशानी को कम करने में भी शतावरी बहुत फायदेमंद होती है।
  5. डॉ. चचंल बताती हैं कि मेनोपॉज के बाद ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। शतावरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव तत्व हड्डियों को सपोर्ट करते हैं, जिससे मेनोपॉज के बाद होने वाला ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम करने में मदद मिलती है। हालांकि इसे ऑस्टियोपोरोसिस की दवा नहीं माना जा सकता है।

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव आते हैं। मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव आते हैं।

महिलाएं शतावरी का सेवन कैसे करें?

डॉक्टर का कहना है कि मेनोपॉज के दौरान या मेनोपॉज के बाद महिलाएं कई तरीकों से शतावरी का सेवन कर सकती हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैः

  1. शतावरी चूर्ण- लगभग 3 से 6 ग्राम शतावरी चूर्ण को गुनगुने दूध या पानी के साथ के साथ दिन में एक बार पिया जा सकता है।
  2. शतावरी कैप्सूल- शतावरी चूर्ण का स्वाद हल्का सा कसौला होता है। अगर आपको इसका स्वाद पसंद नहीं है तो आप शतावरी की कैप्सूल भी खा सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि शतावरी कैप्सूल की डोज सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही लें। शतावरी कैप्सूल की डोज कम या ज्यादा होने पर महिलाओं को फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।
  3. शतावरी काढ़ा- महिलाएं चाहे तो शतावरी का काढ़ा बनाकर भी पी सकती हैं। लेकिन शतावरी का काढ़ा बनाकर पीते समय हमेशा इसकी मात्रा का खास ख्याल रखें।

कुछ लोग इसका काढ़ा भी बनाकर पीते हैं, लेकिन इसकी मात्रा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही होनी चाहिए।

डॉ. चचंल शर्मा कहती हैं कि शतावरी आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसे महिलाओं के लिए लंबे समय से इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन मेनोपॉज के बाद हर महिला के शरीर की जरूरत अलग होती है। इसलिए मेनोपॉज के बाद शतावरी का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।