Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

Ayurvedic Remedies for Zika Virus: जीका वायरस से बचने के लिए सीनियर आयुर्वेदिक डॉक्‍टर ने बताई 5 चीजें, आसानी से मिलेंगी किचन में

डॉ. प्रताप चौहान कहते हैं कि आयुर्वेद में मच्‍छर जनित बीमारियों से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका फ्यूमिगेशन (fumigation) जिसे हिंदी में धूमीकरण कहते हैं को माना जाता है.

Ayurvedic Remedies for Zika Virus: जीका वायरस से बचने के लिए सीनियर आयुर्वेदिक डॉक्‍टर ने बताई 5 चीजें, आसानी से मिलेंगी किचन में
च्यवनप्राश में कई ऐसे हर्ब होते हैं जो इम्‍युनिटी को भी बढ़ाते हैं.

Written by Rashmi Upadhyay |Published : November 10, 2021 5:05 PM IST

कोरोना वायरस के बाद अब देशभर में जीका वायरस (Zika Virus) ने दहशत मचा दी है। देखते ही देखते जीका वायरस देश के कई राज्‍यों को हॉपस्‍पॉट बना चुका है। आपको बताते चलें कि जीका वायरस एडीज (Aedes) मच्‍छर के काटने से होता है। ये मच्‍छर रात की तुलना में दिन में ज्‍यादा काटते हैं। उत्‍तर प्रदेश के कानपुर समेत कन्‍नौज और मथुरा में जीका वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉक्‍टरों ने जहां जीका वायरस के केस बढ़ने की चेतावनी दी है तो वहीं स्‍वास्‍थ्‍य विभाग भी अलर्ट जारी कर दिया है। क्‍योंकि जीका वायरस के मामले काफी तेजी से बढ़ने के कारण हाहाकार मचा हुआ है इसलिए हर कोई इससे बचाव के तरीके ढूंढ रहा है। आज जीवा आयुर्वेद के डायरेक्‍टर आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान (Ayurvedacharya Dr Partap Chauhan is the Director of Jiva Ayurveda) हमारे साथ खास बातचीत में जीका वायरस से बचाव के कुछ आसान और सरल आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Remedies to prevent zika virus) बता रहे हैं। आइए जानते हैं-

आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान कहते हैं "चाहे जीका वायरस हो या कोई और मच्‍छर जनित बीमारी हो, इनसे बचने का सबसे बेस्‍ट तरीका ये है कि जितना हो सके मच्‍छरों से बचा जा सके और अपने आसपास सफाई रखें। जब मच्‍छरों का मौसम होता है तो पूरे बाजू के कपड़े पहनने चाहिए। खासकर छोटे बच्‍चों को ऐसे समय पर अच्‍छी तरह से कवर कर के रखें। अगर आपके घर के आसपास काफी मच्‍छर हैं तो मच्‍छरदानी का प्रयोग करें।"

dengue

Also Read

More News

ये सवाल पूछने पर कि जीका वायरस के बचने के लिए किन आयुर्वेदिक चीजों या हर्ब का इस्‍तेमाल कर सकते हैं तो आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान ने निम्‍न चीजों का सुझाव दिया है-

  • डॉ. प्रताप चौहान कहते हैं कि आयुर्वेद में मच्‍छर जनित बीमारियों से बचने का सबसे अच्‍छा तरीका फ्यूमिगेशन (fumigation) जिसे हिंदी में धूमीकरण कहते हैं को माना जाता है। क्‍या होता है धूमीकरण और कैसे करते हैं इसे? डॉक्‍टर के अनुसार हवन सामग्री की तरह जड़ी-बूटियों की एक सामग्री होती है जिसे जलाने से जीका वायरस से बचा जा सकता है। लेकिन अगर आपके पास ऐसी कोई सामग्री नहीं है तो आप नीम के पत्‍ते भी जला सकते हैं।
  • गिलोय (Giloy) का पानी जीका वायरस (Zika Virus) को काफी हद तक बेअसर कर सकता है। इसके सेवन के लिए पानी को गर्म करें और उसमें करीब 2 इंच गिलोय की टहनी को कूटकर डाल दें। इसमें थोड़ा जीरा और सौफ भी डालें। अगर आपके पास तुलसी के पत्‍ते हैं तो उन्‍हें भी डाला जा सकता है। अब इन चीजों को अच्‍छी से पका लें और जब पानी पककर कम हो जाए तो गैस बंद कर दें। ठंडा होने के बाद इस काढ़े को दिनभर में थोड़ा-थोड़ा पिया जा सकता है।

zika virus case

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

  • डॉक्‍टर के अनुसार महासुर्दशन वटी जीका वायरस से बचने का रामबाण तरीका है। महासुर्दशन वटी कई हर्ब का मिश्रण होती है। इसकी गोलियां भी आसानी से मिल जाती हैं जिन्‍हें एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति भी ले सकता है। दिन में एक बार वैकल्पिक दिनों में इस गोली को लिया जा सकता है।
  • इस मौसम में जीका वायरस के साथ ही अन्‍य कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, ऐसे में च्यवनप्राश का सेवन करना फायदेमंद होता है। च्यवनप्राश में कई ऐसे हर्ब होते हैं जो इम्‍युनिटी को भी बढ़ाते हैं
  • जीका वायरस से बचाव के लिए नीम की गोलिया, संतरे का जूस, नींबू का रस, आंवला और अन्‍य विटामिन सी युक्‍त चीजों का सेवन करना फायदेमंद होता है।