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Written By: Atul Modi | Updated : July 27, 2021 4:19 PM IST
जानिए मिश्री और गुड़ में से कौन है ज्यादा फायदेमंद।
सुबह चाय की चुस्कियों की बात हो या कुछ अन्य मीठे व्यंजनों की, हम में से अधिकांश लोग इसके लिए चीनी का उपयोग करते हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि परिष्कृत (रिफाइंड) चीनी का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। मगर मीठा तो हम सभी को बहुत पसंद है। यही कारण है कि अधिकांश लोग चीनी के विकल्पों की तलाश में लगे रहते हैं। यानी वह मीठा फूड जो सफेद चीनी का विकल्प बने। जब हम चीनी के स्वस्थ विकल्पों की बात करते हैं तो ऐसे में हमारे पास दो विकल्प हैं, पहला मिश्री (Rock Sugar) और दूसरा गुड़ (Jaggery)। लेकिन अगर आपके मन में यह सवाल उठता है कि मिश्री और गुड़ दोनों में से किस विकल्प का चुनाव करना अधिक फायदेमंद है? अगर आप भी इन दोनों विकल्पों के बीच कंफ्यूज हैं और अपने लिए एक सर्वश्रेष्ठ चीनी के विकल्प की तलाश कर रहे हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि मिश्री और गुड़ दोनों में से कौन सा विकल्प आपके लिए बेहतर है।
सही मायने में मिश्री और गुड़ दोनों ही चीनी का प्राकृतिक रूप हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रेखा राधामोनी (Dr. Rekha Radhamony) की मानें तो सभी चीनी के विकल्पों की तुलना में आयुर्वेद मिश्री को सर्वश्रेष्ठ मानता है। उनके अनुसार गुड़ की तुलना में मिश्री का सेवन स्वास्थ्य के लिए अधिक फायदेमंद है। डॉक्टर रेखा के अनुसार, इसके लिए कई कारक जिम्मेदार हैं। इसके बारे में हम आपको यहां विस्तार से बता रहे हैं।
मिश्री में मिठास और ठंडक दोनों गुण होते हैं। तेज गर्मी में मिश्री का प्रयोग ठंडा ताजा पेय बनाने के लिए किया जाता है। एक गिलास पानी में मिश्री को मिलाकर पीने से शरीर को गर्मी से राहत मिलने के साथ ही एनर्जी भी प्राप्त होती है। वहीं अगर हम गुड़ की बात करें तो इसकी तासीर काफी गर्म होती है, इससे शरीर में गर्मी बढ़ती है। यही कारण है कि गर्मियों में गुड़ का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है।
मिश्री पेट में आसानी से पच जाती है, जबकि गुड़ को पचाने के लिए हमारे पाचनतंत्र को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
मिश्री में भरपूर मात्रा में औषधीय गुण पाए जाते हैं, जबकि मिश्री की तुलना में गुड़ में बहुत कम औषधीय गुण होते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो मिश्री सर्दी-खांसी में सुधार कर सकती है। इसका कई खांसी और जुकाम की दवाईयों में सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जाता है जैसे - सितोपलादि चूर्ण, तालिसापत्रादि चूर्ण। वहीं गुड़ की बात करें तो यह सर्दी और खांसी को बदतर बनाता है, पेट में क्रिमी (आंत के कीड़े) बनाता है और शरीर की चर्बी को बढ़ाता है।
मिश्री का सेवन करने से वात और पित्त को कम करने में मदद मिलती है। वहीं गुड़ का सेवन करने से वात को कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इससे शरीर में पित्त बढ़ता है।