डायबिटीज के लक्षणों को कम करने वाला पौधा है ‘सोलो’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गिना चुके हैं इसकी खूबियां

लद्दाख में मिलने वाला सोलो नामक पौधा हाई ऐल्टिट्यूड या बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बहुत उपयोगी है क्योंकि कम ऑक्सीजन (lo oxygen levels) वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों के इम्यून सिस्टम को काम करने और उसे मजबूत बनाए रखने में यह मदद करता है। (Health benefits of sanjeevani plant)

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 28, 2022 3:35 PM IST

Solo Plant Health Benefits:डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल को नेचुरली कंट्रोल करने के लिए  पेड़ों और पौधों से प्राप्त कई चीजों से नुस्खे तैयार किए जाते हैं क्योंकि इनका सेवन रक्त मे ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ने से रोकता है और डायबिटीज को मैनेज (diabetes management) करने में सहायता करता है।  ऐसा ही एक पौधा है सोलो जो हमारे देश के पहाड़ी क्षेत्र लद्दाख में पाया जाता है। कुछ दिनों पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी अपने एक भाषण में  लद्दाख में उगने वाले इस खास पौधे के बारे में बात की थी। प्रधानमंत्री ने ‘सोलो’ की खूबियां गिनाते हुए कहा कि, यह 'संजीवनी बूटी' (Sanjeevani) से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि, एक्सपर्ट्स द्वारा यह कहा जाता है कि लद्दाख में मिलने वाला सोलो नामक पौधा हाई ऐल्टिट्यूड या बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बहुत उपयोगी है क्योंकि कम ऑक्सीजन (lo oxygen levels) वाले स्थानों पर रहने वाले लोगों के इम्यून सिस्टम को काम करने और उसे मजबूत बनाए रखने में यह मदद करता है। (Health benefits of sanjeevani plant)

प्रधानमंत्री ने सोलो के पौधे को चिकित्सा जगत में उपयोग को बढ़ावा देने की बात भी कही। इस पौधे का का नाम सुनने के बाद लोगों के मन में भी सोलो के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ गयी है और वे इस पौधे के बारे में वैद्य और जानकारों से पूछ रहे हैं। अगर आप भी सोलो के बारे में जानना चाहते हैं तो पढ़ें यह लेख, जहां इस पौधे के कुछ गुणों के बारे में लिख रहे हैं हम। साथ ही जानें इसके फायदों और सेवन के तरीकों के बारे में।  (Rhodiola rosea Or solo plant benefits in Hindi.)

क्यों खास है सोलो पौधा और इसके फूल ?

सोलो नामक यह जड़ी-बूटी लद्दाखकी पहाड़ियों में उगती है वहीं, इसके अलावा बर्फ से ढंके रहने वाले साइबेरिया के पहाड़ों पर भी यह पायी जाती है।  अंग्रेजी में इसे रॉडेलियो रोसिया (Rhodiola rosea)  कहा जाता है और यह पौधा गोल्ड माइन (Gold Mine) और लेह बेरी (Leh Berry) जैसे नामों से भी जाना जाता है। लेह स्थित डिफ़ेंस इंस्टिट्यूट ऑफ़ हाई एल्टिट्यूड एंड रिसर्च (DIHAR) के वैज्ञानिकों द्वारा इस पौधे की पहचान की गयी थी और अब सोलो की खेती व्यापक स्तर पर करने से जुड़ी गतिविधियां भी शुरू हो गयी हैं। सोलो प्लांट के फूलों और इसकी जड़ों का सेवन दवा के तौर पर किया जाता है।

सोलो के औषधीय लाभ क्या हैं?

  • भूख से जुड़ी परेशानियां (जैसे कम भूख लगना या खाना खाने की इच्छा ना होना) कम होती हैं।
  • इसके सेवन से मेमरी बढ़ती है।
  • सोलो के फूल तनाव कम करते हैं और यह डिप्रेशन जैसी समस्याओं से आराम दिलाता है।
  • यह पौधा कैंसर का खतरा कम करता है।
  • डायबिटीज के मरीजों के लिए भी सोलो एक उपयोगी औषधी है। इसके फूलों की चाय पीने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रितहोता है।
  • अपने एंटीं-एजिंग प्रभावों से भी सोलो का पौधा लोकप्रिय है। यह स्किन को अधिक समय तक हेल्दी और जवां रखता है।
  • खून की कमी से राहत दिलाता है।
  • इम्यूनिटी बूस्ट करता है।
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