सारे ट्रीटमेंट ट्राई करने के बाद भी मां नहीं बन पाई, 32 साल की उम्र में आयुर्वेद से मिली सफलता

गर्भधारण से जुड़ी समस्याएं कई बार इतनी गंभीर हो जाती हैं, कि अलग-अलग जगह से इलाज से भी सफलता नहीं मिल पाती है। इस लेख में हम आपको ऐसी ही महिला की कहानी बताएंगे जिसे 32 साल की उम्र में आयुर्वेद की मदद से गर्भधारण करने में सफलता मिली।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : August 13, 2026 10:21 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma

कहा जाता है कि किसी नए जीवन को इस दुनिया में लाने की ताकत सिर्फ एक मां के पास ही होती है और उनके लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होता है। लेकिन कई बार स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं प्रकृति के दिए हुए इस वरदान को छीनने की कोशिश करती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो पाता है। लेकिन अगर सही समय पर सही इलाज व मदद मिल जाए तो अधिकांश मामलों में एक महिला अपनी इस खोई हुई ताकत को वापस पा सकती हैं। ऐसी ही एक कहानी है अनीता मुर्मू की। पुणे की रहने वाली अनीता जिन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी एक या दो नहीं बल्कि कई समस्याएं थी और उनमें से एक ही मां न बन पाना। किस प्रकार से आयुर्वेद की मदद से उन्हें मां बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और उनका इलाज कैसे चला आदि के बारे में हम आगे इस लेख में जानेंगे।

32 की उम्र तक भी नहीं बन पाई मां

आज के समय में एक बड़ी संख्या में महिलाएं प्राइमरी या सेकेंडरी इनफर्टिलिटी से जूझ रही हैं और उनमें से एक थी अनीता। हमेशा खुश रहने वाली और साफ दिल की महिला अनीता को 32 साल की उम्र में भी कोई खुशखबरी नहीं मिल पा रही थी। शादी के सालों बाद तक लगातार कोशिश करने के बाद भी अनीता मां नहीं बन पाईं और धीरे-धीरे उसकी मुस्कान व हौसला कम होने लगा था। अनीता को लगने लगा था कि शायद अब उसकी कोख कभी भर नहीं पाएगी।

जब सारे अस्पतालों ने दे दिया जवाब

अनीता का हौसला धीरे-धीरे तब गिरने लगा जब धीरे-धीरे सारे अस्पतालों ने जवाब देना शुरू कर दिया है, वे उसकी समस्या का ट्रीटमेंट नहीं कर पाएंगे। उसके बाद एक ऐसा भी दिन आया जब अनीता के सामने रिपोर्ट आई जिसमें पाया गया कि वे शायद कभी मां नहीं बन पाएंगी और इसके बारे में जानकर अनीता बुरी तरह से टूट गई थी।

एक साथ कई समस्याओं से जूझ रही थी अनीता

दरअसल अस्पताल उनकी हेल्थ कंडीशन और टेस्ट रिपोर्ट्स देखकर खुद समझ नहीं पा रहे थे, क्योंकि वह एक नहीं बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याएं से जूझ रही थी। उनकी रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें निम्न हेल्थ कंडीशन्स थी -

  • एंडोमेट्रियोसिस
  • बार-बार हीमोसिस्ट होना
  • AMH (0.88) लेवल कम
  • FSH (19.7) और LH (14.3) बढ़ा हुआ होना

फिर आयुर्वेद से मिली आशा की किरण

अनीता को लगा था कि शायद अब उसके लिए सारे रास्ते बंद हो चुके हैं, लेकिन तब उसकी दोस्त ने एक बार आयुर्वेद के लिए ट्राई करने को कहा। अनीता ने इंटरनेट पर सर्च करके आशा आयुर्वेद से संपर्क किया और उसके मन में डर था और उसे लग रहा था कि इतनी जगह से असफलता मिल चुकी है तो शायद अब उसकी किस्मत में ही नहीं है। लेकिन आयुर्वेद ने उसके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया।

आयुर्वेद के सही इलाज से सफल हुई प्रेगनेंसी

अनीता ने बताया कि आयुर्वेद से मिले बेहद उपचार और सही दिशानिर्देशों की मदद से वे सफल और स्वस्थ गर्भधारण कर पाईं। यहां उन्हें मिली अपनी वही खोई हुई उम्मीद, उनका कहना था उन्हें आयुर्वेद के बारे में अगर पहले पता होता तो उन्हें इतनी तकलीफ नहीं उठानी पड़ी। उन्होंने आयुर्वेद के जरिए अपनी खोई हुई हिम्मत और आत्मविश्वास वापस पाया। उत्तर बस्ती थेरेपी, आयुर्वेदिक औषधि और सही मार्गदर्शन से वे अपनी दिनचर्या को सही कर पाईं, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ और गर्भधारण करके खुशकिस्मती से पहली बार उन्होंने प्यारी गुड़िया को जन्म दिया।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह

आशा आयुर्वेदा की विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि आयुर्वेद पर भरोसा करने के एक नहीं बल्कि कई फायदे हैं, क्योंकि इसके द्वारा दिए जाने वाले प्राकृतिक इलाज का फायदा मां और बच्चे दोनों को मिलता है। आगे डॉ. चंचल ने बताया कि अक्सर हम समझते हैं कि ऐसे इलाज पर भरोसा करना मुश्किल होता है जिसके बारे में आपको पक्का पता न हो और बिना सही जानकारी के अपने शरीर के साथ किसी भी प्रक्रिया पर भरोसा करना नुकसानदायक हो सकता है। लेकिन एक सही आयुर्वेद चिकित्सक आपके स्वास्थ्य की अच्छे से जांच करके आपको सही इलाज ही देंगे।