Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी बूटियां हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती हैं। इनका उपयोग करने से कई रोगों से बचाव होता है। इन्हीं जड़ी बूटियों में से एक है पुष्करमूल हर्ब। इसे इनुला रैसेमोसा (Inula Racemosa) भी कहते हैं। कई तरह की समस्याओं जैसे खांसी, सांस की तकलीफ, हार्ट डिजीज आदि को यह हर्ब दूर कर सकती है। पुष्करमूल की पत्तियां, जड़, तना सभी कई रोगों का उपचार करने के प्रयोग में लाई जाती हैं। हालांकि, पुष्करमूल का सेवन आपको खुद से करने से बचना चाहिए। इसे कितनी मात्रा में और किन-किन रोगों में लेना चाहिए, इसके बारे में सही जानकारी आयुर्वेदाचार्य ही दे सकते हैं। जानें, पुष्करमूल के फायदों (Pushkarmool Benefits in Hindi) के बारे में यहां....
इसमें एंटीफंगल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल, एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल आदि गुण मौजूद होते हैं। ये सभी कई तरह के रोगों से शरीर को बचाने में काफी उपयोगी होते हैं।
यदि आप पुष्करमूल का सेवन एक दिन में अधिक मात्रा में करते हैं, तो इससे आपको अधिक पसीना आ सकता है। साथ ही बेचैनी महसूस हो सकती है, जी मिचलाना, चक्कर आना, पेट में जलन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई पुष्करमूल जड़ी बूटी से संबंधित दी गई जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। किसी भी बीमारी में इसका खुद से सेवन करने से पहले आप आयुर्वेदाचार्य से जरूर परामर्श ले लें।)