
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 20, 2023 7:45 PM IST
How To Prevent Hair Fall After Delivery: प्रेगनेंसी या गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं। मातृत्व आनंद, प्रेम और असीम खुशियों से भरी एक असाधारण यात्रा है। हालाांकि, इस खास फेज में महिलाओं को ढेर सारी खुशियां तो मिलती हैं लेकिन, कुछ अलग तरह की चुनौतियां भी उनके सामने आती हैं। ये चुनौती उनकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ से जुड़ी होती हैं। वहीं, न्यू मदर्स को अपनी स्किन और बालों से जुड़ी कुछ समस्याओं से भी गुजरना पड़ता है। ऐसी ही एक परेशानी है हेयर फॉल या बाल झड़ने की जो प्रेगनेंसी के बाद अधिकांश महिलाओं को महसूस होती है। ऐसा अनुमान है कि एक नई माँ के एक दिन में लगभग 400 बाल झड़ते हैं जबकि आमतौर पर एक व्यक्ति के एक दिन में लगभग 80-100 बाल झड़ते हैं।
आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. शैलेन्द्र चौबे (कंसल्टेंट और वेलनेस ट्रेनर, ट्रेया में चिकित्सक और परामर्शदाता) ने बताया कि, मेडिकल जगत में इस समस्या को पोस्टपार्टम टेलोज़ेन एफ़्लूवियम (postpartum telogen effluvium) के नाम से जाना जाता है, और इसे उन परेशानियों में गिना जाता है जो प्रेगनेंसी को दौरान होनेवाले हार्मोनल चेंजेस के कारण महिलाओं को गम्भीर हेयर फॉल की समस्या महसूस हो सकती है। गर्भावस्था की शुरुआत में, एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण हेयर ग्रोथ या बाल बढ़ने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है, जिससे महिलाओं के बाल घने और पहले से अधिक चमकदार बन जाते हैं। लेकिन वहीं, बच्चे के जन्म के बाद के महीनों में, एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है और इसी वजह से हेयर फॉल होने लगता है।
भले ही प्रेगनेंसी के बाद अचानक से होनेवाले हेयर फॉल की वजह से महिलाएं परेशान हो सकती हैं। लेकिन, धीरे-धीरे यह समस्या ठीक होने लगती है। वहीं, आयुर्वेदिक उपायों की मदद से हेयर फॉल की समस्या से राहत मिल सकती है। यहां पढ़ें कुछ ऐसे ही आयुर्वेदिक उपाय जो हेयर फॉल रोकने में मदद कर सकते हैं।
ऑर्गैनिक पदार्थों के माध्यम से किए जाने वाले ट्रीटमेंट्स से साइड इफ़ेक्ट्स कम ही होते हैं और इनसे बालों की ग्रोथ भी बेहतर होती है। नियमित रूप से भृंगराज, ब्राह्मी या आंवला तेल जैसे आयुर्वेदिक तेलों से अपने सिर की मालिश करें।
अश्वगंधा, शतावरी या त्रिफला जैसे आयुर्वेदिक सप्लीमेंट हार्मोन के कारण होने वाले हेयर फॉल को रोकने में मदद कर सकते हैं। साथ ही ये बालों की हेल्थ भी सुधारते हैं। हार्मोन लेवल में होने वाल बदलावों और बालों पर उनकेअसर को ध्यान में रखते हुए आप सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। लेकिन, ऐसा करने से पहले योग्य और अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना न भूलें।
बालों की लम्बाई बढ़ाने और कंडीशनिंग के लिए ऐसे हल्के, हर्बल शैंपू और कंडीशनर का चयन करने की सलाह दी जाती है, जो सल्फेट्स और पैराबीन से मुक्त होते हैं। उत्पाद के निर्माण में उपयोग की जाने वाली कठोर सामग्रियों के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही उनका इस्तेमाल करें। किसी भी केमिकल बेस्ड प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करने से बचें।
हर्बल हेयर मास्क सिर और बालों को गहराई से पोषण देते हैं, जिससे कई प्रॉब्लम्स दूर हो जाती हैं। हर्बल हेयर केयर का ऐसा ही ट्रेंडी फ़ॉर्मूला है हर्बल हेयर मास्क। इसमें आप आंवला, शिकाकाई, ब्राह्मी या मेथी जैसी जड़ी-बूटियां मिला सकते हैं। ये जड़ी-बूटियां आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती हैं, बालों की जड़ों को मजबूत करती हैं और बालों का गिरना कम करती हैं।
बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं में हेयर फॉल की समस्या एक अस्थायी स्थिति है, जिसे पौष्टिक आहार अपनाकर, स्ट्रेस लेवल को कंट्रोल करके और सही आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर प्रभावी ढंग से कंट्रोल किया जा सकता है। ऐसे में जल्दबाजी में इलाज के गलत तरीके ना अपनाएं, आयुर्वेदिक दिनचर्या बनाए रखें और अपने बालों की देखभाल करें।