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बहुत पावरफुल है पिपली, खांसी से लेकर कब्ज तक का है आयुर्वेदिक इलाज

सर्दियों के मौसम में होने वाले कई संक्रमणों और बीमारियों से पिप्पली या पिपली आपका बचाव करती है। यह श्वसन तंत्र में सुधार करने के साथ ही आपके पाचन तंत्र को भी मजबूत करती है।

बहुत पावरफुल है पिपली, खांसी से लेकर कब्ज तक का है आयुर्वेदिक इलाज

Written by Atul Modi |Published : January 17, 2024 5:07 PM IST

'पिप्पली' आयुर्वेद को वो खजाना है, जिसमें सेहत के अनेक गुण छिपे हैं। लंबी काली मिर्च जैसी दिखने वाली पिप्पली एक वनस्पति है, जिसे आयुर्वेद में औषधीय गुणों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि आयुर्वेद में पिप्पली का उपयोग विभिन्न प्रकार की दवाओं और उपचारों में किया जाता है। सर्दियों के मौसम में होने वाले कई संक्रमणों और बीमारियों से पिप्पली आपका बचाव करती है। यह श्वसन तंत्र में सुधार करने के साथ ही आपके पाचन तंत्र को भी मजबूत करती है। खास बात ये है कि इसे लेने के कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। आखिर क्यों है पिप्पली इतनी खास और इसमें क्या गुण छिपे हैं, चलिए जानते हैं विस्तार से...

कफ-वात को करती है संतुलित

सर्दियों में आमतौर पर लोगों को कफ और बलगम की समस्या होने लगती है, पिप्पली इनका सही समाधान है। पिप्पली कफ और वात दोष को संतुलित करने में मददगार है। यह सर्दी, खांसी, जुकाम, एलर्जी आदि की समस्याएं खत्म करती है। आयुर्वेद में पिप्पली को 'त्रिकटु' नामक एक महत्वपूर्ण औषधीय योग का प्रमुख तत्व माना गया है, इसमें पिप्पली के अलावा गुडूची और अदरक भी होते हैं। खांसी होने पर पिप्पली चूर्ण को शहद या दूध के साथ 1 या 2 ग्राम की मात्रा में दिन में 2 से 3 बार लें, इससे आराम मिलेगा। आप चाहें तो पिप्पली और अदरक का काढ़ा बनाकर भी दिन में 2 से 3 बार इसका सेवन कर सकते हैं। काढ़ा बनाने के लिए 1 चम्मच पिप्पली चूर्ण, 1 चम्मच अदरक का रस और 1 कप पानी को मिलाकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर पिएं।

मजबूत होता है पाचन तंत्र

पिप्पली पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करती है। यह भोजन के पाचन को बेहतर बनाने, भूख बढ़ाने और कब्ज को दूर करने में सहायक होती है। इसके नियमित सेवन से आपका मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है। पिप्पली चूर्ण को सुबह खाली पेट या भोजन के बाद 1 या 2 ग्राम की मात्रा में शहद या दूध के साथ लिया जा सकता है।

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उल्टी और दस्त को रोकने वाला

पिप्पली उल्टी और दस्त को रोकने में मदद करती है। यह जठरांत्र संबंधी समस्याओं में लाभकारी होती है। आप पिप्पली का काढ़ा बनाकर दिन में 2-3 बार ले सकते हैं। इसके लिए दो से तीन पिप्पली को पानी में उबालकर काढ़ा बनाएं। या फिर आप चूर्ण का उपयोग करके भी काढ़ा बना सकते हैं। पिप्पली का चूर्ण आसानी से बाजार में उपलब्ध होता है।

बढ़ाती है इम्यूनिटी

​पिप्पली एक स्वास्थ्यवर्धक औषधि है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मददगार होती है। इसके नियमित सेवन से वजन भी कम होता है।

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एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

पिप्पली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर की कई परेशानियों को दूर करते हैं। वहीं एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पिप्पली सूजन कम करने में भी सहायक होती है।

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