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Written By: Pallavi | Published : August 20, 2022 10:52 AM IST
पलाश (palash in hindi) के पेड़ देखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, उतना ही सेहत के लिए लाभदायक भी हैं। जी हां, दरअसल आयुर्वेद में पलाश के व्यापक प्रयोग के बारे में बताया गया है। आयुर्वेद में इस पलाश के फूल के फायदे से लेकर इसकी छाल तक के प्रयोग के बारे में बताया गया है। आपको यह जान कर हैरानी हो सकती है कि पलाश एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीएलर्जिक गुणों से भरपूर है। इसके अलावा ये कई रोगों से जल्दी रिकवरी में मदद करता है। साथ ही कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में इसका सेवन रोग के असर और लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा भी इसके कई व्यापक आयुर्वेदिक फायदे (palash ke aushadhi gun) हैं। कैसे, आइए जानते हैं।
आज के समय में जब हमारी डाइट और लाइफस्टाइल सही नहीं है तो, खून सही से डिटॉक्सीफाई नहीं हो पाता है और खून की गंदगी का कारण बनता है। जब खून में गंदगी ज्यादा होती है तो इससे आपकी स्किन डार्क होने लगती है। आपको एक्ने और स्किन की कई समस्याएं भी होने लगती हैं। ऐसे में पलाश की छाल खून साफ करने में काम आ सकती है। ये ब्लड प्यूरीफायर की तरह काम करता है और खून की अशुद्धियों को दूर करता है। इसके लिए पलाश की छाल को उबाल लें और फिर इसके जूस का सेवन करें।
पेट में कीड़े होने पर कई सारी स्वास्थ्य समस्यएं होने लगती हैं। ऐसे में पलाश के बीज एंटी पैरासिटिक की तरह काम करते हैं और पेट के कीड़े को मारते हैं। ये डायरिया, उल्टी, गैस और पेट दर्द में भी फायदेमंद है। इसके लिए पलाश के बीज को पीस लें और गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन करें। ये आपकी पेट की इन तमाम समस्याओं में फायदेमंद होगा।
पलाश कफ-पित्त दोषों को दूर करने और इनको बैलेंस करने में आपकी मदद कर सकता है। दरअसल, पलाश के पत्ते का कड़वा स्वाद कफ-पित्त दोष को बैलेंस करने में मदद करता है। ये शरीर में दोनों तत्वों को बैलेंस करके मेटाबोलिक रेट पढ़ाता है और डाइजेशन को सही करता है। इस तरह ये वजन बढ़ने, मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्याओं से बचाव में आपकी मदद कर सकता है।
दाद-खुजली जैसे फंगल इंफेक्शन में पलाश की छाल या पत्ते आपके काम आ सकते हैं। दरअसल, इनमें में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होता है जो कि फंगल इंफेक्शन को दूर करता है दाद-खुजली से छुटकारा दिलाता है। इसके लिए पलाश की छाल या पत्ते को उबाल कर इसके पानी से नहा लें या फिर इन दोनों को पीस कर अपने दाद पर लगा लें।
यूरिनरी रिटेंशन की समस्या जिसमें व्यक्ति पेशाब नहीं रोक पाता है, इसमें पलाश के फूल आपकी मदद कर सकता है। दरअसल, पलाश के फूल का जूस वात दोष को दूर करता है जिसकी वजह से यूरिनरी रिटेंशन की समस्या तो कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसके लिए पलाश के फूलों को पीस लें और फिर इसमें नींबू का रस और काल नमक मिला कर पी लें।