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Neem ka kadha peene ke fayde: नीम की पत्तियां शरीर के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हैं। इन पत्तियों में कई औषधीय गुण हैं। ये जहां एंटीबैक्टीरियल है वहीं ये एंटीफंगल गुणों से भी भरपूर है। दरअसल, नीम में पाया जाने वाला एक रसायन, जिसे निम्बिडिन (Nimbidin) कहा जाता है ये एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। ये सूजन को कम करने में मदद कर सकता है और इससे जुड़े तमाम प्रकार के रोगों को दूर कर सकता है। इसके अलावा ये एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भी भरपूर है जो कि कई बीमारियों में काम आ सकती है।
वायरल फीवरमें नीम का काढ़ा बहुत फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, नीम का काढ़ा एंटीवायरल गुणों से भरपूर है, जो कि वायरल फीवर के दौरान पीने से इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। ये सर्दी-जुकाम को कम करता है और वायरल फीवर के बाकी लक्षणों से लड़ने में मदद करता है। तो, वायरल फीवर में नीम का काढ़ा बनाएं और इसे पिएं।
पेट में कीड़े होने पर (pet me kide ka ilaj) नीम का काढ़ा काफी कारगर तरीके से काम करता है। दरअसल, ये एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है जो कि पेट के बैक्टीरिया को मारता है और इसके कारण महसूस होने वाले लक्षण जैसे कि बार-बार मतली आना, उल्टी और पेट में दर्द जैसी समस्याओं को निाजत दिलाने में मदद कर सकता है। इसलिए बारिश के दिनों में तो खास तौर पर इस काढ़े का सेवन करें।
शरीर पर दाने कई कारणों से हो सकते हैं, जैसे हार्मोनल असंतुलन के कारण, खून में अशुद्धियों के कारण और ब्लॉक्ड स्किन पोर्स की वजह से। इन तमाम स्थितियों में निजात दिलाने में नीम का काढ़ा आपके काम आ सकती है। इस पीने से जहां शरीर अपनी गंदगी को डिटॉक्स करता है वहीं, खून की अशुद्धियां साफ होती हैं और शरीर के दाने कम होने लगते हैं।
यूटीआई इंफेक्शन में नीम का काढ़ा कारगर तरीके से काम करता है। दरअसल, यूटीआई बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है और कुछ लोगों को बार-बार हो सकता है। ऐसे में यूटीआई इंफेक्शन में इस काढ़े को पीना काफी कारगर हो सकता है। ये बैक्टीरिया को मारता है और इसे फ्लश आउट करने में मदद करता है।
मलेरिया में नीम की पत्तियों से बना काढ़ा पीने से ये आपको जल्दी रिकवरी करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा इसमें एंटीमलेरियल गुण भी होता है जो कि मलेरिया के लक्षणों को कंट्रोल करने और साथ ही इससे बचने में भी मदद करता है।
कैसे बनाएं नीम का काढ़ा-Neem Kadha Recipe ?
नीम का काढ़ा बनाने के लिए नीम की पत्तियों को पीस लें और इसमें मिश्री का पानी मिला लें। फिर इसे अच्छे से मिला लें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।