
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 30, 2026 1:21 PM IST
Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma
Image credits by: (AI Generated image)
देश के विभिन्न राज्यों में गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप, गर्म हवाएं और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं लेकर आता है। इस दौरान शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी हो जाता है। गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के कई तरीके हैं। कुछ लोग गर्मियों में पानी पीकर, जूस, लस्सी और छाछ पीकर शरीर में पानी की कमी को पूरा करके हाइड्रेट रहने की कोशिश करते हैं। लेकिन आयुर्वेद में गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट और ठंडा रखने का आसान तरीका है काला गोंद। काला गोंद का आयुर्वेदिक नाम त्रगाकंथ है। दिल्ली की आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि गर्मियों में जब हीटवेव, ज्यादा तापमान के कारण शरीर का पित्त बढ़ता है तब काला गोंद खाने से शरीर ठंडा रहता है।
काला गोंद की सबसे बड़ी खासियत इसकी ठंडी तासीर है। गर्मियों में जब शरीर का तापमान बढ़ जाता है, तब यह अंदर से ठंडक पहुंचाता है। गर्मियों में काला गोंद खाने से हीट स्ट्रोक से बचाव होता है। काला गोंद खाने से शरीर में गर्मी के कारण होने वाली जलन कम करता है।
नौतपा जैसी स्थिति में गर्मियों में शरीर से पानी तेजी से निकलता है यानी कि पसीना ज्यादा आता है। ज्यादा पसीना आने के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या भी ज्यादा देखी जाती है। ऐसे में काला गोंद खाने से शरीर को हाइड्रेशन मिलता है। इससे शरीर में पानी की कमी पूरी होती है और डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाव होता है।
काला गोंद में फाइबर होता है।
गर्मियों में पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, कब्ज और अपच आम हो जाती हैं। काला गोंद इन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। काला गोंद में हाई फाइबर होता है जो कब्ज से राहत देता है। यह आंतों को साफ रखने में मदद करता है, जिससे पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाने में मदद मिलती है।
गोंद कतीरा शरीर को प्राकृतिक रूप से एनर्जी देने का काम करता है। गर्मियों में काला गोंद खाने से शरीर की थकान और कमजोरी दूर होती है। काला गोंद के पोषक तत्व शरीर में सुस्ती को कम करने में भी मदद करते हैं। गर्मियों में जिन लोगों को अक्सर शारीरिक थकान महसूस होती है उन्हें काला गोंद का सेवन जरूर करना चाहिए।
काला गोंद त्वचा को अंदर से पोषण देता है।
गर्मियों में त्वचा पर धूप, पसीना और धूल का असर पड़ता है। इन परेशानियों को दूर करने में भी काला गोंद फायदेमंद होता है। काला गोंद के पोषक तत्व शरीर के अंदर जाकर त्वचा को हाइड्रेट करते हैं। इससे चेहरे के मुंहासे और पिंपल्स धीरे- धीरे कम होने लगते हैं और त्वचा पर अंदर से ग्लो आता है।
आयुर्वेदाचार्य का कहना है कि काला गोंद को कभी भी सीधे नहीं खाना चाहिए। काला गोंद को खाने से पहले पानी में भिगोया जाता है। इसके लिए सबसे पहले 1 से 2 चम्मच गोंद कतीरा को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह यह फूलकर जेल जैसा हो जाएगा तो इसे ठंडाई, दूध, शरबत या लस्सी में मिलाकर पिएं।
गर्मियों में काला गोंद शरीर को अंदर से ठंडा रखने का एक प्राकृतिक उपाय है। काला गोंद न सिर्फ शरीर को अंदर से ठंडक देता है बल्कि ऊर्जा, पाचन, त्वचा और इम्यूनिटी के लिए भी फायदेमंद है। लेकिन ध्यान रहे कि आपको गर्मियों में काला गोंद का सेवन एक सीमित मात्रा में करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में काला गोंद खाने से शरीर को फायदे की बजाय नुकसान हो सकता है।
काला गोंद रातभर पानी में भिगोकर सुबह दूध या लड्डू में मिलाकर रोज लें, इससे जोड़ों की सूजन और दर्द कम होता है।
सिया गोंद को घी में भूनकर लड्डू बनाएं या दूध में मिलाकर लें, इससे शरीर को ताकत और ठंडक दोनों मिलती है।
घुटनों के दर्द में काला गोंद या गोंद कतीरा बेहतर माना जाता है, यह सूजन घटाकर जोड़ों को मजबूत और लचीला बनाता है।
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