बच्चों के पेट में कीड़े हैं तो खिलाइए ये 5 जड़ी बूटी, मल के साथ बाहर निकल जाएंगे सारे कीड़े

Intestinal Worms In Kids: बच्चों के पेट में कीड़े होने पर उनमें कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं, जिनकी मदद से आप कीड़ों का आयुर्वेदिक उपचार कर सकते हैं.

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Written By: Atul Modi | Updated : November 17, 2022 7:01 AM IST

छोटे बच्चों के पेट में कीड़े (Intestinal Worms In Kids) होने या कृमि संक्रमण के दौरान कई लक्षण दिखाई देते हैं। चिड़चिड़ापन, पेट में दर्द, गुदाद्वार में खुजली, बार-बार दस्त लगना, सूखी खांसी, बुखार, थकान, खून की कमी, वजन का कम होना, बार बार भूख लगना और दातों का किटकिटाना बच्चों के पेट में कीड़े होने के प्रमुख लक्षण हैं। कृमि संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में, संक्रमित मिट्टी में नंगे पांव चलने से, दूषित पानी पीने और भोजन से हो सकता है।

बच्चों के पेट में कीड़े का आयुर्वेदिक उपचार - Ayurvedic Treatments Of Intestinal Worms In Kids

रसोई में मौजूद कुछ मसाले बच्चों के पेट के कीड़ों को बाहर निकल सकते हैं। काली मिर्च, हींग, तुलसी, अदरक, हल्दी अपनी गर्म, तीक्ष्ण, परजीवी रोधी और एंटी इंफ्लामेट्री प्रकृति के कारण बच्चों में कृमिनाशक के लिए सबसे अच्छे हैं। बच्चों में पेट के कीड़े मारने के लिए इन औषधियों का प्रयोग कैसे करना है, आइए जानते हैं।

1. काली मिर्च

काली मिर्च को रात को सोते समय एक चुटकी काली मिर्च पाउडर आधा चम्मच शहद के साथ अपने बच्चों को दें।

2. हींग

हींग का उपयोग सब्जी या दाल में आधा चम्मच चुटकी हींग पकते समय डाली जा सकती है.

3. तुलसी

तुलसी का रस (3-5 तुलसी के पत्तों से बना) आधा चम्मच शहद और 1 चुटकी सोंठ पाउडर मिलाकर सुबह-सबसे लें।

4. अदरक

कृमि रोधी प्रभाव के लिए अदरक को पानी, चाय, सब्जियों में मिलाया जा सकता है।

5. हल्दी

रात को सोते समय एक चुटकी हल्दी, एक चुटकी काली मिर्च पाउडर और आधा चम्मच शहद गर्म पानी के साथ लें।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर दीक्षा भावसार के मुताबिक, इन सभी मसालों को एक साथ भी लिया जा सकता है। 3 तुलसी के पत्ते का रस, 1 चुटकी हींग, हल्दी और काली मिर्च के साथ अदरक का रस (आधा चम्मच) खाली पेट (भोजन से 1 घंटा पहले) लें।

पेट के कीड़ों से बचाव के लिए इसे सप्ताह में एक बार लिया जा सकता है और कृमि को खत्म करने के लिए सीधे 15 दिनों तक रोजाना सुबह लिया जा सकता है।