
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : February 11, 2026 5:01 PM IST
Medically Verified By: Dr Shrey Sharma
Headache Ko Kaise Treat Kare: काम, स्ट्रेस, अधूरी नींद और पोषण की कमी आदि जैसे कई कारण हैं जो सिर दर्द की वजह बनते हैं। इस दर्द को हल्का करने के लिए हम कई तरह की पेनकिलर और अन्य दवाइयों का सहारा लेते हैं। बता दें कि यह दवाइयां हमारे दर्द को ठीक नहीं करती हैं, बल्कि यह दर्द पैदा करने वाले प्रोस्टाग्लैंडिंस केमिकल के प्रोडक्शन को रोकने का काम करती हैं। यानी कि अगर आप पेनकिलर खाते हैं तो यह दिमाग तक पहुंचने वाले दर्द के संकेत को कम करता है, जिससे हमें अपना सिर दर्द धीरे-धीरे कम होता महसूस होता है।
वहीं अगर हम आयुर्वेद की बात करें तो वह हमारी समस्याओं को जड़ से ठीक करने में भरोसा रखता है। हम चाहते हैं कि आपका सिर दर्द बिना किसी दवाइ के नेचुरल तरीके से ठीक हो जाए। इसलिए आज हम आपको इस लेख में रामहंस चेरिटेबल, हॉस्पिटल सिरसा के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा द्वारा बताए 5 ऐसे असरदार उपायों के बारे में बताने वाले हैं, जिनकी मदद से आपका सिर दर्द भी कम होगा और मन को भी शांति मिलेगी। आइए आपको बताते हैं डॉक्टर ने क्या उपाय बताए हैं।

आयुर्वेद में शिरोधारा वह चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें माथे पर गुनगुना तेल डाला जाता है। आपने देखा होगा कि व्यक्ति लेटा होता है और उसके माथे के ऊपर एक मटका होता है जिसमें से गुनगुने तेल की धार माथे पर पर पड़ती है। इसे आप अपनी सुविधा अनुसार 30-60 मिनट तक कर सकते हैं। आमतौर पर शिरोधारा के लिए तिल के तेल का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन विकल्प के तौर पर आर आंवला, ब्राह्मी या नारियल के तेल का भी उपयोग कर सकते हैं।

वह लोग जिनके सिर दर्द का कारण साइनस, माइग्रेन या स्ट्रेस है, उनके लिए नस्य क्रिया बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। आपको बता दें कि इसमें नाक में गाय का घी या तेल की 2-3 बूंदें डाली जाती हैं। साथ ही यह नाड़ियों को मजबूत करने और तेज सिर दर्द को भी ठीक करने में बहुत मददगार होता है।
सिर दर्द को जो भी कारण है, लेकिन अगर आप शांत जगह पर बैठकर या खड़े होकर भी अगर अनुलोम-विलोम, भ्रामरी या कपालभाति जैसी ब्रीदिंग एक्सरसाइजकरते हैं जो यह हैडेक को कम करने के साथ-साथ स्ट्रेस लेवल को घटाने और दिमाग को शांत रखता है। आप चाहें तो रोज सुबह व रात को सोने से पहले करने के साथ-साथ ऑफिस में बैठकर भी कर सकते हैं।
आयुर्वेद में पंचकर्म चिकित्सा होती है, जिसके प्रमुख अंगों में से एक है विरेचन। इसमें जड़ी-बूटियों के माध्यम से मल मार्ग के जरिए शरीर में मौजूद पित्त दोष और टॉक्सिन को बाहर निकाला जाता है। यह प्रक्रिया 3 चरणों में होती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।