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माइग्रेन के दर्द को तुरंत ठीक करती हैं ये देसी चीज, एक्सपर्ट ने कहा बिना दवा ​लिए सही होगा माइग्रेन

Migraine in Hindi: अगर आप माइग्रेन के दर्द से परेशान है तो पेन किलर खाने के बजाय यहां हम आपको कुछ प्राकृतिक घरेलू उपाय बता रहे हैं जिसके माध्यम से आप माइग्रेन के दर्द को कम कर सकते हैं। 

Written by Atul Modi |Published : September 6, 2022 6:54 PM IST

माइग्रेन (Migraine) एक ऐसा सिर दर्द है, जो आमतौर पर सिर के एक हिस्से में महसूस होता है। इसलिए इसे हिंदी में अधकपारी भी कहते हैं। माइग्रेन का दर्द कुछ घंटों से लेकर पूरे दिन आपको परेशान कर सकता है। माइग्रेन का दर्द (Migraine Pain) बहुत ही पीड़ादायक और असहनीय होता है। माइग्रेन का अटैक आने के दौरान कुछ लोगों को मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है, जबकि कुछ लोगों में तेज प्रकाश के कारण माइग्रेन की समस्या बढ़ जाती है। माइग्रेन के दर्द को कम करने या इससे छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेद में कुछ आसान उपाय बताए गए हैं, जिसके बारे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर दीक्षा भावसार में अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से साझा किया है।

माइग्रेन के दर्द को कम करने के 3 आयुर्वेदिक घरेलू उपाय - (Migraine Home Remedies In Hindi)

डॉक्टर दीक्षा भावसार कहते हैं कि माइग्रेन के दर्द को कम करना बहुत आसान है हमारे किचन में ही कई ऐसे फूड हैं जो माइग्रेन के दर्द से निपटने में मदद करते हैं।

1. भीगी हुई किशमिश (Soaked Raisins For Migraine)

माइग्रेन में भीगी हुई किशमिश खाने से दर्द को आराम मिलता है। सुबह सबसे पहले हर्बल चाय पीने के बाद 10 से 15 किशमिश (भीगी हुई) खाने से आपको सिरदर्द में राहत मिलेगी। किशमिश को 1 दिन पहले पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाएं। भीगी हुई किशमिश को लगातार 12 सप्ताह तक लिया जाना चाहिए। इससे बढ़े हुए वक्त के साथ-साथ शरीर में जमा अतिरिक्त पित्त को भी कम करता है और माइग्रेन से जुड़े सभी लक्षणों जैसे- एसिडिटी, मतली, जलन, सिर दर्द आदि को शांत करता है।

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2. जीरा इलायची चाय (Cumin-Cardamom Tea For Migraine)

जब माइग्रेन के लक्षण गंभीर हैं तो लंच या डिनर के 1 घंटे बाद जीरा इलायची चाय का सेवन किया जा सकता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले आधा गिलास पानी में उसमें एक छोटा चम्मच जीरा और एक इलायची डालकर 3 मिनट तक उबालें और फिर इसे छान लें और चाय का आनंद लेते हुए माइग्रेन के दर्द को शांत करें।

3. देसी गाय का घी (Cow Ghee For Migraine)

शरीर और मस्तिष्क में अतिरिक्त पित्त को संतुलित करने के लिए गाय का घी सबसे बेहतर माना जाता है। देसी घी का उपयोग आप भोजन में रोटी चावल सब्जी के साथ कर सकते हैं सोते समय दूध के साथ मिलाकर पी सकते हैं। इसके अलावा माइग्रेन की कुछ जड़ी-बटियों  जैसे ब्राह्मी, शंखपुष्पी आदि में मिलाकर सेवन किया जाता है। देसी घी का प्रयोग नस्य (नासिका छिद्रों में 2-2 बूंद देसी घी डालना) में भी किया जा सकता है। यह भी माइग्रेन से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।

डॉक्टर दीक्षा भावसार का कहना है कि, माइग्रेन के लक्षणों के लिए गोलियां खाना बंद कर दें और अपने किचन में पाए जाने वाले इन आयुर्वेदिक माइग्रेन के उपाय को अपनाएं। उन्होंने अपने इंस्टा पोस्ट के जरिए बताया है कि सही आहार और ब्रीदिंग एक्सरसाइज और माइग्रेन के कारणों से बचाव कर माइग्रेन को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

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