
... Read More
Written By: Atul Modi | Updated : December 11, 2020 1:33 PM IST
फेफड़े (Lungs) हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। फेफड़ो के माध्यम से ही हम अच्छी तरह से सांस ले पाते है। यदि शरीर में फेफड़े ठीक से काम करना बंद कर दें तो तमाम तरह की परेशानियां आपको घेर सकती हैं। फेफड़ो के खराब होने से अस्थमा (Asthma), ब्रोंकाइटिस (Bronchitis), निमोनिया (Pneumonia), टीबी (TB), फेफड़ों का कैंसर (Lungs Cancer) इत्यादि के होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमें अपने फेफड़ो का ख्याल (Lungs Care) रखना बहत जरूरी है।
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो सिगरेट (Cigarette) ज्यादा पीते हैं या पॉल्यूशन (Pollution) वाली जगहों में निवास करते हैं, उन्हें भी अपने फेफड़ों का अधिक ख्याल रखना चाहिए। ऐसे में समय-समय पर फेफड़ों की सफाई होना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार, कुछ ऐसे उपाय हैं जिनके माध्यम से आप अपने फेफड़ो को डिटॉक्स (सफाई) कर सकते हैं।
फेफड़ों को डिटॉक्स (Lungs Detoxification) करने के लिए आपको अपने भोजन में या अपनी डाइट में हमेशा विटामिन सी (Vitamin C) से भरपूर फल एवं सब्जियों को जगह देनी चाहिए, जिससे आपके फेफड़े डिटॉक्स होते रहें। विटामिन सी का नियमित सेवन लंग्स के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है क्योंकि विटामिन सी में मौजूद गुण बहुत ही फायदेमंद होते है।
लहसुन का सेवन भी फेफड़ो को डिटॉक्स करता है, क्योंकि लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट होता है जोकि फेफड़ो की सफाई करने में मददगार होता है। आयुर्वेद के अनुसार लहसुन के सेवन से कफ से संबंधित बीमारियों को दूर करने में भी काफी सहायता मिलती है।
मुनक्का के द्वारा भी आप अपने फेफड़ों की सफाई कर सकते है। मुनक्के के सेवन से हमारे फेफड़े मजबूत होते है और साथ ही मुनक्कों का सेवन फेफड़ो के लिए काफी लाभकारी माना गया है।
तुलसी एक औषधीय पौधा है, जिसका आध्यात्मिक महत्व भी है। तुलसी के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट होते जो कि छाती में जमें कफ को दूर करने में काफी मदद करते है। यह सर्दी-जुकाम में भी लाभप्रद हैं।
मुलेठी एक आयुर्वेदिक औषधि है। मुलेठी में पर्याप्त मात्रा में एंटी-इंफ्लामेट्री गुण पाये जाते हैं, जिसके द्वारा फेफड़े डिटॉक्सीफाई हो जाते हैं। फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए आप कभी मुलेठी का सेवन जरूर करें।
रोज सुबह यदि आप अदरक के रस में शहद मिलाकर गर्म पानी के साथ पीते है तो भी आपके फेफड़ो की नियमित सफाई हो जाती है।
जी, हां आयुर्वेद की सहायता से फेफड़ो को दोबारा स्वस्थ किया जा सकता है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ चंचल शर्मा के अनुसार यदि आप अपने फेफड़ो को शुद्ध करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार का सहारा लेना चाह रहे है तो बिल्कुल ही इसके द्वारा ठीक किया जा सकता है।
दूषित वायु के द्वारा हमारे फेफड़े खराब होने लगते है जिनको स्वस्थ रखने के लिए आयुर्वेद के अनुसार प्रतिदिन सुबह-शाम गाय के शुद्ध देशी घी को नाक में एक-एक बूंद डालने से श्वसन नली खुली रहती है एवं दुषित हवा फेफड़ो तक नही जा पाती है।
आयुर्वेद के अनुसार गुड़ का सेवन करना बहुत ही अच्छा माना जाता है क्यों कि गुड़ एक औषधि है। इसमें मौजूद आयरन, खून एवं आक्सीजन की सप्लाई नियमित बनाये रखता है।
डॉ चंचल शर्मा के अनुसार स्टीम थेरेपी, च्यवनप्राश का नियमित सेवन, डिटॉक्स टी, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, कपालभाति प्राणायाम और भस्त्रीका प्राणायाम आदि माध्यम से फेफड़ो को प्रदूषण से बचाया जा सकता है।
(नोट: यह लेख आशा आयुर्वेदा की आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर चंचल शर्मा से हुई बातचीत पर आधारित है।)