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Neend Na Aane Ki Problem Kaise Thik Kare: नींद न आना, इस समस्या से एक उम्र के बाद हर कोई जूझता है। लेकन आजकल तो युवा भी नींद की कमी यानी कि इनसोम्निया का शिकार हो रहे हैं। यहां तक कि जिसे नींद नहीं आ रही है वह रोजाना रात को सोने से पहले से नींद की गोलियां खा रहा है। यह स्थिति और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है, अगर आप समय रहते ध्यान न दें। क्योंकि अगर ध्यान नहीं देंगे तो आपको गोलियों की लत लग जाएगी और दिमाग पर भी बुरा असर पड़ेगा। हम नहीं चाहते क आपके साथ ऐसा कुछ भी हो, इसलिए हमने नींद न आने की समस्या का नेचुरल उपचार पाने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर सुगीता मुटरेजा और आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा से बातचीत की।
डॉक्टर सुगीता ने बताया कि 'इनसोम्निया आयुर्वेद में वात का विकार माना गया है, तो इसमें नर्वस सिस्टम को काम करने के लिए आपको ध्यान देना चाहिए। नर्वस सिस्टम को सही तरीके से काम करने के लिए सबसे पहली और जरूरी चीज हैं कि सब आपके आयुर्वेद में मौजूद हैं। आप ब्राह्मी, अश्वगंधा, जटामांसी और तगर जड़ी बूटी आदि का सेवन कर सकते हैं।'
यह सारे हर्ब्स आयुर्वेद में बताए गए हैं कि जिनसे इनसोम्निया दूर हो सकता है। आइए आपको नींद न आने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपचार बताते हैं और साथ ही डॉक्टर द्वारा बताई गई इन जड़ी बूटियों के फायदों में भी बताते हैं।
ब्राह्मी- ब्राह्मी एक ऐसी जड़ी बूटी है जो दिमाग की काम करने की क्षमता को बढ़ाती है। याददाश्त को तेज करती है और मेंटल स्ट्रेस को कम करने में बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती हैं।
अश्वगंधा- हमें नींद स्ट्रेस की वजह से नहीं आती है, लेकिन अश्वगंधा कोर्टिसोल यानी कि स्ट्रेस हार्मोन को कम करके, नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है। जब दिमाग को रेस्ट मिलेगा तो नींद न आने की समस्या भी दूर होगी।
जटामांसी- आयुर्वेद में जटामांसी को इनसोम्निया के इलाज और नींद की क्वालिटी को सुधारने के लिए फायदेमंद माना जाता है। साथ ही यह न्यूरोट्रांसमीटर को ठीक रखता है।
तगर- आपने शायद तगर का नाम न सुना हो, लेकिन यह एक ऐसी जड़ी बूटी है जो नर्वस सिस्टम को शांत करके गामा-एमिनोब्यूट्रिक एसिड नाम के न्यूरोट्रांसमीटर के लेवल को बढ़ाकर काम करता है। यह न्यूरोट्रांमीटर इनसोम्निया और नींद टूटने की समस्या से राहत देता है।
डॉक्टर ने बताया कि 'दूसरी चीज है कि वात दोष को सेटल करने के लिए गर्म ऑयल का अभ्यंगम या मालिश बहुत जरूरी है। बस ऑयल अच्छा होना चाहिए। इससे लोकली आप हेड मसाज करें, पैरों को गर्म पानी में सोक करके तेल का मालिश करें या फिर आप अपने दोनों नोस्ट्रिल्स में बादाम तेल या फिर देशी घी रात को सोते समय लगाएं। मालिश करने से भी काफी आपको हेल्प हो सकती है।
डॉक्टर श्रेय ने बताया कि एक चीज और है कि आप रात को एक सूधिंग या कामिंग ड्रिंक पी सकते हैं। जैसे कि नटमेग पाउडर से बनी ड्रिंक। आपको दूध में या तो खस-खस पाउडर या फिर नटमेग पाउडर डालकर पी सकते हैं। यह उपाय बहुत ही ज्यादा रिलैक्सिंग हो जाता है।
इन सब चीजों को करने से आपका इंसोम्निया काफी हद तक दूर हो सकता है अगर वेट ज्यादा है तो वेट दूर करें, डिजिटल डिटॉक्स करें रात को 10 बजे कमरे से फोन बाहर निकाल दें ताकि आपका माइंड ज्यादा एक्टिव ना रहे और कोई अच्छी बुक या फिर लाइट म्यूजिक सुनें या स्लीप मेडिटेशन करें तो इससे भी आपको नींद आ सकती है।
वहीं आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा कहते हैं कि पहले तो आप समझें कि नींद के कारण को जानना बहुत जरूरी है। लेट नाइट खाना खाना और लेट नाइट सोना आदि जैसे कारण हैं तो पहले अपने इस लाइफस्टाइल को ठीक करें। यानी कि सूर्यास्त से पहले खाना खा लें और सही टाइम पर सो जाएं। डॉक्टर ने बताया कि मैं सोने का बेस्ट समय रात 8 बजे से सुबह 3 बजे तक का मानता हूं। आज के हिसाब से भी आपको समय पर खा लेना और सो जाना एक हेल्दी हैबिट है, जिसे आदत का हिस्सा बनाना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।