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घर पर ‘फुल बॉडी डिटॉक्स’ कैसे करें? जानें आयुर्वेद के अनुसार- अभ्यंग और सही जल सेवन का महत्व

घर पर फुल बॉडी डिटॉक्स करना कोई मुश्किल काम नहीं है। आयुर्वेद के सरल नियमों को अपनाकर आप अपने शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स कर सकते हैं।

घर पर ‘फुल बॉडी डिटॉक्स’ कैसे करें? जानें आयुर्वेद के अनुसार- अभ्यंग और सही जल सेवन का महत्व
आयुर्वेद में कुछ नियम बनाए गए हैं, जिन्हें अपनाकर बॉडी को डिटॉक्स किया जा सकता है।

Written by Ashu Kumar Das |Published : April 3, 2026 6:19 PM IST

Ayurveda Ki Hisab se Body Ko Detox Kaise Karein:  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच गलत खानपान, प्रदूषण के कारण शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं। शरीर में जमा इस गंदगी को निकालने के लिए कई तरह के डाइट प्लान को अपनाते हैं। लेकिन शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने के लिए आयुर्वेद फुल बॉडी डिटॉक्स की सलाह देता है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए पूरा दिन जूस, उपवास करना या है किसी प्रकार सलाद खाना नहीं है। आयुर्वेद कहता है कि फुल बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए शरीर, मन और दिनचर्या को संतुलित करना है। हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में मौजूद आयुर्वेदिक एक्सपर्ट का कहना है कि घर पर ही कुछ आसान तरीकों से “फुल बॉडी डिटॉक्स” किया जा सकता है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण हैं- अभ्यंग (स्वयं मालिश) और सही तरीके से पानी पीना। आइए जानते हैं इसके बारे में-

बॉडी को कैसे डिटॉक्स करता है अभ्यंग ?

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बताते हैं कि अभ्यंग एक प्रकार की आयुर्वेदिक थेरेपी है। इस प्रक्रिया में शरीर के विभिन्न हिस्से जैसे पैर, हाथ, सिर और बालों की तेल से मालिश की जाती है। अभ्यंग मालिश न सिर्फ शरीर के विभिन्न अंगों को आराम देती है, बल्कि शरीर को अंदर से शुद्ध करने का भी काम करती है। बॉडी को पूरी तरह से डिटॉक्स करने के लिए अभ्यंग प्रक्रिया को नीचे बताए गए तरीके से करें

  1. सुबह स्नान करने के बाद 10 मिनट का समय खुद के लिए निकालें।
  2. अब 1 कटोरी में नारियल या तिल का तेल हल्का गुनगुना कर लें।
  3. गुनगुने तेल से पैर, हाथ और सिर की हल्की- हल्की मालिश करें।
  4. 10 से 15 मिनट तक शरीर के विभिन्न अंगों की मालिश करने के बाद थोड़ी देर आराम करें।
  5. अभ्यंग मालिश करने के बाद हल्के गुनगुने पानी से स्नान करें।

आयुर्वेद के अनुसार अभ्यंग मालिश के फायदे

  1. आयुर्वेद के हिसाब से अभ्यंग मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे त्वचा और बालों से जुड़ी विभिन्न प्रकार की समस्याएं धीरे- धीरे कम होने लगती है।
  2. अभ्यंग मालिश में गुनगुने तेल से शरीर की मालिश की जाती है। इससे शरीर में मौजूद गंदगी बाहर निकलती है। इससे इम्यूनिटी मजबूत बनती है।
  3. अभ्यंग मालिश से मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द कम होता है। यह मानसिक तनाव और शारीरिक थकान को भी कम करने में सहायक होती है।
  4. आयुर्वेद के अनुसार नियमित अभ्यंग करने से “वात दोष” संतुलित रहता है, जो कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है।

बॉडी डिटॉक्स करने में पानी कैसे मददगार है?

फुल बॉडी डिटॉक्स करने का सबसे प्राकृतिक तरीका है पानी। आयुर्वेद के अनुसार- सही तरीके से पानी पीने से शरीर में जमा विभिन्न प्रकार की गंदगी बाहर निकलती है। बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए सुबह उठकर खाली पेट 1 से 2 गिलास गुनगुना पानी पिएं। सुबह के बाद थोड़ा- थोड़ा पानी पूरा दिन पिएं। शरीर को डिटॉक्स करने के लिए एक दिन में कम से कम 3 लीटर पानी जरूर पिएं। पानी हमेशा धीरे- धीरे थोड़ा- थोड़ा घूंटघूंटकर पिएं।

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सही तरीके से पानी पीने के फायदे

  • आयुर्वेद कहता है कि सही तरीके से पाना पीने से शरीर से गंदगी बाहर निकलती है। पानी पीने से यूरिन के जरिए गंदगी बाहर निकलती है।
  • सही तरीके से पानी पीने से पाचन तंत्रिका बेहतर रहती है। इससे पेट में दर्द, कब्ज और गैस की परेशानी दूर होती है।
  • पानी पीने से जब शरीर की गंदगी बाहर निकलती है। इससे त्वचा की समस्या जैसे पिंपल्स, एक्ने, झाइयां और झुर्रियां कम होती है।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।