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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 29, 2022 4:11 PM IST
आयुर्वेद में हरसिंगार को कई बीमारियों का इलाज माना गया है। इसके फूलों और पत्तों को कई समस्याओं को ठीक करने में इस्तेमाल किया जाता है। जहां, हरसिंगार की पत्तियों में बेंजोइक एसिड, फ्रुक्टोज, ग्लूकोज, कैरोटीन, एस्कॉर्बिक एसिड, मिथाइल सैलिसिलेट, टैनिक एसिड, ओलीनोलिक एसिड और फ्लेवनॉल ग्लाइकोसाइड होते हैं। तो वहीं हरसिंगार के फूल के अर्क में एंटीफंगल और एंटीवायरल गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें हेपेटोप्रोटेक्टिव और इम्यूनोस्टिमुलेंट गुण भी मौजूद होते हैं। जो कि अस्थमा और वायरल इंफेक्शन को भी कम करने में मदद कर सकते हैं। तो, आइए आज हम आपको हरसिंगार के सेवन का तरीका बताते हैं।
क्या आप लगातार खांसी और गले में जलन से पीड़ित हैं? हरसिंगार के पत्तों और फूलों से बनी चाय का उपयोग खांसी, जुकाम और ब्रोंकाइटिस को कम करने के लिए किया जाता है। दरअसल, हरसिंगार की चाय नें इथेनॉल अर्क एक उत्कृष्ट ब्रोन्कोडायलेटर की। यह अस्थमा में भी खूबसूरती से काम करता है इसके लिए अदरक के साथ कुछ पारिजात के फूल और पत्ते लें और इसे 2 कप पानी में 5-7 मिनट तक उबालें। अब इसे छान लें और इसमें शहद मिलाकर कर पिएं।
गठिया के मरीजों के लिए हरसिंगार एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। ये काढ़ा सूजन को दूर करता है और दर्द राहत दिलाने में मददगार है। इसके अलावा पारिजात के फूल और पत्ते में इथेनॉल की उपस्थिति इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने में मदद करती है। इसके लिएपारिजात के 20-25 पत्ते और फूल लें और 1 गिलास पानी डालकर पीस लें। मिश्रण को उबालकर आधा कर लें, फिर घोल को छानकर तीन बराबर भागों में बांट लें। प्रत्येक भाग का सेवन सुबह, दोपहर और शाम को पिएं।
हरसिंगार से बना काढ़ा डैंड्रफ को कंट्रोल करता है और बालों को स्वस्थ रखता है। हरसिंगार के फूल बालों के लिए टॉनिक के रूप में काम करते हैं और बालों को मजबूत बनाने और बालों को झड़ने से रोकने के लिए उपयोग किए जाते हैं। इसके लिए हरसिंगार के फूलों को पीस लें और इसमें थोड़ी पानी मिलाएं। ऊपर से नमक मिलाएं और इसका सेवन करें।