सर्दियों की थकान को जड़ से खत्म कर देगा शिलाजीत! आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके सेवन का सही तरीका

How Shilajit Can Naturally Combat Fatigue: शिलाजीत शारीरिक थकान को दूर करके आपको फ्रेश फील करवाता है। आइए जानते हैं कैसे कर सकते हैं शिलाजीत का सेवन।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : December 16, 2025 4:23 PM IST

How Shilajit Can Naturally Combat Fatigue: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आप भी अक्सर शारीरिक थकान से थक चुके हैं और इससे राहत पाने के लिए कोई नैचुरल उपाय खोज रहे हैं, तो शिलाजीत (Shilajit) का सेवन करके देखिए। आयुर्वेद में जिन प्राकृतिक औषधियों को थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी के लिए सर्वोत्तम माना गया है, उनमें शिलाजीत (Shilajit) का नाम सबसे ऊपर आता है। दिल्ली की आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा का कहना है शिलाजीत का सेवन करने से शरीर के सेल्स रिपेयर होते हैं, जिससे थकान दूर करने में मदद मिलती है।

शारीरिक थकान खत्म करने में शिलाजीत कैसे फायदेमंद है?

  1. डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, शिलाजीतमें मौजूद फुल्विक एसिड शरीर की कोशिकाओं तक सभी पोषक तत्वों को पहुंचाने में मदद करते हैं। इससे माइटोकॉन्ड्रिया की कार्यक्षमता बढ़ती है। माइट्रोकॉन्डिया की कार्यक्षमता बढ़ने पर शरीर जल्दी नहीं थकता है और पूरा दिन एक्टिव महसूस करता है।
  2. आयुर्वेद में शिलजीत को ओज को जीवन शक्ति माना गया है। शिलाजी खाने से शरीर अंदर से मजबूत बनाता है और शारीरिक थकान घटती है।
  3. शिलाजीत का सेवन करने से शरीर का वात दोष संतुलित होता है। आयुर्वेद में कहा गया है वात दोष के कारण अधिक थकान, जोड़ों में दर्द, कमजोरी और सुस्ती की समस्या होती है। शिलाजीत का सेवन करने से जब वात दोष संतुलित होता है, तो शारीरिक थकान स्वयं ही कम होने लगती है। शिलाजीत नसों की कमजोरी को भी खत्म करता है।
  4. आयुर्वेदाचार्य बताती हैं कि इन दिनों जंक, प्रोसेस्ड फूड और पैकेज्ड जूस का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है। इस तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करने से पाचन क्रिया कमजोर होती है। कमजोर पाचन भी थकान का बड़ा कारण है। इन परिस्थितियों में शिलाजीत का सेवन करने से पाचन अग्नि तेज होती है और खाने को सही से पचाती है। जब खाना सही तरीके से पचता है तो पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ता है। इससे शरीर की एनर्जी तेजी से बढ़ती है।

आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत का सेवन कैसे करें?

- शिलाजीत का सेवन करना बहुत ही आसान काम है। इसके लिए शुद्ध शिलाजीत 200 मिलीग्राम को 1 गिलास गुनगुने पानी या दूध के साथ लें। रोजाना सुबह खाली पेट इसका सेवन करें।

- अगर आपको ज्यादा शारीरिक थकान है तो आप अश्वगंधा चूर्ण के साथ शिलाजीत का सेवन कर सकते हैं। लेकिन इसके बारे में पहले आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लें।

शिलाजीत का सेवन कितने दिन करें?

डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि शिलाजीत का सेवन 40 से 90 दिनों तक किया जा सकता है। लेकिन शिलाजीत का सेवन करते समय बीच-बीच में गैस देना बहुत जरूरी है। जो लोग शरीर को एनर्जी देने के लिए शिलाजीत का सेवन कर रहे हैं, इसके बारे में एक बार आयुर्वेदाचार्य या अपने डॉक्टर से बात जरूर करें।

Highlights

  • आयुर्वेद में शिलाजीत को वात दोषक कहा गया है।
  • शिलाजीत खाने से शरीर की कमजोर दूर होती है।
  • शिलाजीत हमेशा आयुर्वेदाचार्य की सलाह पर ही करना चाहिए।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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