Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

वात दोष वालों को कब और कितनी मात्रा में जामुन खाना चाहिए?

Is jamun good for vata dosha : जामुन का सेवन काफी हेल्दी होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं वात दोष में कब और कितना जामुन खाएं?

वात दोष वालों को कब और कितनी मात्रा में जामुन खाना चाहिए?
VerifiedMedically Reviewed By:

Written by Kishori Mishra |Updated : July 11, 2024 11:44 AM IST

Is jamun good for vata dosha : गर्मियों में कई तरह के फलों की बाहर होती है, जिसमें जामुन भी शामिल है। गर्मियों के सीजन में सिर्फ 1 से 2 महीने मिलने वाला जामुन कई तरह के पोषक तत्वों का भंडार होता  है, जिससे आपको असंख्य लाभ हो सकते हैं। इस रसीले फल को जावा प्लम या इंडियन ब्लैकबेरी के नाम से जाना जाता है। इसमें कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है। इसके अलावा यह विटामिन सी, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और कुछ फाइटोकेमिकल्स का अच्छा सोर्स होता है। इसमें मूत्रवर्धक गुण होता है। साथ ही यह पॉलीफेनोलिक यौगिकों का एक समृद्ध स्रोत है।

आयुर्वेद में हृदय स्वाथ्य, गठिया, अस्थमा, पेट दर्द, आंत्र ऐंठन, पेट फूलना और पेचिश जैसी परेशानियों को दूर करने में जामुन गुणकारी होता है। गुणों के भंडार इस जामुन के सेवन से कई समस्याएं दूर हो सकती हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में जामुन का सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए। जी हां, वात दोष से पीड़ित मरीजों को जामुन का सेवन कम करना चाहिए।

वात दोष बढ़ावा देता  है जामुन

गाजियाबाद स्थित परमार्थ आश्रम के आयुर्वेदा एक्सपर्ट डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि जामुन का अधिक सेवन करने से यह शरीर में वात दोष को बढ़ाता है, जिससे पेट फूलने और खाने को पाचन में देरी हो सकती है। जिन लोगों को एथेरोस्क्लेरोसिस या ब्लड क्लोटिंग की परेशानी पहले से है, उन्हें जामुन का सेवन करने से (Who should not eat jamun?) बचना चाहिए। अगर आपके शरीर में वात अधिक है, तो इसके सेवन से बचें।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Also Read

More News

वात दोष में कब और कितना खाएं जामुन?

अगर आप वाष दोष से पीड़ित हैं या फिर आपकी प्रवृति वात है, तो इस स्थिति में जामुन सीमित मात्रा में ही खाएं। कोशिश करें कि खाना खाने के बाद जामुन खाएं, इससे आप अधिक जामुन नहीं खा पाते हैं। वहीं, इस दौराम 5 से 10 के बीच ही जामुन खाएं। इससे अधिक मात्रा में जामुन खाने से बचें।