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Written By: Atul Modi | Published : November 7, 2020 11:01 PM IST
हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए आजवाइन का प्रयोग कैसे करते हैं, क्या हैं इसके फायदे और सेवन का तरीका?
विज्ञान हमेशा आप की सेहत के लिए कई सारी चीजों को सुझाता है जो आप के शरीर के लिए सच में फायदेमंद होती है, चिया सीड्स कोलेस्ट्रॉल को घटाने के लिए, हरी पत्तेदार सब्जियों को पेट की चर्बी कम करने के लिए व एंटी ऑक्सीडेंट्स के लिए जामुन। परंतु अब हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए अजवाइन, परंतु क्या यह सच मे असरदार है?
इस बात मे कोई झूठ नहीं है कि पौधों से मिलने वाली चीजें हमारे लिए बहुत सेहतमंद होती हैं, वह हमें ढेर सारे एंटी ऑक्सीडेंट्स , विटामिन्स, मिनरल्स व फाइबर देते हैं। परन्तु यह बात पूरी तरह सच नहीं है कि इन चीजों के सप्लीमेंट्स लेने से भी आप को उतने ही लाभ होंगे जितने सीधे पेड़ से मिलने वाली चीजें खाने से मिलते है । पहले जानिए बीपी की वजह।
आप का बीपी उस दवाब को नापता है जो आप का हृदय रक्त को पंप करने के लिए लगाता है। यह दवाब जितना अधिक होगा आप के हृदय को अपना काम करने में उतनी ही अधिक कठिनाई होगी।
यदि आप का बीपी बहुत अधिक है, तो यह आप की ब्लड वेसल्स के साथ साथ आप के हृदय, किडनी, आखों व दिमाग को भी नष्ट कर सकता है। इससे हृदय सम्बन्धी बीमारियो, स्ट्रोक व अंधेपन आदि का खतरा बढ़ जाता है।
140/90 से अधिक बीपी को हाई माना जाता है परन्तु यदि आप को डायबिटीज या हार्ट डिजीज है तो 130/80 का बीपी भी आप के लिए हाई होता है। अपने बीपी को नियंत्रित रखने के लिए आप को अपना सोडियम इंटेक पर भी नियंत्रण में रखना होगा।
हाल ही में एक अध्ययन मे पता चला है कि अजवाइन हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के बीपी लेवल को नियंत्रण करने में लाभ पहुंचाती है। सिर्फ अजवाइन ही नहीं अजवाइन का पूरा पौधा पौष्टिक गुणों से भरपूर है। असल में इसमें कार्वाक्रोल नाम का कंपाउंड होता है, जो ह्दय की आर्टरी में बनने वाले दबाव को काफी कम करने में मददगार हैं।
इस में उपस्थित फाइटोकेमिकल आर्टरी वॉल के टिश्यू को रिलैक्स करता है ताकि ब्लड प्रेशर कम हो सके व ब्लड फ्लो बढ़ सके। अजवाइन में सोडियम मात्रा भी कम होती है । साथ ही इसका सेवन फाइबर, पोटैसियम व मैग्नेशियम भी प्रदान करता है। अतः अजवाइन का सेवन अवश्य करें।
अजवाइन मे दो लाभदायक एंटी ऑक्सिडेंट एपिगेनिन और ल्यूटोलिन होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दोनो तत्त्व सूजन को कम करने व सूजन जन्य बीमारियों को ठीक करने में भी सहायक है।
अजवाइन को भोजन में मसालों के रूप में या फिर पानी में उबालकर इस्तेमाल कर सकते हैं। चाहे तो उबले हुए पानी को छानकर एक बोतल में भर लें और सादे पानी की जगह अजवाइन के पानी का सेवन करें। अजवाइन के पानी से बनी भाप रोज सुबह और शाम लेने से अस्थमा के रोगी को भी काफी फायदा पहुंचता है। अजवाइन कफ और वात रोग नाशक भी है।