लहसुन, गुडूची और जायफल का तेल घुटनों का दर्द करेगा दूर, 30 से 80 साल के बूढों के लिए कारगर है नुस्खा

अगर आपकी उम्र 30 साल पार है और आपके घुटनों में लगातार दर्द हो रहा है तो आपको ये नुस्खा ट्राई करना चाहिए क्योंकि ये नुस्खा किसी भी उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : February 10, 2021 1:17 PM IST

घुटनों का दर्द एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी व्यक्ति को परेशान कर सकता है। हो न हो हर किसी के घर में मम्मी-पापा, सास-ससुर, बड़े भाई-बहन या तमाम तरह के रिश्तेदार जरूर रहते होंगे। इनमें से कुछ लोग बुजुर्ग भी होंगे। और हो न हो आपके घर में कोई न कोई व्यक्ति ऐसा जरूर होगा, जो घुटनों या फिर कमर दर्द की परेशानी से जूझ रहा होगा। आप इस दर्द को दूर करने के लिए तमाम तरह के उपाय करते भी होंगे लेकिन ये उपाय कितने प्रभावी हैं, इस बारे में कहना किसी के लिए भी सही नहीं होगा। ऐसे तमाम घरेलू नुस्खे हैं, जिनका उपयोग घुटनों के दर्द में किया जा सकता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लहसुन के जरिए आप घुटने के दर्द की इस समस्या से निजात पा सकते हैं। न्यूट्रिशिनिस्ट शुचि अग्रवाल इस लेख में आपको घुटनों के दर्द के लिए एक आजमाई हुई विधि बता रही हैं, जिससे आपको काफी फायदा मिल सकता है। आइए जानते हैं कौन सा है ये नुस्खा।

शुचि के मुताबिक, उनकी मां घर पर एक तेल बनाती हैं, जिसकी विधि आपको शुचि बता रही हैं। इस तेल को बनाने के लिए आपको सरसों के तेल में गुडूची की लकड़ी, लहसुन और जायफल को उबालकर मिलाना है। जिसके बाद ये दर्द निवारक तेल तैयार हो जाता है।

तेल बनाने के लिए विधि

  • लगभग आधा लीटर सरसों का तेल
  • 1 लहसुन/ लगभग 10-12 कलियां अच्छे सी कूट कर डालें
  • 2 जायफल, अच्छे से कूट कर डालें
  • 50 ग्राम गुडूची की सूखी डंठल, छोटे टुकड़ों में तोड़ कर डालें
  • सभी सामग्री को मध्यम से धीमी आंच पर घंटा भर पकायें।

गुडूची का काम

गुडूची को आप गिलोय नाम से भी जानते होंगे। आयुर्वेद के मुताबिक, गिलोय किसी अमृत से कम नहीं। शुचि के मुताबिक, गिलोय के बारे में कहा जाता है कि इसकी बेल जिस पेड़ पर चढ़ती है उसके गुण भी अपने अन्दर समाहित कर लेती है। आयुर्वेद के मुताबिक, नीम के पेड़ पर चढी हुए गिलोय को उपयोग के लिए सबसे बेहतर माना गया है।

लहसुन

आयुर्वेद में लहसुन का विशेष महत्व है। लहसुन एक साथ शरीर में कई रोगों का नाश करने के लिए जाना जाता है।

जायफल

जायफल की बात करें तो आयुर्वेद के मुताबिक, जब जायफल को तेल में पकाया जाता है तो उस पके हुए तेल से मालिश आपके हर दर्द को दूर भगा देती है।

कैसे बनाएं ये दर्द निवारक तेल

शुचि के मुताबिक, आपको सबसे पहले सरसों के तेल में सूखी गुडूची /गिलोय की लकड़ी को डालना है और उसके बाद लहसुन और जायफल को कूट कर भी उसी तेल में डाल देना है। सभी को तेल में डालने के बाद उस तेल को धीमी आंच पर अच्छे से पकाना है। जब तेल अच्छी तरह से पक जाए और उसमें से तेज महक उठने लगे तो आप गैस बंद कर दें। तेल को ज्यादा देर तक पकाने से उसमें मौजूद सभी सामग्री की सत तेल में आ जाती है, जो बेहद ही फायदेमंद है।

कैसे करें प्रयोग

  • तेल के पक जाने पर आप इसको ठंडा कर छान लें और बोतल में भरकर रख लें।
  • सुबह शाम इस तेल से अपने दोनों घुटनों की धीरे धीरे मालिश करें।
  • मालिश अहिस्ता होनी चाहिए ताकि आपकी त्वचा तेल को सोख ले।

(इनपुटः शुचि अग्रवाल, न्यूट्रिशिनिस्ट, कोरा वॉल से)

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